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बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं: ऑटो में इलाज के लिए घंटे भर तक तड़पती रही किशोरी, एसएन में नहीं बना पर्चा

Wed, 04 Aug 2021 12:18 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 04 Aug 2021 12:18 AM IST
सार

बोले-सवा 12 बजे काउंटर पर गए तो कहा कि अब नहीं बनेगा पर्चा, डॉक्टरों ने बिना पर्चे के देखने से किया मना, मजबूरी में लौटा

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Patient Wait For Treatment In Auto At Sn Medical College
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लापरवाही देखने मिली। यहां गेट पर ऑटो में घंटे भर तक किशोरी इलाज के अभाव में तड़पती रही लेकिन पर्चा नहीं बना। कहा गया कि 12:15 हो रहे हैं, पर्चा 12 बजे तक ही बनता है। चिकित्सक ने बिना पर्चे के मरीज को देखने से मना कर दिया। बेटी के दर्द से व्याकुल पिता काउंटर और चिकित्सकों के पास चक्कर लगाता रहा, कोई सुनवाई न होने पर मरीज को लेकर लौट गया।

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देवरी रोड निवासी बृजमोहन ने बताया कि उनकी बेटी प्रियंका (16) का इलाज घड़ी वाली इमारत में चल रहा था। यहां ठीक होने पर बीते सप्ताह डिस्चार्ज कर दिया। सोमवार की देर रात बेटी को तेज बुखार आ गया, आंखों से भी कम दिखने लगा। घबराहट भी होने लगी। ऐेसे में मंगलवार को ऑटो से बेटी को लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आए। करीब 12:15 बजे काउंटर पर पहुंचे तो वहां बताया कि अब पर्चा नहीं बन पाएगा। 12 बजे तक ही पर्चा बनवाते हैं, कल आना। बेटी की हालत को देखते हुए चिकित्सकों के पास गए तो उन्होंने पर्चा बनवाकर लाने को कहा, बिना पर्चा के मरीज नहीं देखेंगे, यह कहते हुए लौटा दिया। काउंटर पर फिर गया, पर्चा लेकिन मना कर दी। इधर-उधर चक्कर काटने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई तो बेटी को लकर वापस आ गए।
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मरीज को क्यों नहीं देखा गया, पता करता हूं
लखनऊ से सर्वर संचालित होता है, 12 बजे के बाद सर्वर बंद हो जाता है। इस कारण पर्चा नहीं बना होगा। फिर भी, पर्चा नहीं बनने पर भी मरीज को देखना चाहिए या फिर उसे इमरजेंसी भेजना चाहिए। ऐसा क्यों नहीं हुआ पता करता हूं। -डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य 
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