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मथुराः नकली दवा का भंडाफोड़, फैक्टरी संचालित कर बना रहे थे प्रतिबंधित इंजेक्शन
Tue, 04 Jun 2019 09:07 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 04 Jun 2019 09:07 PM IST
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पुलिस ने पकड़े नकली दवा बनाने वाले
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा में नकली दवा का भंडाफोड़ हुआ है। बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन बनाकर दूसरे जनपदों में भेजे जा रहे थे। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि पकड़ी गई फैक्टरी में प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाए जा रहे थे।
जिस तरह से मौके से बड़ी मात्रा में इंजेक्शन और बनाने के उपकरण मिले हैं उससे साफ है कि लंबे समय से इंजेक्शन बनाने का काम चल रहा था। हालांकि यह इंजेक्शन प्रतिबंधित हैं लेकिन फिर भी दुधारू पशुओं को लगाए जा रहे हैं।
एसपी क्राइम अशोक मीणा ने बताया कि स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा और कृष्णानगर चौकी प्रभारी अमित भाटी ने अजय कुमार गुप्ता पुत्र बाबूलाल गुप्ता निवासी होली गली, मुकेश कुमार पुत्र हरिओम निवासी रुक्मिणी बिहार को पकड़ा है। यह दोनों ही प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने की फैक्टरी संचालित कर रहे थे।
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जिस तरह से मौके से बड़ी मात्रा में इंजेक्शन और बनाने के उपकरण मिले हैं उससे साफ है कि लंबे समय से इंजेक्शन बनाने का काम चल रहा था। हालांकि यह इंजेक्शन प्रतिबंधित हैं लेकिन फिर भी दुधारू पशुओं को लगाए जा रहे हैं।
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एसपी क्राइम अशोक मीणा ने बताया कि स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा और कृष्णानगर चौकी प्रभारी अमित भाटी ने अजय कुमार गुप्ता पुत्र बाबूलाल गुप्ता निवासी होली गली, मुकेश कुमार पुत्र हरिओम निवासी रुक्मिणी बिहार को पकड़ा है। यह दोनों ही प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बनाने की फैक्टरी संचालित कर रहे थे।
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टीम को 100 एमएल की 3901 बोतल, 500 एमएल की 48 बोतल, चार प्लास्टिक की 20 लीटर की भरी कैन, तीन प्लास्टिक की पांच लीटर की भरी कैन, नौ नीली और सफेद रंग की प्लास्टिक की 40 लीटर की कैन, 3087 प्लास्टिक की खाली बोतलें, 10 हजार रबर कैप, आठ हजार एल्युमिनियम के ढक्कन, 20 हजार प्रिंटेड लेबल, चार पैकेट टाटा नमक और मिक्सर बरामद हुए हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आक्सीटोसिन ही लग रहा है। फिर भी सभी दवाइयों के नमूने लिए गए हैं जो जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर ड्रग अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे माल को सीज कर दिया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आक्सीटोसिन ही लग रहा है। फिर भी सभी दवाइयों के नमूने लिए गए हैं जो जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर ड्रग अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे माल को सीज कर दिया गया है।