फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   People go to the toilet field in the Odf villages of Agra

भाजपा सांसद के गोद लिए गांव में ग्रामीणों के हाथों से नहीं छूटा लोटा

Fri, 12 Oct 2018 09:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Fri, 12 Oct 2018 09:34 AM IST
विज्ञापन
People go to the toilet field in the Odf villages of Agra
टायलेट का उपयोग नहीं। - फोटो : अमर उजाला

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद की ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए एक महीने की मोहलत मिल गई है, लेकिन तीन साल बाद भी पंचायतीराज विभाग सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवों को ही खुले में शौचमुक्त नहीं कर सका है। हालांकि, कागजों में इन्हें ओडीएफ दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। 

विज्ञापन


एत्मादपुर ब्लाक का गांव टेहू हो या फिर फतेहपुरसीकरी का पुसैंता, ग्रामीणों के हाथ से लोटा नहीं छूटा है। टेहू में तो कई शौचालयों में कबाड़ भरा हुआ है। ऐसे में 31 अक्टूबर तक ओडीएफ का लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी ही नजर आता है।
विज्ञापन


जिले को दो अक्टूबर तक खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। पंचायतीराज विभाग के आंकड़ों में 695 ग्राम पंचायतों में 626 को खुले में शौचमुक्त दर्शाया जा रहा है। जिले की प्रगति रिपोर्ट 72 फीसदी है, लेकिन वास्तविकता में ऐसा कहीं नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया द्वारा गोद लिए गए टेहू ग्राम पंचायत को पंचायतीराज विभाग खुले में शौचमुक्त घोषित कर चुका है। इस गांव में विभाग को 732 शौचालय बनवाने थे। कागजों में आंकड़ा पूरा हो चुका है। इतने शौचालय बनाए जा चुके हैं, लेकिन गांव में अब भी कई परिवार खेतों में ही लोटा लेकर निवृत्त होने जाते हैं। 

गांव में कई शौचालय ऐसे हैं, जिन्हें कबाड़ रखने के लिए प्रयोग किया जा रहा है तो कई शौचालयों में लोगों ने कूड़ा करकट डाल रखा है। कुछेक शौचालय अधूरे भी पड़े हैं। नए चिह्नित हुए परिवारों के पास अब भी शौचालय नहीं हैं। स्वच्छ भारत मिशन में लोगों की आदत बदलने में विभाग नाकाम रहा है, यही कारण है कि ज्यादातर लोग अब भी खुले में शौच जाते हैं। 

ग्रामीणों को समझाया जा रहा है: डीपीआरओ 

-आदर्श गांवों में शौचालय निर्माण के लक्ष्य पूरे हो चुके हैं। इसके बाद भी वंचित परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है। लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। उन्हें समझाया जाता है। पहले से कुछ सुधार आया है।

जगदीशराम गौतम, जिला पंचायतराज अधिकारी


ग्राम पंचायत               ओडीएफ घोषित
695                              626

- गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए काम तेजी से चल रहा है। काफी बदलाव आया भी है। कुछ दिक्कतें हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है। सांसद रामशकंर कठेरिया का गोद लिया गांव ओडीएफ क्यों नहीं हो पाया, इस बारे में कुछ नहीं कह सकता हूं।
राम प्रताप सिंह चौहान, विधायक एत्माद्दौला

-टेहू को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। प्रशासन की तरफ से भी है और सांसद रामशंकर कठेरिया की ओर से भी। कुछ लोगों में जागरुकता की कमी है जिस कारण अभी भी खुले में शौच जा रहे हैं। इन्हें भी जागरुक किया जाएगा
शरद चौहान, प्रतिनिधि सांसद रामशंकर कठेरिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed