{"_id":"584464494f1c1b0e2fa86753","slug":"patato-also-could-not-remove-freight-vegetables","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाड़ा भी नहीं निकाल सका सब्जियों का राजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाड़ा भी नहीं निकाल सका सब्जियों का राजा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
नोटबंदी बाद से नहीं बिका आलू,
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोल्ड स्टोर: 240
कुल पैकेट: 5.50 करोड़
बाकी: 40 लाख पैकेट कोल्ड स्टोर में
कोल्ड स्टोरेज से
क्वालिटी कीमत
किर्री 5-20 रुपये
गुल्ला 70-100 रुपये
छट्टा 100-200 रुपये
किसानों का भाड़ा भी नहीं निकाल सका सब्जियों का राजा। दिवाली के बाद से जहां उम्मीद आलू के भाव में उछाल की थी वहीं नोटबंदी ने अब ये हालात पैदा कर दिए कि इसे फेंकना पड़ रहा है। 40 लाख पैकेट कोल्ड स्टोर से बाहर नहीं आया। जबकि 100 रुपये प्रति पैकेट भाड़ा है। रही-सही कसर बाजार में आए नए आलू ने पूरी कर दी।
जनपद मेें आलू की करीब 70 हजार हेक्टेयर फसल है। यहां 240 कोल्ड स्टोर हैं और इनमें लगभग 4.50 करोड़ पैकेट जमा होते हैं। निकासी की अंतिम तिथि 30 नवंबर के बाद अभी भी कोल्ड स्टोरेज में लगभग 40 लाख पैकेट नहीं निकले हैं। किसान मोहम्मद आलमगीर का कहना है कि छुट्टा आलू खरीदने कोल्ड स्टोर पर व्यापारी नहीं आ रहे, अन्य राज्यों की मंडी ले जाने पर ट्रक का भाड़ा भी नहीं मिल रहा। अब स्टोर भी खाली करने हैं, ऐसे में इन्हें फेंकना मजबूरी है। आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के महासचिव राजेश गोयल बताते हैं कि पहले निकासी 31 अक्टूबर रहती थी, अब एक महीना बढ़ गया है। किसान दिवाली बाद अच्छी कीमत की आस लगाए हुए थे, अब नोटबंदी से पुराने आलू की खरीददार नहीं मिल रहे।
सब्जियों की नहीं निकल रही लागत
नोटबंदी से सब्जियों के दामों में भी भारी गिरावट हुई। सब्जियों की लागत तक नहीं निकल रही। आठ नवंबर से अब के बीच मुकाबला करें तो दामों में 50-70 फीसदी कम हुए हैं। सबसे ज्यादा खस्ता हाल गोभी का हुआ है। किसानों को 180-200 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। अगर लागत की बात करें तो प्रति बीघा 5-8 हजार रुपये है। शमसाबाद के किसाने रंजीत सिंह बताते हैं कि अब गोभी की करीब 25 फीसदी फसल बाकी होगी, नई फसल भी लगानी है। नोटबंदी में जो दाम मिले बेचने को मजबूर हैं। हालत ये कि लागत तक नहीं निकल रही।
विज्ञापन
मंडी में सब्जियां (प्रति किग्रा)
गोभी 2-3 रुपये
पालक 4-5 रुपये
बैंगन 2-4 रुपये
मैथी 5-6 रुपये
टमाटर 8-12 रुपये
लौकी 3-5 रुपये
बंदगोभी 3-4 रुपये
प्याज 6-10 रुपये
गाजर 4-6 रुपये
अदरक 30 रुपये
आलू (नया) 6-8 रुपये
सेम 20 रुपये
मिर्च 8-12 रुपये
धनिया 10-15 रुपये
मटर 40 रुपये
विज्ञापन
कुल पैकेट: 5.50 करोड़
बाकी: 40 लाख पैकेट कोल्ड स्टोर में
कोल्ड स्टोरेज से
क्वालिटी कीमत
किर्री 5-20 रुपये
गुल्ला 70-100 रुपये
छट्टा 100-200 रुपये
किसानों का भाड़ा भी नहीं निकाल सका सब्जियों का राजा। दिवाली के बाद से जहां उम्मीद आलू के भाव में उछाल की थी वहीं नोटबंदी ने अब ये हालात पैदा कर दिए कि इसे फेंकना पड़ रहा है। 40 लाख पैकेट कोल्ड स्टोर से बाहर नहीं आया। जबकि 100 रुपये प्रति पैकेट भाड़ा है। रही-सही कसर बाजार में आए नए आलू ने पूरी कर दी।
जनपद मेें आलू की करीब 70 हजार हेक्टेयर फसल है। यहां 240 कोल्ड स्टोर हैं और इनमें लगभग 4.50 करोड़ पैकेट जमा होते हैं। निकासी की अंतिम तिथि 30 नवंबर के बाद अभी भी कोल्ड स्टोरेज में लगभग 40 लाख पैकेट नहीं निकले हैं। किसान मोहम्मद आलमगीर का कहना है कि छुट्टा आलू खरीदने कोल्ड स्टोर पर व्यापारी नहीं आ रहे, अन्य राज्यों की मंडी ले जाने पर ट्रक का भाड़ा भी नहीं मिल रहा। अब स्टोर भी खाली करने हैं, ऐसे में इन्हें फेंकना मजबूरी है। आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के महासचिव राजेश गोयल बताते हैं कि पहले निकासी 31 अक्टूबर रहती थी, अब एक महीना बढ़ गया है। किसान दिवाली बाद अच्छी कीमत की आस लगाए हुए थे, अब नोटबंदी से पुराने आलू की खरीददार नहीं मिल रहे।
विज्ञापन
सब्जियों की नहीं निकल रही लागत
नोटबंदी से सब्जियों के दामों में भी भारी गिरावट हुई। सब्जियों की लागत तक नहीं निकल रही। आठ नवंबर से अब के बीच मुकाबला करें तो दामों में 50-70 फीसदी कम हुए हैं। सबसे ज्यादा खस्ता हाल गोभी का हुआ है। किसानों को 180-200 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल रहे हैं। अगर लागत की बात करें तो प्रति बीघा 5-8 हजार रुपये है। शमसाबाद के किसाने रंजीत सिंह बताते हैं कि अब गोभी की करीब 25 फीसदी फसल बाकी होगी, नई फसल भी लगानी है। नोटबंदी में जो दाम मिले बेचने को मजबूर हैं। हालत ये कि लागत तक नहीं निकल रही।
विज्ञापन
मंडी में सब्जियां (प्रति किग्रा)
गोभी 2-3 रुपये
पालक 4-5 रुपये
बैंगन 2-4 रुपये
मैथी 5-6 रुपये
टमाटर 8-12 रुपये
लौकी 3-5 रुपये
बंदगोभी 3-4 रुपये
प्याज 6-10 रुपये
गाजर 4-6 रुपये
अदरक 30 रुपये
आलू (नया) 6-8 रुपये
सेम 20 रुपये
मिर्च 8-12 रुपये
धनिया 10-15 रुपये
मटर 40 रुपये