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UP: आगरा नगर निगम में पीएफ घोटाला, सेविका निलंबित; अवैध ढंग से हुई धन निकासी

Tue, 24 Jun 2025 09:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 24 Jun 2025 09:44 AM IST
सार

एसबीआई शाखा में पीएफ खातों से अवैध ढंग से धन निकासी हो रही थी। मामले का खुलासा होने के बाद सेविका को निलंबित कर दिया गया है।  
 

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PF scam in Agra Nagar Nigam maid suspended money withdrawn illegally
नगर निगम आगरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा नगर निगम में भविष्य निधि (पीएफ) खातों से धन निकासी के नाम पर घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। बिना विभागीय प्रक्रिया के 20 वर्षों में 750 से अधिक कर्मियों ने पैसा निकाल लिया। प्रथम दृष्टया दोषी महिला सेविका को निलंबित कर नगर आयुक्त ने अज्ञात के खिलाफ हरीपर्वत थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
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पीएफ खातों से भुगतान में घोटाला सामने आने के बाद सोमवार को विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय विभागीय कमेटी बना दी गई है। नगर निगम परिसर में भारतीय स्टेट बैंक शाखा है। यहां कर्मचारियों के भविष्य निधि खातों में जमा राशि को बिना विभागीय प्रक्रिया के निकाला जा रहा था। प्रारंभिक जांच में नगर निगम के कुछ कर्मचारियों और बैंककर्मियों की मिलीभगत सामने आई है।
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नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। एक महिला अनुचर अर्चना को निलंबित किया गया है। मामले की जांच के लिए मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी बृजेश कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी और मुख्य नगर लेखा परीक्षक निर्विकार गोयल की कमेटी बनाई गई है।

 

ऐसे सामने आया घोटाला
 नगर निगम में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर विशाल शर्मा किसी कार्य से बैंक गए थे। वहां उन्होंने पीएफ खातों से धन निकासी की एक सूची चस्पा देखी। वह हैरान रह गए। सामान्यत: ऐसी सूची उन्हीं के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक जाती है। शक होने पर उन्होंने नगर आयुक्त को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने बैंक अधिकारियों से बातचीत की। कड़ी नाराजगी जताई। संबंधित बैंक पटल बाबू की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए जांच की संस्तुति की गई है।

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फर्जी हस्ताक्षरों से चल रहा था खेल
मामले में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है। अप्रैल 2005 से पहले नियुक्त करीब 750 कर्मचारियों की भविष्य निधि कटौती की धनराशि को बिना विभागीय प्रक्रिया अपनाए निकाला जा रहा था। जबकि, पीएफ निकासी के लिए नगर निगम में अपर नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार तिवारी, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।

 

दोषियों पर होगी कार्रवाई
भविष्य निधि खाते से अनियमित आहरण का मामला सामने आया है। कर्मचारी ने अपना ही धन निकाला है। घोटाले जैसा कोई मामला नहीं है। यह वित्तीय अनियमितता जरूर है। प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
 
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