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सचिवों की किसी लापरवाही पर प्रशासन ने कसा शिकंजा
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मैनपुरी। ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए तैनात पंचायत सचिवों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर सभी सचिवों की निगरानी के आदेश दिए हैं। सचिवों को जहां ब्लॉकों पर अपनी उपस्थित दर्ज करानी होगी तो वहीं गांवों में भी नियमित पहुंचना होगा।
ग्राम प्रधान के साथ ही विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए प्रत्येक गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी की तैनाती पंचायत सचिव के तौर पर की जाती है। गांव में कोई भी कार्य ग्राम प्रधान और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ही होता है। लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं कि सचिव गांव ही नहीं पहुंचते हैं। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने नए आदेश जारी किए हैं। इसके तहत अब सचिवों को नियमित ब्लॉक पर जाकर न केवल उपस्थित दर्ज करानी होगी, बल्कि गांव में जाने की रवानगी भी दर्ज करनी होगी। इससे सचिव जिस गांव में गए हैं, वहां सत्यापन भी कराया जा सकेगा। इतना ही नहीं पूरे माह के भ्रमण की डायरी तैयार कर उसकी एक प्रति ब्लॉक व दूसरी प्रति तहसील को देनी होगी।
ग्रामीणों को पहले देनी होगी सूचना
जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक ग्रामीणों को सचिव के आने की तारीख की सूचना पहले ही देनी होगी। इसके लिए एक सप्ताह पहले पंचायत घर के सूचना पट पर तारीख अंकित कराई जाएगी। ताकि जब सचिव गांव में पहुंचे तो लोग अपने काम करवा सकें।
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हाईलाइटर्स
-552 हैं ग्राम पंचायतें
-812 हैं राजस्व गांव
-61 हैं ग्राम पंचायत अधिकारी
-74 हैं ग्राम विकास अधिकारी
समस्याओं का होगा समाधान
जिलाधिकारी के आदेश पर सभी सचिवों को पत्र जारी कर दिया है। सचिवों को नियमित ब्लॉक पर उपस्थिति दर्ज कराने और गांव में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा गया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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ग्राम प्रधान के साथ ही विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए प्रत्येक गांव में ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम विकास अधिकारी की तैनाती पंचायत सचिव के तौर पर की जाती है। गांव में कोई भी कार्य ग्राम प्रधान और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ही होता है। लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं कि सचिव गांव ही नहीं पहुंचते हैं। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने नए आदेश जारी किए हैं। इसके तहत अब सचिवों को नियमित ब्लॉक पर जाकर न केवल उपस्थित दर्ज करानी होगी, बल्कि गांव में जाने की रवानगी भी दर्ज करनी होगी। इससे सचिव जिस गांव में गए हैं, वहां सत्यापन भी कराया जा सकेगा। इतना ही नहीं पूरे माह के भ्रमण की डायरी तैयार कर उसकी एक प्रति ब्लॉक व दूसरी प्रति तहसील को देनी होगी।
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ग्रामीणों को पहले देनी होगी सूचना
जिलाधिकारी के आदेश के मुताबिक ग्रामीणों को सचिव के आने की तारीख की सूचना पहले ही देनी होगी। इसके लिए एक सप्ताह पहले पंचायत घर के सूचना पट पर तारीख अंकित कराई जाएगी। ताकि जब सचिव गांव में पहुंचे तो लोग अपने काम करवा सकें।
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हाईलाइटर्स
-552 हैं ग्राम पंचायतें
-812 हैं राजस्व गांव
-61 हैं ग्राम पंचायत अधिकारी
-74 हैं ग्राम विकास अधिकारी
समस्याओं का होगा समाधान
जिलाधिकारी के आदेश पर सभी सचिवों को पत्र जारी कर दिया है। सचिवों को नियमित ब्लॉक पर उपस्थिति दर्ज कराने और गांव में मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए कहा गया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।