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पटना की इंजीनियर युवती ने ‘लड़का’ बनने के लिए छोड़ा घर, हैरान कर देगी इसकी कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 06 Oct 2018 11:42 AM IST
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आगरा के आशा ज्योति केंद्र में समलैंगिकता का मामला सामने आया है। घर से भागकर आई एक युवती सहेली के साथ रहने की जिद पर अड़ गई। उसका कहना था कि वो लड़का बनना चाहती है।
समलैंगिक जोड़े में एक युवती लड़के की तरह व्यवहार करती है। युवती को आगरा कैंट पर बेटिकट पकड़ा गया। आशा ज्योति केंद्र में रखा गया तो इसने हंगामा खड़ा कर दिया।
युवती पटना की रहने वाली है। बीटेक किया हुआ है। गेट की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी, उसे पटना से लेने आए उसके भाई ने बताया कि बीटेक करने के दौरान बहन को किसी लड़की से प्यार हो गया।
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समलैंगिक जोड़े में एक युवती लड़के की तरह व्यवहार करती है। युवती को आगरा कैंट पर बेटिकट पकड़ा गया। आशा ज्योति केंद्र में रखा गया तो इसने हंगामा खड़ा कर दिया।
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युवती पटना की रहने वाली है। बीटेक किया हुआ है। गेट की परीक्षा देने की तैयारी कर रही थी, उसे पटना से लेने आए उसके भाई ने बताया कि बीटेक करने के दौरान बहन को किसी लड़की से प्यार हो गया।
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दो साल से चल रहा है इलाज
कई बार युवती ने घर में लड़का बनने की इच्छा भी जताई। इस पर परिवार के सदस्यों ने गुस्सा जताया। दो साल से उसका उपचार चल रहा है, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ है। 28 सितंबर की शाम को वो अपने शैक्षणिक दस्तावेज लेकर घर से भाग आई।
उसका कहना है कि वो बेंगलुरू जा रही थी। वहां एक कंपनी में काम करना चाहती है। पैसे आएंगे तो वो अपनी ख्वाहिश पूरी करेगी। युवती ने कैंट स्टेशन पर पकड़े जाने के बाद हंगामा किया। इस पर आशा ज्योति केंद्र की टीम उसे साथ ले आई। यहां उसने खुद को आराम कक्ष में बंद कर दिया। हंगामा किया। गेट तोड़कर उसे निकाला गया।
भाई, बुआ को पहचानने से इंकार
केंद्र पर लेने पहुंचे भाई, बुआ और चाचा को लड़की ने पहचानने से इंकार कर दिया। पुलिस को भी गुमराह करने की पूरी कोशिश की, उसके भाई ने आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस पुलिस को दिखाया।
पिता से वीडियो कॉल के जरिए युवती की बात करवाई। लंबे प्रयास पर भी युवती परिवार के साथ जाने को राजी नहीं हुई। बाद में पुलिस ने सुपुर्दनामा लिखवाकर युवती को परिवार के सदस्यों संग भेजा।
उसका कहना है कि वो बेंगलुरू जा रही थी। वहां एक कंपनी में काम करना चाहती है। पैसे आएंगे तो वो अपनी ख्वाहिश पूरी करेगी। युवती ने कैंट स्टेशन पर पकड़े जाने के बाद हंगामा किया। इस पर आशा ज्योति केंद्र की टीम उसे साथ ले आई। यहां उसने खुद को आराम कक्ष में बंद कर दिया। हंगामा किया। गेट तोड़कर उसे निकाला गया।
भाई, बुआ को पहचानने से इंकार
केंद्र पर लेने पहुंचे भाई, बुआ और चाचा को लड़की ने पहचानने से इंकार कर दिया। पुलिस को भी गुमराह करने की पूरी कोशिश की, उसके भाई ने आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस पुलिस को दिखाया।
पिता से वीडियो कॉल के जरिए युवती की बात करवाई। लंबे प्रयास पर भी युवती परिवार के साथ जाने को राजी नहीं हुई। बाद में पुलिस ने सुपुर्दनामा लिखवाकर युवती को परिवार के सदस्यों संग भेजा।