{"_id":"5d9b5b388ebc3e015a2237b4","slug":"panchayat-workers-reached-for-house-tax-on-hut-patiali-kasganj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"झोंपड़ी में अनाथ बच्चों से गृहकर मांगने पहुंचे पंचायत कर्मी, असहमति जताने पर दी धमकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोंपड़ी में अनाथ बच्चों से गृहकर मांगने पहुंचे पंचायत कर्मी, असहमति जताने पर दी धमकी
Tue, 08 Oct 2019 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 08 Oct 2019 12:13 AM IST
विज्ञापन
कासगंज पटियाली में अनाथ बच्चों की झोपड़ी जिसका टैक्स वसूलने पहुंचे पंचायत कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पटियाली पंचायत ने अनाथ बच्चों की झोंपड़ी पर ही गृह कर लगाने को कर्मी भेजे। जब बच्चों ने असहमति जताई तो कर्मियों ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।
देवा (12) उसका छोटा भाई नन्ने (9) वर्ष अनाथ है। उनके पिता राम सिंह की करीब सात साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई। पति की मौत के चार माह बाद ही पत्नी भी इस दुनिया को छोड़कर चली गई।
गरीबी के चलते पिता जमीन पर मकान का निर्माण तक नहीं करा सका। उनकी उम्र भी इतनी नहीं थी कि वे कुछ कामधाम करके अपना पेट भर सकें। आसपास के लोगों ने भोजन पानी की व्यवस्था की है।
विज्ञापन
देवा (12) उसका छोटा भाई नन्ने (9) वर्ष अनाथ है। उनके पिता राम सिंह की करीब सात साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई। पति की मौत के चार माह बाद ही पत्नी भी इस दुनिया को छोड़कर चली गई।
गरीबी के चलते पिता जमीन पर मकान का निर्माण तक नहीं करा सका। उनकी उम्र भी इतनी नहीं थी कि वे कुछ कामधाम करके अपना पेट भर सकें। आसपास के लोगों ने भोजन पानी की व्यवस्था की है।
विज्ञापन
सोमवार को बच्चों के पास नगर पंचायत के कर्मी पहुंचे और उनको 1250 रुपये का गृह कर का बिल दिखाया। जब आसपास के लोगों को पता चला तो वे एकत्रित हो गए और उनको बच्चों की स्थिति के बारे में बताया, लेकिन कर्मियों को उन पर तरस नहीं आया वे कार्रवाई की धमकी देकर चले गए।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं था। वे स्वयं बच्चों के रहने के स्थल का निरीक्षण करने जाएंगे। अनाथ बच्चों की नगर पंचायत प्रशासन हर संभव मदद करेगा।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार तिवारी ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं था। वे स्वयं बच्चों के रहने के स्थल का निरीक्षण करने जाएंगे। अनाथ बच्चों की नगर पंचायत प्रशासन हर संभव मदद करेगा।