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धर्मनगरी में आने के बाद रायसीना हिल्स पहुंचने वाले तीसरे राष्ट्रपति होंगे रामनाथ कोविंद
राजीव अग्रवाल/अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 20 Jul 2017 05:34 PM IST
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आर वेंकटरमन, प्रणब मुखर्जी, रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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धर्मनगरी मथुरा और वृंदावन की महिमा पूरी दुनिया जानती है। मान्यता है कि ब्रज क्षेत्र के नाम से विख्यात इस धरती की रज (धूल) अगर मस्तक पर लग जाए तो मुक्ति भी जन्म और मृत्यु के बंधनों से मुक्त हो जाती। ऐसे में यह भी संयोग ही रहा कि अपने राजनीतिक काल में धर्मनगरी वृंदावन आने वाली हस्तियां रायसीना हिल्स तक भी पहुंची हैं।
बता दें कि जुलाई 1983 में भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति आर वेंकटरमन वृंदावन में ब्रज अकादमी के श्रीपाद बाबा के आश्रम आए थे। इसके कुछ माह बाद ही उन्होंने राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। यही संयोग भारत के वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ भी रहा है।
29 सितंबर 2005 भारत के रक्षामंत्री रहने के दौरान प्रणब मुखर्जी के कदम वृंदावन में पड़े। वे यहां रामकृष्ण मिशन अस्पताल में आपरेशन थियेटर का उद्घाटन करने आए थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन भी किए। इसके बाद प्रणब मुखर्जी भी भारत के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।
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राष्ट्रपति बनने के बाद प्रणब मुखर्जी दो बार वृंदावन आए। 16 नवंबर 2014 को उन्होंने यहां ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन किए और 18 नवंबर 2015 में ठाकुरराधारमणलाल के दर्शन वे वृंदावन आकर कर गए थे।
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बता दें कि जुलाई 1983 में भारत के तत्कालीन उपराष्ट्रपति आर वेंकटरमन वृंदावन में ब्रज अकादमी के श्रीपाद बाबा के आश्रम आए थे। इसके कुछ माह बाद ही उन्होंने राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। यही संयोग भारत के वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ भी रहा है।
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29 सितंबर 2005 भारत के रक्षामंत्री रहने के दौरान प्रणब मुखर्जी के कदम वृंदावन में पड़े। वे यहां रामकृष्ण मिशन अस्पताल में आपरेशन थियेटर का उद्घाटन करने आए थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वप्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन भी किए। इसके बाद प्रणब मुखर्जी भी भारत के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे।
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राष्ट्रपति बनने के बाद प्रणब मुखर्जी दो बार वृंदावन आए। 16 नवंबर 2014 को उन्होंने यहां ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन किए और 18 नवंबर 2015 में ठाकुरराधारमणलाल के दर्शन वे वृंदावन आकर कर गए थे।
रामनाथ कोविंद का भी धर्मनगरी से जुड़ाव
वृंदावन में बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने जा रहे रामनाथ कोविंद का भी वृंदावन से गहरा नाता रहा है। आठ अप्रैल 2017 को राम कृष्ण मिशन सेवाश्रम की कैथलैब का बिहार के राज्यपाल के रूप में रामनाथ कोविंद ने उद्घाटन किया था। इसके बाद ही उनको एनडीए का राष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया गया और वे चुनाव भी जीत गए हैं। इससे पहले रामनाथ कोविंद वर्ष 2005 में फोगला आश्रम में हुई आरएसएस के प्रचारकों की बैठक में भी शामिल हुए।