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आखिर कब दौड़ेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन, अफसर भी अंजान, आज रेल महाप्रबंधक करेंगे निरीक्षण
Fri, 20 Dec 2019 12:36 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 20 Dec 2019 12:36 AM IST
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मथुरा-कानपुर रेल ट्रैक
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा-कानपुर रेल ट्रैक के विद्युतीकरण का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है। इसके बावजूद कानपुर ट्रैक पर अभी भी इलेक्ट्रिक ट्रेन नहीं दौड़ रही। रेलवे के अफसर भी ट्रेन दौड़ने की संभावित तिथि से अनजान है। लोगों को अब रेल महाप्रबंधक से इलेक्ट्रिक ट्रेन से सुहाने सफर की उम्मीद है।
मथुरा से कानपुर तक ट्रैक के विद्युतीकरण का काम वर्ष 2016 के रेल बजट में मंजूर हुआ था। इसके बाद रेलवे की कार्यदाई संस्था इरकॉन को विद्युतीकरण के काम का जिम्मा दे दिया गया। इरकॉन ने काफी धीमी गति से काम किया।
मार्च माह तक निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं किया गया। इसके बाद बार-बार जल्द ही काम पूरा करने का भरोसा इरकॉन के अधिकारी रेलवे के अफसरों को देते रहे, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मथुरा से कासगंज के बीच भले ही काम पूरा कर दिया हो, लेकिन यहां मात्र एक पैसेंजर ट्रेन ही इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ रही है।
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कानपुर अनवरगंज और फर्रुखाबाद के बीच इलेक्ट्रिक काम लटका हुआ है। इससे इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन नहीं दौड़ पा रही। अब शुक्रवार को रेल महाप्रबंधक निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि महाप्रबंधक कोई तिथि निर्धारित कर लक्ष्य तय कर दें।
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मथुरा से कानपुर तक ट्रैक के विद्युतीकरण का काम वर्ष 2016 के रेल बजट में मंजूर हुआ था। इसके बाद रेलवे की कार्यदाई संस्था इरकॉन को विद्युतीकरण के काम का जिम्मा दे दिया गया। इरकॉन ने काफी धीमी गति से काम किया।
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मार्च माह तक निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं किया गया। इसके बाद बार-बार जल्द ही काम पूरा करने का भरोसा इरकॉन के अधिकारी रेलवे के अफसरों को देते रहे, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मथुरा से कासगंज के बीच भले ही काम पूरा कर दिया हो, लेकिन यहां मात्र एक पैसेंजर ट्रेन ही इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ रही है।
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कानपुर अनवरगंज और फर्रुखाबाद के बीच इलेक्ट्रिक काम लटका हुआ है। इससे इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन नहीं दौड़ पा रही। अब शुक्रवार को रेल महाप्रबंधक निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है कि महाप्रबंधक कोई तिथि निर्धारित कर लक्ष्य तय कर दें।
आंकड़े की नजर से
- 432.99 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ है विद्युतीकरण का काम।
- 2016-17 के बजट में कार्य की हुई थी स्वीकृति।
- 338 किलोमीटर रेल ट्रैक हुआ है विद्युतीकृत।
- 156 किलोमीटर ट्रैक पर अब तक गति परीक्षण कर चुके सीआरएस।
'रखेंगे लोगों का पक्ष'
रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य अखिलेश अग्रवाल ने कहाकि लोगों का पक्ष रेल महाप्रबंधक के समक्ष रखेंगे और इलेक्ट्रिक ट्रेन के अलावा अन्य समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। व्यापारी भी महाप्रबंधक से मिलने जाएंगे।
'जल्द काम पूरा होने की उम्मीद'
पीआरओ राजेंद्र सिंह ने कहा कि फर्रुखाबाद और कानपुर अनवरगंज के बीच विद्युतीकरण का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है। काम पूरा होते ही जल्द सीआरएस का निरीक्षण होगा। उसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी।
- 2016-17 के बजट में कार्य की हुई थी स्वीकृति।
- 338 किलोमीटर रेल ट्रैक हुआ है विद्युतीकृत।
- 156 किलोमीटर ट्रैक पर अब तक गति परीक्षण कर चुके सीआरएस।
'रखेंगे लोगों का पक्ष'
रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य अखिलेश अग्रवाल ने कहाकि लोगों का पक्ष रेल महाप्रबंधक के समक्ष रखेंगे और इलेक्ट्रिक ट्रेन के अलावा अन्य समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे। व्यापारी भी महाप्रबंधक से मिलने जाएंगे।
'जल्द काम पूरा होने की उम्मीद'
पीआरओ राजेंद्र सिंह ने कहा कि फर्रुखाबाद और कानपुर अनवरगंज के बीच विद्युतीकरण का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है। काम पूरा होते ही जल्द सीआरएस का निरीक्षण होगा। उसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने लगेगी।