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मौत के बाद मरीज को वेंटीलेटर पर रखा, आरोप लगाकर अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा
Thu, 24 Oct 2019 12:29 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 24 Oct 2019 12:29 AM IST
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सिकंदरा हाईवे स्थित प्रभा हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। आरोप है कि रुपयों के लिए मौत के बाद भी मरीज को आईसीयू में रखा और दवाएं मंगाते रहे। परिजनों ने सिकंदरा थाने में चिकित्सकों के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
इटावा के भरथना निवायी योगेंद्र कुमार ने अपनी ममेरी बहन रचना (17) को मौर्या हॉस्पिटल में डॉ. एसडी मौर्या को दिखाया। उन्होंने अपने यहां आईसीयू न होने की बात कहते हुए प्रभा हॉस्पिटल में भर्ती कराकर ऑपरेशन कर दिया।
इसके बाद हालत बिगड़ती गई। खर्चा बढ़ने पर चिकित्सक को अपनी आर्थिक स्थित का हवाला देते हुए मरीज को सरकारी अस्पताल के लिए रेफर करने को कहा। लेकिन, इन्होंने दो-तीन दिन में मरीज ठीक होने का आश्वासन दिया।
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इटावा के भरथना निवायी योगेंद्र कुमार ने अपनी ममेरी बहन रचना (17) को मौर्या हॉस्पिटल में डॉ. एसडी मौर्या को दिखाया। उन्होंने अपने यहां आईसीयू न होने की बात कहते हुए प्रभा हॉस्पिटल में भर्ती कराकर ऑपरेशन कर दिया।
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इसके बाद हालत बिगड़ती गई। खर्चा बढ़ने पर चिकित्सक को अपनी आर्थिक स्थित का हवाला देते हुए मरीज को सरकारी अस्पताल के लिए रेफर करने को कहा। लेकिन, इन्होंने दो-तीन दिन में मरीज ठीक होने का आश्वासन दिया।
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22 अक्तूबर को डॉक्टर ने हालत ठीक न होने की कहकर कहीं और ले जाने को कहा। 1.31 लाख रुपये का बिल थमा दिया। अब तक चार लाख रुपये खर्च हो गए थे। बुधवार सुबह सात बजे पर्चा देकर दवा मंगाई, अस्पताल स्थित स्टोर से 22 तारीख का बिल देने पर विरोध किया तो उसने अभद्रता की।
मामला बिगड़ता देख अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीज की मौत हो गई है। इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। 100 नंबर पर पुलिस को बुलाया और तहरीर दी।
योगेंद्र ने बताया कि मरीज की मौत पांच बजे ही हो गई थी, किसी को मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। रुपयों के लिए मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया, डिस्चार्ज नहीं किया।
मामला बिगड़ता देख अस्पताल प्रशासन ने कहा कि मरीज की मौत हो गई है। इस पर परिजन भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। 100 नंबर पर पुलिस को बुलाया और तहरीर दी।
योगेंद्र ने बताया कि मरीज की मौत पांच बजे ही हो गई थी, किसी को मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। रुपयों के लिए मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया, डिस्चार्ज नहीं किया।
प्रभा हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मरीज की आंतों में संक्रमण था। हालत गंभीर थी, इस बाबत परिजनों को बताया भी था। बिल मांगने पर परिजन भड़क गए। इलाज में कैसी भी लापरवाही नहीं बरती।
सीएमओ ने जांच को बनाई कमेटी
मरीज के इलाज में लापरवाही की शिकायत करने के लिए तीमारदार सीएमओ के कैंप कार्यालय गए। यहां सीएमओ से मुलाकात न होने पर शिकायती पत्र देकर आए। इसको संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने एसीएमओ डॉ. आरके अग्निहोत्री को जांच के लिए कहा है।
सीएमओ ने जांच को बनाई कमेटी
मरीज के इलाज में लापरवाही की शिकायत करने के लिए तीमारदार सीएमओ के कैंप कार्यालय गए। यहां सीएमओ से मुलाकात न होने पर शिकायती पत्र देकर आए। इसको संज्ञान में लेते हुए सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने एसीएमओ डॉ. आरके अग्निहोत्री को जांच के लिए कहा है।