Agra Metro: तीन स्मारकों से और मिली मेट्रो कॉरिडोर की अनुमति, 100 मीटर की परिधि से बाहर होगा निर्माण
ताजनगरी में मेट्रो कॉरिडोर की जद में 10 से अधिक स्मारक आएंगे। इनमें कई स्मारक संरक्षित हैं। इनके आसपास निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण की अनुमति जरूरी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा किला, जामा मस्जिद और देहली गेट संरक्षित स्मारक के पास से मेट्रो कॉरिडोर गुजारने की अनुमति राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण से मिल गई है। इन तीनों स्मारकों की 100 मीटर परिधि से बाहर निर्माण होगा। मंगलवार को कमिश्नर और निगरानी समिति अध्यक्ष अमित गुप्ता ने मेट्रो व अन्य सदस्यों के साथ बैठक की।
ताजनगरी में 29 किमी मेट्रो कॉरिडोर बनेगा। इसकी जद में 10 से अधिक स्मारक आएंगे। इनमें कई स्मारक संरक्षित हैं। जिनकी 500 मीटर परिधि में निर्माण प्रतिबंधित है। जबकि अन्य स्मारकों के लिए 100 मीटर की परिधि तय की गई है।
कमिश्नर अमित गुप्ता ने बताया कि प्रोजेक्ट के दौरान स्मारकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी प्रतिबंधित परिधि से बाहर हैं। उन्होंने निर्माण के दौरान पर्यावरण मानकों का पूर्ण पालन कराने के आदेश दिए हैं। बैठक में मेट्रो निदेशक कार्य संजय मिश्रा व हैदराबाद से आई स्मारक विशेषज्ञ सदस्य के रूप में मौजूद रहे।
फतेहाबाद रोड पर बन रहे तीन स्टेशन
फतेहाबाद रोड पर 273 करोड़ रुपये की लागत से ताजपूर्वी, बसई और फतेहाबाद रोड मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं। ताजपूर्वी से बसई तक एलिवेटिड कॉरिडोर की बायडक्ट तैयार हो गई है। अब बसई से फतेहाबाद सेक्शन के बीच वायडक्ट बनाने के लिए आर्च गर्डर का प्रयोग किया जा रहा है।
आगरा मेट्रो आंकड़ों की नजर से
- 8379 करोड़ रुपये का मेट्रो प्रोजेक्ट
- 4300 करोड़ रुपये का ऋण मिलेगा यूरोपियन निवेश बैंक
- 1820 करोड़ रुपये से बन रहे सात भूमिगत स्टेशन
- 273 करोड़ रुपये से बन रहे तीन एलिवेटिड स्टेशन
- 112 करोड़ रुपये से बन रही पीएसी मैदान में डिपो
- 29 किमी. लंबाई में दो मेट्रो कॉरिडोर बनेंगे शहर में
- कुल 27 स्टेशन बनेंगे, सात भूमिगत, 20 एलिवेटिड