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नशे की दवाओं के तस्कर: पंजाब पुलिस की जांच में मिली अहम जानकारी, दवाइयां भेजने वाली फर्म फर्जी
Thu, 17 Dec 2020 11:47 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 17 Dec 2020 11:47 AM IST
सार
- 12 फर्म में जय हनुमान फार्मा का भी नाम
- पीलीभीत से भी जुड़े हैं तार, पहुंची पुलिस
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
पंजाब में नशे की दवाओं की सप्लाई करने में 12 फर्म में से पांच फर्म और फर्जी होने की आशंका है। फर्जी पते और प्रमाणपत्रों से इनके लाइसेंस बनवाए गए हैं। पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच में यह जानकारी मिली है। जांच में एक फर्म पहले ही फर्जी मिल चुकी है। इसका लाइसेंस भी निरस्त किया जा चुका है।
नशे की दवाओं की जांच कर रही पंजाब पुलिस के दो जवान मंगलवार को आगरा आए थे। इन्होंने औषधि विभाग से 12 फर्म के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इसमें संचालक के नाम, पता और अन्य जानकारी भी हैं। इनके लाइसेंस छह महीने से दो साल पहले कराए गए हैं। एक फर्म की सालाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये की बिलिंग दिखाई गई है। प्रारंभिक जांच करते हुए पंजाब पुलिस वापस चली गई है। बताया कि जल्द ही पंजाब पुलिस की तीन-चार टीमें आगरा आकर इनके पते पर जाकर जानकारी करेंगी।
12 फर्म में जय हनुमान फार्मा का भी नाम
पंजाब पुलिस के रडार पर आई 12 फर्म में एक जय हनुमान फार्मा संजय प्लेस भी है। इस फर्म से भी पंजाब में नशे की दवाएं भेजी गई थीं। इसका लाइसेंस लाखन सिंह निवासी पीपलमंडी के नाम से है, जांच में इस पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला था। इसका लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है।
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नशे की दवाओं की जांच कर रही पंजाब पुलिस के दो जवान मंगलवार को आगरा आए थे। इन्होंने औषधि विभाग से 12 फर्म के रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इसमें संचालक के नाम, पता और अन्य जानकारी भी हैं। इनके लाइसेंस छह महीने से दो साल पहले कराए गए हैं। एक फर्म की सालाना डेढ़ से दो करोड़ रुपये की बिलिंग दिखाई गई है। प्रारंभिक जांच करते हुए पंजाब पुलिस वापस चली गई है। बताया कि जल्द ही पंजाब पुलिस की तीन-चार टीमें आगरा आकर इनके पते पर जाकर जानकारी करेंगी।
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12 फर्म में जय हनुमान फार्मा का भी नाम
पंजाब पुलिस के रडार पर आई 12 फर्म में एक जय हनुमान फार्मा संजय प्लेस भी है। इस फर्म से भी पंजाब में नशे की दवाएं भेजी गई थीं। इसका लाइसेंस लाखन सिंह निवासी पीपलमंडी के नाम से है, जांच में इस पते पर इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला था। इसका लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है।
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पीलीभीत से भी जुड़े हैं तार, पहुंची पुलिस
आगरा गैंग के तार पीलीभीत से भी जुड़ गए हैं। पंजाब पुलिस के दो जवान आगरा में जांच करने के बाद पीलीभीत पहुंच गए हैं। पंजाब पुलिस के जांच करने आए एसआईसी ने बताया कि नशे की दवाओं की सप्लाई की जांच करने के लिए आगरा के बाद पीलीभीत आए हैं। इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है।
मिलीभगत से चल रहा नकली-नशीली दवाओं का कारोबार: आशू शर्मा
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने वीडियो जारी करते हुए औषधि विभाग पर मिलीभगत से नकली और नशे की दवाओं के कारोबार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों की पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम नकली और नशे की दवाएं जब्त करती है, लेकिन यहां का विभाग किसी गैंग को नहीं पकड़ पाया। एक अधिकारी तो नकली दवा बनाने वाले से 35 लाख रुपये की घूस मांगने के मामले में आरोपी भी है।
संदिग्ध फर्म की जांच कर रहे
पंजाब पुलिस को दवाओं की 12 फर्म के लाइसेंस की कॉपी सत्यापित करते हुए दी गईं हैं। ये फर्म संदिग्ध हैं। पंजाब पुलिस के अलावा इनकी जांच औषधि विभाग भी कर रहा है। -नरेश मोहन दीपक, औषधि निरीक्षक
आगरा गैंग के तार पीलीभीत से भी जुड़ गए हैं। पंजाब पुलिस के दो जवान आगरा में जांच करने के बाद पीलीभीत पहुंच गए हैं। पंजाब पुलिस के जांच करने आए एसआईसी ने बताया कि नशे की दवाओं की सप्लाई की जांच करने के लिए आगरा के बाद पीलीभीत आए हैं। इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती है।
मिलीभगत से चल रहा नकली-नशीली दवाओं का कारोबार: आशू शर्मा
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने वीडियो जारी करते हुए औषधि विभाग पर मिलीभगत से नकली और नशे की दवाओं के कारोबार का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों की पुलिस और नारकोटिक्स विभाग की टीम नकली और नशे की दवाएं जब्त करती है, लेकिन यहां का विभाग किसी गैंग को नहीं पकड़ पाया। एक अधिकारी तो नकली दवा बनाने वाले से 35 लाख रुपये की घूस मांगने के मामले में आरोपी भी है।
संदिग्ध फर्म की जांच कर रहे
पंजाब पुलिस को दवाओं की 12 फर्म के लाइसेंस की कॉपी सत्यापित करते हुए दी गईं हैं। ये फर्म संदिग्ध हैं। पंजाब पुलिस के अलावा इनकी जांच औषधि विभाग भी कर रहा है। -नरेश मोहन दीपक, औषधि निरीक्षक