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Firoazabad: पर्युषण पर्व में कठोर साधना के साथ भक्ति...जैन धर्मलांबियों का इस तरह व्रत-उपवास में बीत रहा दिन
Mon, 09 Sep 2024 03:06 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
दीपक जैन, फिरोजाबाद
दीपक जैन, फिरोजाबाद
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 09 Sep 2024 03:06 PM IST
सार
पर्युषण महापर्व में बहुत से ऐसे श्रद्धालु है जिन्होंने कठोर साधना को अपनाते हुए अन्न-जल का भी त्याग कर रखा है और वह व्रत उपवास कर रहे हैं ।
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पर्युषण महापर्व
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पर्युषण महापर्व में जैन समाज के लोग कठोर साधना के साथ भक्ति कर रहे हैं। फिरोजाबाद के नसिया जी मंदिर में जैन मुनि बालयोगी अमित सागर महाराज के सानिध्य में प्रातः 5:00 बजे से रात्रि तक अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में सैकड़ो की संख्या में भक्तजन भाग ले रहे हैं। इस महापर्व में जैन श्रद्धालु व्रत उपवास के साथ अपनी दिनचर्या को व्यतीत कर रहे हैं।
बहुत से ऐसे श्रद्धालु है जिन्होंने कठोर साधना को अपनाते हुए अन्न-जल का भी त्याग कर रखा है और वह व्रत उपवास कर रहे हैं । अनेक श्रद्धालु 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही अन्न-जल ग्रहण कर रहे हैं। बहुत से ऐसे श्रद्धालु हैं जो इन 10 दिनों में घी, दूध, तेल, नमक, चीनी आदि का त्याग कर नीरसआहार ले रहे हैं।
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जैन समाज में पर्युषण पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। इन 10 दिनों में श्रद्धालु जन कठोर साधना करते हैं। व्रत उपवास करते हैं और पूरा दिन पूरा दिन पूजा आराधना में व्यतीत करते हैं। उत्तम क्षमा धर्म के साथ पर्यूषण पर्व 8 सितंबर को शुरू हुए हैं और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के साथ 17 सितंबर को पर्व का समापन होगा।
भक्त कुमकेश जैन ने कहा कि जैन मुनि बालयोगी अमित सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रमों से काफी धर्म प्रभावना हो रही है। मुनि भक्त प्रवीण जैन ने कहा कि मुनिश्री के सानिध्य में सुबह से रात तक आत्म साधना से जुड़े आयोजन हो रहे हैं। मुनि भक्त मोहित जैन ने बताया कि मुनि श्री अमित सागर जी के सानिध्य में सामूहिक पूजन में भक्ति की हो रही है।
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बहुत से ऐसे श्रद्धालु है जिन्होंने कठोर साधना को अपनाते हुए अन्न-जल का भी त्याग कर रखा है और वह व्रत उपवास कर रहे हैं । अनेक श्रद्धालु 24 घंटे में सिर्फ एक बार ही अन्न-जल ग्रहण कर रहे हैं। बहुत से ऐसे श्रद्धालु हैं जो इन 10 दिनों में घी, दूध, तेल, नमक, चीनी आदि का त्याग कर नीरसआहार ले रहे हैं।
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जैन समाज में पर्युषण पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। इन 10 दिनों में श्रद्धालु जन कठोर साधना करते हैं। व्रत उपवास करते हैं और पूरा दिन पूरा दिन पूजा आराधना में व्यतीत करते हैं। उत्तम क्षमा धर्म के साथ पर्यूषण पर्व 8 सितंबर को शुरू हुए हैं और उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के साथ 17 सितंबर को पर्व का समापन होगा।
भक्त कुमकेश जैन ने कहा कि जैन मुनि बालयोगी अमित सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रमों से काफी धर्म प्रभावना हो रही है। मुनि भक्त प्रवीण जैन ने कहा कि मुनिश्री के सानिध्य में सुबह से रात तक आत्म साधना से जुड़े आयोजन हो रहे हैं। मुनि भक्त मोहित जैन ने बताया कि मुनि श्री अमित सागर जी के सानिध्य में सामूहिक पूजन में भक्ति की हो रही है।