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हाईटेक हुए सटोरिये, एप से लगा रहे सट्टा, एसएसपी ने कहा- बंद कराने के लिए कंपनी को लिखेंगे पत्र
Mon, 26 Oct 2020 12:18 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 26 Oct 2020 12:18 AM IST
सार
एसएसपी ने कहा, एप बंद कराने के लिए कंपनी को पत्र लिखेंगे, सटोरियों के बारे में मिले सुराग
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सट्टा
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विस्तार
मोबाइल एप से 50 से ज्यादा सटोरिये सट्टा लगा रहे हैं। ये कमला नगर, सदर और न्यू आगरा के हैं। हाल ही में गिरफ्तार सटोरियों के मोबाइल फोन से इनके बारे में जानकारी मिली। इनमें से 10 से ज्यादा ऐसे हैं जो दिखावे के लिए नौकरी और व्यापार करते हैं लेकिन उनका असली काम सट्टा लगाना ही है।
ये सभी मोबाइल एप से सट्टा लगाते हैं। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि उन एप की भी जानकारी हो गई है जिनके माध्यम से सट्टा लगाया जा रहा है। इन्हें बंद कराने के लिए कंपनी को पत्र भेजा जाएगा।
एसएसपी ने बताया कि हाल ही में 20 से ज्यादा सटोरिए गिरफ्तार हुए हैं और भी कई के बारे में सूचना आई है। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के दौरान ये सटोरिए सक्रिय हुए हैं। कई ऐसे हैं जो पूर्व में आगरा से जेल गए लेकिन अब दिल्ली, देहरादून, नोएडा, गुड़गांव आदि जगहों पर रहकर सट्टा लगा रहे हैं। इनके बारे में संबंधित जिलों की पुलिस को सूचना दे दी गई है। एप को प्ले स्टोर से हटाने के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।
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ये सभी मोबाइल एप से सट्टा लगाते हैं। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि उन एप की भी जानकारी हो गई है जिनके माध्यम से सट्टा लगाया जा रहा है। इन्हें बंद कराने के लिए कंपनी को पत्र भेजा जाएगा।
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एसएसपी ने बताया कि हाल ही में 20 से ज्यादा सटोरिए गिरफ्तार हुए हैं और भी कई के बारे में सूचना आई है। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) के दौरान ये सटोरिए सक्रिय हुए हैं। कई ऐसे हैं जो पूर्व में आगरा से जेल गए लेकिन अब दिल्ली, देहरादून, नोएडा, गुड़गांव आदि जगहों पर रहकर सट्टा लगा रहे हैं। इनके बारे में संबंधित जिलों की पुलिस को सूचना दे दी गई है। एप को प्ले स्टोर से हटाने के लिए भी पत्र लिखा जाएगा।
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सटोरियों की कुंडली बना रही पुलिस
सट्टे में जेल भेजे जा रहे लोगों का अब डोजियर यानी कुंडली तैयार की जा रही है। इसमें सिर्फ गिरफ्तार सटोरिए की नहीं, बल्कि उसके साथ सट्टा लगाने वाले उसके साथियों की जानकारी भी है। कमला नगर और न्यू आगरा में पकड़े गए सटोरियों ने अपने साथियों के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने इसे भी दर्ज कर लिया है।
पांच से दस हजार में लॉगिन आईडी और पासवर्ड
पुलिस के अनुसार, सटोरियों को प्ले स्टोर या अन्य तरीके से मोबाइल एप डाउनलोड कराया जाता है। इसके बाद दिल्ली, जयपुर और मुंबई में बैठे सरगना पांच से दस हजार रुपये की वसूली करते हैं।
इसके लिए लेन-देन ऑनलाइन ई वालेट से किया जाता है। एप के सरगना लॉगिन आईडी और पासवर्ड देते हैं। सदर पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजे आरोपी सटोरिये जयपुर और दिल्ली के सरगना के संपर्क में थे, जबकि कमला नगर में पकड़े सटोरिये मुंबई के सरगना के संपर्क में थे।
सट्टे में जेल भेजे जा रहे लोगों का अब डोजियर यानी कुंडली तैयार की जा रही है। इसमें सिर्फ गिरफ्तार सटोरिए की नहीं, बल्कि उसके साथ सट्टा लगाने वाले उसके साथियों की जानकारी भी है। कमला नगर और न्यू आगरा में पकड़े गए सटोरियों ने अपने साथियों के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने इसे भी दर्ज कर लिया है।
पांच से दस हजार में लॉगिन आईडी और पासवर्ड
पुलिस के अनुसार, सटोरियों को प्ले स्टोर या अन्य तरीके से मोबाइल एप डाउनलोड कराया जाता है। इसके बाद दिल्ली, जयपुर और मुंबई में बैठे सरगना पांच से दस हजार रुपये की वसूली करते हैं।
इसके लिए लेन-देन ऑनलाइन ई वालेट से किया जाता है। एप के सरगना लॉगिन आईडी और पासवर्ड देते हैं। सदर पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजे आरोपी सटोरिये जयपुर और दिल्ली के सरगना के संपर्क में थे, जबकि कमला नगर में पकड़े सटोरिये मुंबई के सरगना के संपर्क में थे।
ये पकड़े जा चुके हैं सटोरिये
थाना कमला नगर पुलिस एक महीने में शैलेंद्र, मनीष, विवेक अग्रवाल, धीरेंद्र पांडेय, गौरव पाराशर, सौरभ तिवारी, शशांक सारस्वत, दिलशाद, सुनील, इरसाद, यूनिस, दीपक, विवेक को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। थाना सदर पुलिस ने राजेश, धनन्जय, सुनील कुमार, मदनमोहन और अनूप को गिरफ्तार किया था। इनमें से आधे से ज्यादा मोबाइल एप से सट्टा लगा रहे थे।
थाना कमला नगर पुलिस एक महीने में शैलेंद्र, मनीष, विवेक अग्रवाल, धीरेंद्र पांडेय, गौरव पाराशर, सौरभ तिवारी, शशांक सारस्वत, दिलशाद, सुनील, इरसाद, यूनिस, दीपक, विवेक को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। थाना सदर पुलिस ने राजेश, धनन्जय, सुनील कुमार, मदनमोहन और अनूप को गिरफ्तार किया था। इनमें से आधे से ज्यादा मोबाइल एप से सट्टा लगा रहे थे।