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Taj Mahal: ताज देखने आए पर्यटक का दर्द...1300 का टिकट खरीदा, एक घंटे कतार में जूझा; बोला- ये कैसी व्यवस्थाएं
Wed, 27 Nov 2024 12:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 27 Nov 2024 12:40 PM IST
सार
ताजमहल का दीदार करने आए उज्बेक सैलानी ने वीडियो जारी कर दर्द बयां किया। उसने बताया कि किस तरह टिकट लेने के बाद ताज का दीदार करने के लिए उसे मुसीबत का सामना करना पड़ा।
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ताजमहल आया पर्यटक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में 72 देश घूमकर उज्बेकिस्तान के सैलानी मुराद अपने बुजुर्ग पिता के साथ ताजमहल आए। 1300 रुपये का टिकट खरीदा, लेकिन एक घंटे से ज्यादा प्रवेश की कतार में फंसकर जूझते रहे। परेशान हुए सैलानी ने भारत सरकार से विदेशी पर्यटकों के लिए अलग कतार के जरिए प्रवेश देने की मांग करते हुए वीडियो जारी किया है।
उज्बेकिस्तान के पर्यटक मुराद के 1 मिनट के इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि वह दुनिया के 72 देश घूम चुके हैं। 73 वें देश के रूप में भारत में ताजमहल का दीदार करने के लिए पिता के साथ आए हैं। उन्होंने अलग कतार के लिए सरकार से मांग की और अपने पिता के साथ कतार में लगकर परेशान होने का वीडियो भी जारी किया। वह अपने बुजुर्ग पिता के साथ 50 रुपये वाली भारतीय पर्यटकों की कतार में लगे हुए थे, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए अलग कतार होने की व्यवस्था ताज पर पूर्व में थी। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर जारी किया गया, वैसे ही पर्यटन संगठनों ने एएसआई और सीआईएसएफ की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
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उज्बेकिस्तान के पर्यटक मुराद के 1 मिनट के इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि वह दुनिया के 72 देश घूम चुके हैं। 73 वें देश के रूप में भारत में ताजमहल का दीदार करने के लिए पिता के साथ आए हैं। उन्होंने अलग कतार के लिए सरकार से मांग की और अपने पिता के साथ कतार में लगकर परेशान होने का वीडियो भी जारी किया। वह अपने बुजुर्ग पिता के साथ 50 रुपये वाली भारतीय पर्यटकों की कतार में लगे हुए थे, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए अलग कतार होने की व्यवस्था ताज पर पूर्व में थी। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर जारी किया गया, वैसे ही पर्यटन संगठनों ने एएसआई और सीआईएसएफ की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
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दोनों गेटों पर पहले थी यह व्यवस्था
ताजमहल पर कोविड से पहले पूर्वी और पश्चिमी गेट पर सुरक्षा जांच कतार में विदेशी पर्यटकों के लिए दो डीएफएमडी अलग से लगाए गए थे। इनमें से एक में विदेशी महिला और दूसरे से विदेशी पुरुष सैलानी प्रवेश कर सकते थे। तब ताज का प्रवेश टिकट भारतीयों के लिए 20 रुपये और विदेशियों के लिए 750 रुपये का था। अब भारतीयों के लिए प्रवेश टिकट 50 रुपये और विदेशियों के लिए 1100 रुपये और 200 रुपये गुंबद का है। ऐसे में 1300 रुपये देने के बाद भी विदेशी पर्यटकों को एक ही कतार में लगाया जा रहा है, जबकि पूर्व में हाई वैल्यू टिकट और इंडियन के नाम से डीएफएमडी अलग से लगे हुए थे।
ताजमहल पर कोविड से पहले पूर्वी और पश्चिमी गेट पर सुरक्षा जांच कतार में विदेशी पर्यटकों के लिए दो डीएफएमडी अलग से लगाए गए थे। इनमें से एक में विदेशी महिला और दूसरे से विदेशी पुरुष सैलानी प्रवेश कर सकते थे। तब ताज का प्रवेश टिकट भारतीयों के लिए 20 रुपये और विदेशियों के लिए 750 रुपये का था। अब भारतीयों के लिए प्रवेश टिकट 50 रुपये और विदेशियों के लिए 1100 रुपये और 200 रुपये गुंबद का है। ऐसे में 1300 रुपये देने के बाद भी विदेशी पर्यटकों को एक ही कतार में लगाया जा रहा है, जबकि पूर्व में हाई वैल्यू टिकट और इंडियन के नाम से डीएफएमडी अलग से लगे हुए थे।
एक जैसी व्यवस्थाएं तो एक जैसी टिकट रखें
आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने बताया कि जब एएसआई और एडीए, दोनों ने विदेशी सैलानियों से ज्यादा रुपये वसूलने की नीति बनाई है तो सुविधाओं के नाम पर शून्य क्यों। एक जैसी व्यवस्थाएं देनी हैं तो एक जैसे टिकट रेट रखे जाएं।
यह वीडियो देखकर आंखें खोल लेनी चाहिए
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा ने बताया कि पूर्व में हाईवैल्यू टिकट लेकर विदेशी ही नहीं, भारतीय भी प्रवेश कर सकते थे। यह व्यवस्था कैसे बंद हो गई, किसी को बताया तक नहीं गया। यह वीडियो देखकर आंखें खोल लेनी चाहिए।
व्यवस्था पर फिर से विचार किया जाएगा
सीआईएसएफ के कमांडेंट वीके दुबे ने बताया ताजमहल पर विदेशी पर्यटकों को कम भीड़भाड़ वाले पूर्वी गेट से आने की सलाह दी गई है। पूर्व में अगर विदेशी पर्यटकों के लिए अलग कतार की व्यवस्था थी, तो इसकी समीक्षा कर ली जाएगी। इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
आगरा टूरिज्म डेवलपमेंट फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा ने बताया कि जब एएसआई और एडीए, दोनों ने विदेशी सैलानियों से ज्यादा रुपये वसूलने की नीति बनाई है तो सुविधाओं के नाम पर शून्य क्यों। एक जैसी व्यवस्थाएं देनी हैं तो एक जैसे टिकट रेट रखे जाएं।
यह वीडियो देखकर आंखें खोल लेनी चाहिए
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश वाधवा ने बताया कि पूर्व में हाईवैल्यू टिकट लेकर विदेशी ही नहीं, भारतीय भी प्रवेश कर सकते थे। यह व्यवस्था कैसे बंद हो गई, किसी को बताया तक नहीं गया। यह वीडियो देखकर आंखें खोल लेनी चाहिए।
व्यवस्था पर फिर से विचार किया जाएगा
सीआईएसएफ के कमांडेंट वीके दुबे ने बताया ताजमहल पर विदेशी पर्यटकों को कम भीड़भाड़ वाले पूर्वी गेट से आने की सलाह दी गई है। पूर्व में अगर विदेशी पर्यटकों के लिए अलग कतार की व्यवस्था थी, तो इसकी समीक्षा कर ली जाएगी। इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है।