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Agra News: देवशयनी एकादशी पर लगाई शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा
Sun, 06 Jul 2025 11:55 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 06 Jul 2025 11:55 PM IST
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सोरोंजी में शूकर क्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाते श्रद्धालु।
- फोटो : सोरोंजी में शूकर क्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाते श्रद्धालु।
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सोरोंजी। देवशयनी एकादशी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शूकरक्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा लगाई। सुबह हरि की पौड़ी में गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान वराह मंदिर में पूजा की। शूकरक्षेत्र समाज सेवा समिति एवं ब्राह्मण कल्याण सभा के तत्वाधान में परिक्रमा प्रारंभ हुई।
भगवान वराह व गंगा मैया के जयकारों के बीच श्रद्धालु हरि की पौड़ी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर, जयादेवी पीठ, सीताराम मंदिर, ग्राम देवी मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थान होते हुए प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पहुंचे। उसके बाद नगला सेढ़ू मार्ग होते हुए बाक्षरू महाराज, सीता रसोई, प्रेमजी की बगीची, सिंगल वाले महाराज, करुआ देव महाराज, बनखंडेश्वर महादेव, भागीरथ गुफा द्वितीय पड़ाव पर पहुंचे। यहां से कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा, चैतन्य महाप्रभु बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए पुनः वराह मंदिर पहुंचे जहां परिक्रमा पूर्ण हुई। परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडेय ने कहा सनातन धर्म में एकादशी बेहद पुण्य फलदायी मानी जाती है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दौरान शिवानंद उपाध्याय, दिनेश चंद्र गुप्ता, नाथू सिंह, नंदन सिंह, लाखन सिंह, हाकिम सिंह, करन पाराशर, गीतम सिंह, चंचल राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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भगवान वराह व गंगा मैया के जयकारों के बीच श्रद्धालु हरि की पौड़ी की परिक्रमा करते हुए सूर्यकुंड, दूधेश्वर, बटुक भैरव मंदिर, जयादेवी पीठ, सीताराम मंदिर, ग्राम देवी मंदिर, गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थान होते हुए प्रथम पड़ाव 84 घंटे वाली मां मंदिर पहुंचे। उसके बाद नगला सेढ़ू मार्ग होते हुए बाक्षरू महाराज, सीता रसोई, प्रेमजी की बगीची, सिंगल वाले महाराज, करुआ देव महाराज, बनखंडेश्वर महादेव, भागीरथ गुफा द्वितीय पड़ाव पर पहुंचे। यहां से कपिल मुनि आश्रम ,भागीरथ गुफा, चैतन्य महाप्रभु बैठक, काला गोरा भैरव बाबा मंदिर होते हुए पुनः वराह मंदिर पहुंचे जहां परिक्रमा पूर्ण हुई। परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडेय ने कहा सनातन धर्म में एकादशी बेहद पुण्य फलदायी मानी जाती है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दौरान शिवानंद उपाध्याय, दिनेश चंद्र गुप्ता, नाथू सिंह, नंदन सिंह, लाखन सिंह, हाकिम सिंह, करन पाराशर, गीतम सिंह, चंचल राजपूत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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