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देशभक्ति की धुन पर नए जोश का कैटवॉक
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:45 AM IST
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मां तुझे प्रण्ााम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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रंग-बिरंगे लिबास में सजी घरेलू महिलाएं। देशभक्ति के नाम मंच। कभी कैटवॉक तो कभी थिरकते कदम। घर-गृहस्थी के बोझ तले कहीं खो रही प्रतिभाओं ने जब अपने हुनर का प्रदर्शन किया तो दर्शक वाह-वाह कर उठे। इनकी तैयारी ऐसी थी कि प्रोफेशनल भी हैरान रह गए। गृहणियों में छुपी प्रतिभा को देख उनके घरवाले भी भौचक रह गए। देशप्रेमी दर्शकों की तालियों के बीच वे भी अभिभूत से उन्हें देखते रहे। देर रात तक सूरसदन में गूंजते ‘आजादी की दुल्हानिया अभी और निखरेगी’ जैसे स्वरों के बीच ताज क्वीन 2016 का ताज सोनल भाटिया के सिर सजा। फर्स्ट रनरअप आकांक्षा वर्मा और सेकेंड रनरअप स्वाति गोयल रहीं।
अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘मां तुझे प्रणाम’ के छठवें वर्ष में सोमवार को तीज क्वीन 2016 चुनी गई। इस दौरान घर की चौखट से मंच तक पहुंची मातृशक्ति के उड़ान की चाहत सामने आई। अपने कंधों पर समाज और देश के भावी नागरिकों के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी वहन करने वाली इन महिलाओं को अमर उजाला ने मंच दिया तो उन्होंने भी निराश नहीं किया। ऑडिशन के कई राउंड के बाद चुनी गईं 12 प्रतिभागियों ने फाइनल में हिस्सा लिया। देशभक्ति के रंग में रंगी इस प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने न सिर्फ अपनी अदाओं का जलवा बिखेरा बल्कि जज के सवालों का जवाब देकर अपनी बौद्धिक क्षमता का भी परिचय दिया। क्योंकि यह सिर्फ सौंदर्य ही नहीं हुनर और जज्बे का भी मुकाबला था। प्रतियोगिता की जज बॉलीवुड अदाकारा ऋषिता भट्ट थीं।
इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य कुशल यादव और सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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तीन चरणों में हुई
प्रतिभा की परख
प्रतियोगिता तीन राउंड हुए। पहला ब्राइडल, दूसरा टेलेंट और तीसरा तीज साड़ी राउंड। कैटवॉक हो, डांस हो या फिर सवाल-जवाब, हर फाइनलिस्ट ने खुद को अव्वल साबित करने में जान लगा दी। जज ऋषिता भट्ट ने उनका बौद्धिक स्तर भी परखा। अंतिम राउंड में छह प्रतिभागी आकांक्षा वर्मा, अंतरा जैन, स्वाति गोयल, पूनम पचौरी, संध्या शर्मा और सोनल भाटिया पहुंचीं। यहां सबको इस बार एक ही सवाल का सामना करना पड़ा। जज का सवाल था कि देश सेवा के लिए तुम क्या करना चाहती हो। इसके जवाब और ओवल ऑल परफार्मेंस के आधार पर सोनल भाटिया तीज क्वीन चुनी गईं। इन्हें ऋषिता भट्ट और 2015 की ‘तीज क्वीन’ शैफाली जैन ने ताज पहनाया।
हार-जीत से ऊपर
नया जोश, जज्बा
इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आईं गृहणियां जीतीं या हारीं, सभी एक नए जज्बे और आत्मविश्वास के साथ लौटीं। इस संदेश के साथ कि रुकिए 52 सेकेंड देश के लिए, 15 अगस्त सुबह दस बजे। कार्यक्रम का संचालन माही ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
अमर उजाला के अभिनव अभियान ‘मां तुझे प्रणाम’ के छठवें वर्ष में सोमवार को तीज क्वीन 2016 चुनी गई। इस दौरान घर की चौखट से मंच तक पहुंची मातृशक्ति के उड़ान की चाहत सामने आई। अपने कंधों पर समाज और देश के भावी नागरिकों के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी वहन करने वाली इन महिलाओं को अमर उजाला ने मंच दिया तो उन्होंने भी निराश नहीं किया। ऑडिशन के कई राउंड के बाद चुनी गईं 12 प्रतिभागियों ने फाइनल में हिस्सा लिया। देशभक्ति के रंग में रंगी इस प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने न सिर्फ अपनी अदाओं का जलवा बिखेरा बल्कि जज के सवालों का जवाब देकर अपनी बौद्धिक क्षमता का भी परिचय दिया। क्योंकि यह सिर्फ सौंदर्य ही नहीं हुनर और जज्बे का भी मुकाबला था। प्रतियोगिता की जज बॉलीवुड अदाकारा ऋषिता भट्ट थीं।
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इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य कुशल यादव और सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान ने मां भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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तीन चरणों में हुई
प्रतिभा की परख
प्रतियोगिता तीन राउंड हुए। पहला ब्राइडल, दूसरा टेलेंट और तीसरा तीज साड़ी राउंड। कैटवॉक हो, डांस हो या फिर सवाल-जवाब, हर फाइनलिस्ट ने खुद को अव्वल साबित करने में जान लगा दी। जज ऋषिता भट्ट ने उनका बौद्धिक स्तर भी परखा। अंतिम राउंड में छह प्रतिभागी आकांक्षा वर्मा, अंतरा जैन, स्वाति गोयल, पूनम पचौरी, संध्या शर्मा और सोनल भाटिया पहुंचीं। यहां सबको इस बार एक ही सवाल का सामना करना पड़ा। जज का सवाल था कि देश सेवा के लिए तुम क्या करना चाहती हो। इसके जवाब और ओवल ऑल परफार्मेंस के आधार पर सोनल भाटिया तीज क्वीन चुनी गईं। इन्हें ऋषिता भट्ट और 2015 की ‘तीज क्वीन’ शैफाली जैन ने ताज पहनाया।
हार-जीत से ऊपर
नया जोश, जज्बा
इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आईं गृहणियां जीतीं या हारीं, सभी एक नए जज्बे और आत्मविश्वास के साथ लौटीं। इस संदेश के साथ कि रुकिए 52 सेकेंड देश के लिए, 15 अगस्त सुबह दस बजे। कार्यक्रम का संचालन माही ने किया। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।