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'अंधेरे' में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल की रोशनी में लगाए मरीज के घाव पर टांके
Mon, 02 Sep 2019 12:09 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 02 Sep 2019 12:09 AM IST
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मोबाइल की रोशनी में घायल के घाव पर लगाए टांके
- फोटो : ANI
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फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं अंधेरे में हैं। यहां मरीजों के साथ अस्पताल का स्टाफ भी परेशान है। बिजली न होने पर स्टाफ मोबाइल की रोशनी में उपचार करने को मजबूर है। शनिवार को अस्पताल में ऐसा ही मामला सामने आया है।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रामनिवास नगर निवासी रेखादेवी अपने पिता तोफान सिंह को गंभीर हालत में लेकर आईं। उनके माथे पर चोट लगी हुई थी। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से टांके लगाने के लिए कहे लेकिन कक्ष में रोशनी न होने पर स्टाफ तैयार नहीं हुआ।
बाद में मरीज की हालत को देखते हुए स्टाफ ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में घायल के घाव में टांके लगाए। लेकिन रोशनी कम होने के कारण उन्हें परेशानी आ रही थी। स्टाफ ने बताया कि रात में बिजली नहीं आई, जिसकी वजह से इन्वर्टर बैठ गया है। जेनरेटर के बारे में पूछा तो बताया गया कि जेनरेटर चालू नहीं हुआ है।
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अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रामनिवास नगर निवासी रेखादेवी अपने पिता तोफान सिंह को गंभीर हालत में लेकर आईं। उनके माथे पर चोट लगी हुई थी। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ से टांके लगाने के लिए कहे लेकिन कक्ष में रोशनी न होने पर स्टाफ तैयार नहीं हुआ।
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बाद में मरीज की हालत को देखते हुए स्टाफ ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में घायल के घाव में टांके लगाए। लेकिन रोशनी कम होने के कारण उन्हें परेशानी आ रही थी। स्टाफ ने बताया कि रात में बिजली नहीं आई, जिसकी वजह से इन्वर्टर बैठ गया है। जेनरेटर के बारे में पूछा तो बताया गया कि जेनरेटर चालू नहीं हुआ है।
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बिजली न होने से स्टाफ बेहाल
भीषण गर्मी में स्टाफ का भी बिना बिजली के कक्ष अथवा इमरजेंसी कक्ष में बैठना मुश्किल हो रहा था। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक और डॉ. एसके कर्दम दोनों इमरजेंसी के बाहर पेड़ के नीचे खड़े थे। जब डॉक्टर से पूछा तो उन्होंने बताया कि गर्मी में बिना पंखे के कक्ष में बैठा नहीं जा रहा है।
इस संबंध में सीएमओ एसके दीक्षित से बात की तो उन्होंने बताया कि 15 दिन पूर्व भी एक शिकायत आई थी। तब उन्हें बताया गया था कि जेनरेटर खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि अब नोटिस भेज कर इस मामले का जवाब मांगा जायेगा।
इस संबंध में सीएमओ एसके दीक्षित से बात की तो उन्होंने बताया कि 15 दिन पूर्व भी एक शिकायत आई थी। तब उन्हें बताया गया था कि जेनरेटर खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि अब नोटिस भेज कर इस मामले का जवाब मांगा जायेगा।