{"_id":"607056aa5cd01661444a3143","slug":"panchayat-chunav-2021-kasganj-police-send-notice-for-shantibhang-to-minor-boys","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव में पुलिस का कारनामा: बच्चों को कर दिया शांतिभंग में पाबंद, नोटिस घर पहुंचने पर मची खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव में पुलिस का कारनामा: बच्चों को कर दिया शांतिभंग में पाबंद, नोटिस घर पहुंचने पर मची खलबली
Sat, 10 Apr 2021 12:12 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 10 Apr 2021 12:12 AM IST
सार
- पुलिस ने बच्चों को भी कर दिया है पाबंद
- नोटिस तामील कराने को पुलिस के पहुंचते ही मची खलबली
विज्ञापन
पंचायत चुनाव 2021: कासगंज पुलिस ने बच्चों को किया शांतिभंग में पाबंद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में छोटे बच्चे भी खलल डाल सकते है? यह बात हम नहीं कर रहे, बल्कि पटियाली पुलिस का ऐसा मानना है। पुलिस ने बच्चों तक को शांतिभंग की धाराओं में पाबंद कर दिया है। पुलिस द्वारा गांव में नोटिस तामील कराए गए जिसके बाद खलबली मच गई।
कासगंज जनपद में आगामी 26 अप्रैल को तीसरे चरण में पंचायत चुनाव होना है। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस द्वारा ऐसे तत्वों को पाबंद किया जा रहा है जो चुनाव में खलल डाल सकते हैं। जनपद में ऐसे 20 हजार से अधिक लोगों को पुलिस पाबंद कर चुकी है। वहीं ऐसे लोगों को मुचलका भरवाने के लिए नोटिस तमील कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन पुलिस के द्वारा पाबंदी की कार्रवाई करते समय लोगों की उम्र तक का ध्यान नहीं रखा जा रहा। छोटे बच्चों तक को पुलिस ने पाबंद कर दिया है। पटियाली पुलिस ने नगला पर्वत में कमल सिंह के पुत्र अक्षय (12), राजेश (7) और मान सिंह के बेटे गोविंद (11) को पाबंद कर दिया। जब पुलिस उनके घर पर पहुंची तो बच्चों के पाबंद होने की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: एटा में वाहन चालक के हाथ में आया ड्यूटी का पत्र तो उड़े होश, बनाया पीठासीन अधिकारी
विज्ञापन
वहीं इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पटियाली डीके पंत का कहना है कि बच्चों के पाबंद किए जाने के मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कासगंज जनपद में आगामी 26 अप्रैल को तीसरे चरण में पंचायत चुनाव होना है। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस द्वारा ऐसे तत्वों को पाबंद किया जा रहा है जो चुनाव में खलल डाल सकते हैं। जनपद में ऐसे 20 हजार से अधिक लोगों को पुलिस पाबंद कर चुकी है। वहीं ऐसे लोगों को मुचलका भरवाने के लिए नोटिस तमील कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। लेकिन पुलिस के द्वारा पाबंदी की कार्रवाई करते समय लोगों की उम्र तक का ध्यान नहीं रखा जा रहा। छोटे बच्चों तक को पुलिस ने पाबंद कर दिया है। पटियाली पुलिस ने नगला पर्वत में कमल सिंह के पुत्र अक्षय (12), राजेश (7) और मान सिंह के बेटे गोविंद (11) को पाबंद कर दिया। जब पुलिस उनके घर पर पहुंची तो बच्चों के पाबंद होने की जानकारी मिलते ही परिजनों के होश उड़ गए।
विज्ञापन
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: एटा में वाहन चालक के हाथ में आया ड्यूटी का पत्र तो उड़े होश, बनाया पीठासीन अधिकारी
विज्ञापन
वहीं इस संबंध में क्षेत्राधिकारी पटियाली डीके पंत का कहना है कि बच्चों के पाबंद किए जाने के मामले की जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुचलका भरने को लगा रहे दौड़
कासगंज पुलिस द्वारा पंचायत चुनाव के चलते जिन लोगों को पाबंद कर दिया गया है वे अपना मुचलका भरने के लिए एसडीएम कार्यालय पर दौड़ लगा रहे है। कार्यालयों पर ऐसे लोगों की भीड़ लग रही है।
जहां एक ओर पुलिस ग्रामीणों को पाबंद कर रजिस्टर में नाम दर्ज कर रही है वहीं ऐसे लोग जिनसे पूर्व में चुनाव के दौरान विवाद की स्थिति बनी उन्हें शांतिभंग की धाराओं में उपजिलाधिकारी स्तर से भी पाबंद किया जाएगा। इसके लिए भी सूची तैयार की जा रही है।
आंकड़ों की नजर में
- 423 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का जुटाया शस्त्रों का ब्योरा।
- 20 हजार ग्रामीणों को मुचलकों पर पाबंद करने का है लक्ष्य।
कासगंज पुलिस द्वारा पंचायत चुनाव के चलते जिन लोगों को पाबंद कर दिया गया है वे अपना मुचलका भरने के लिए एसडीएम कार्यालय पर दौड़ लगा रहे है। कार्यालयों पर ऐसे लोगों की भीड़ लग रही है।
जहां एक ओर पुलिस ग्रामीणों को पाबंद कर रजिस्टर में नाम दर्ज कर रही है वहीं ऐसे लोग जिनसे पूर्व में चुनाव के दौरान विवाद की स्थिति बनी उन्हें शांतिभंग की धाराओं में उपजिलाधिकारी स्तर से भी पाबंद किया जाएगा। इसके लिए भी सूची तैयार की जा रही है।
आंकड़ों की नजर में
- 423 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों का जुटाया शस्त्रों का ब्योरा।
- 20 हजार ग्रामीणों को मुचलकों पर पाबंद करने का है लक्ष्य।