भाजपा सांसद के गोद लिए गांव में ग्रामीणों के हाथों से नहीं छूटा लोटा
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद की ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करने के लिए एक महीने की मोहलत मिल गई है, लेकिन तीन साल बाद भी पंचायतीराज विभाग सांसदों द्वारा गोद लिए गए गांवों को ही खुले में शौचमुक्त नहीं कर सका है। हालांकि, कागजों में इन्हें ओडीएफ दिखाया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है।
एत्मादपुर ब्लाक का गांव टेहू हो या फिर फतेहपुरसीकरी का पुसैंता, ग्रामीणों के हाथ से लोटा नहीं छूटा है। टेहू में तो कई शौचालयों में कबाड़ भरा हुआ है। ऐसे में 31 अक्टूबर तक ओडीएफ का लक्ष्य पूरा करना दूर की कौड़ी ही नजर आता है।
जिले को दो अक्टूबर तक खुले में शौचमुक्त करने का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। पंचायतीराज विभाग के आंकड़ों में 695 ग्राम पंचायतों में 626 को खुले में शौचमुक्त दर्शाया जा रहा है। जिले की प्रगति रिपोर्ट 72 फीसदी है, लेकिन वास्तविकता में ऐसा कहीं नहीं है।
सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया द्वारा गोद लिए गए टेहू ग्राम पंचायत को पंचायतीराज विभाग खुले में शौचमुक्त घोषित कर चुका है। इस गांव में विभाग को 732 शौचालय बनवाने थे। कागजों में आंकड़ा पूरा हो चुका है। इतने शौचालय बनाए जा चुके हैं, लेकिन गांव में अब भी कई परिवार खेतों में ही लोटा लेकर निवृत्त होने जाते हैं।
गांव में कई शौचालय ऐसे हैं, जिन्हें कबाड़ रखने के लिए प्रयोग किया जा रहा है तो कई शौचालयों में लोगों ने कूड़ा करकट डाल रखा है। कुछेक शौचालय अधूरे भी पड़े हैं। नए चिह्नित हुए परिवारों के पास अब भी शौचालय नहीं हैं। स्वच्छ भारत मिशन में लोगों की आदत बदलने में विभाग नाकाम रहा है, यही कारण है कि ज्यादातर लोग अब भी खुले में शौच जाते हैं।
ग्रामीणों को समझाया जा रहा है: डीपीआरओ
-आदर्श गांवों में शौचालय निर्माण के लक्ष्य पूरे हो चुके हैं। इसके बाद भी वंचित परिवारों का सर्वे कराया जा रहा है। लोगों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। उन्हें समझाया जाता है। पहले से कुछ सुधार आया है।
जगदीशराम गौतम, जिला पंचायतराज अधिकारी
ग्राम पंचायत ओडीएफ घोषित
695 626
राम प्रताप सिंह चौहान, विधायक एत्माद्दौला
-टेहू को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। प्रशासन की तरफ से भी है और सांसद रामशंकर कठेरिया की ओर से भी। कुछ लोगों में जागरुकता की कमी है जिस कारण अभी भी खुले में शौच जा रहे हैं। इन्हें भी जागरुक किया जाएगा
शरद चौहान, प्रतिनिधि सांसद रामशंकर कठेरिया