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मूल डिग्री उपलब्ध हो तो प्रोविजनल लेने का विकल्प न दिया जाए

Sat, 29 Jan 2022 01:30 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jan 2022 01:30 AM IST
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Original degree available, provisional option should not be given
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने शुक्रवार को परीक्षा, प्रोविजनल डिग्री व नामांकन विभाग के साथ चार्ट रूम का निरीक्षण किया। एक छात्र वर्ष 2013 की प्रोविजनल डिग्री लेने के लिए पहुंचा था। इस पर प्रभारी कुलपति ने कहा कि जिन वर्षों की डिग्री छपी हुई रखी है, उसकी प्रोविजनल डिग्री न दी जाए। ऑनलाइन प्रोविजनल डिग्री के लिए आवेदन का विकल्प ही न दिया जाए। लंबित मूल डिग्रियां छात्र-छात्राओं को तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
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प्रभारी कुलपति ने कहा कि जिन सत्रों के दीक्षांत समारोह हो चुके हैं, उनकी मूल डिग्रियां छात्र-छात्राओं को दी जाएं। माइग्रेशन विभाग में नामांकन कराने के लिए पहुंचे छात्र से भी प्रो. विनय पाठक ने बात की। वह वर्ष 2007 में उत्तीर्ण हुआ था। डिग्री लेने के लिए आवेदन किया तो पता चला कि नामांकन नहीं है। नामांकन दर्ज कराने के लिए पहुंचा था। सारा डाटा ऑनलाइन करने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी एके सिंह, जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर आदि मौजूद रहे।
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प्रभारी कुलपति ने डिग्री विभाग में ऑफलाइन और ऑनलाइन सेक्शन को देखा। विभाग में डिग्री के दो-तीन से लेकर पांच वर्ष तक के पुराने आवेदन रखे थे। इस पर नाराजगी जताई और सभी आवेदनों का तत्काल निस्तारण करके छात्र-छात्राओं को डिग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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प्रो. विनय कुमार पाठक ने केंद्रीय पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। यहां गंदगी देखकर नाराज हुए। उन्होंने स्टाफ से कहा कि बजट नहीं है तो 50 हजार रुपये उनसे ले लें और सफाई कराकर छात्रों के बैठने की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने पुस्तकालय को सुबह 10 से रात आठ बजे तक संचालित करने के निर्देश दिए। कुलसचिव संजीव कुमार सिंह को निर्देश दिया कि पुस्तकालय में स्टाफ की दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाए। इससे पहले उन्होंने चार्ट रूम का भी निरीक्षण किया। यहां गंदगी मिली। जगह भी कम था। उन्होंने निर्देश दिया कि चार्ट रूम को सीनेट हॉल या किसी अन्य जगह बड़े हॉल में स्थानांतरित कराया जाए।
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