{"_id":"5a509c174f1c1b36198b5177","slug":"one-more-step-taken-for-airport-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जल्द पूरे होंगे आगरा के 'हवाई सपने', एक कदम और बढ़ा प्रशासन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल्द पूरे होंगे आगरा के 'हवाई सपने', एक कदम और बढ़ा प्रशासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 06 Jan 2018 03:21 PM IST
विज्ञापन
फ्लाइट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में सिविल टर्मिनल का काम जल्द ही शुरू होगा। इसके लिए कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को लखनऊ में मुख्य सचिव राजीव कुमार की मौजूदगी में एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी गौरव दयाल भी पहुंचे। योजना के लिए जिला प्रशासन को कुछ और जमीन खरीदने के लिए कहा गया है।
बैठक में योजना की अब तक की प्रगति पर डीएम से जानकारी ली गई। बताया गया कि 23.31 हेक्टेयर के सापेक्ष 19 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। इस पर मुख्य सचिव ने शेष जमीन के अधिग्रहण का काम भी पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में मौजूद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने सिविल टर्मिनल के लिए कुछ और जमीन तलाशने के लिए कहा है। यह जमीन वर्तमान में चिह्नित जमीन से सटी हुई होनी चाहिए। ताकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
विज्ञापन
जमीन अधिग्रहण का पूरा होने के बाद जल्द ही इसकी बाउंड्री के निर्माण का काम शुरू होगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया बजट स्वीकृत करेगी। स्थानीय स्तर से इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव भी मौजूद थे। इस योजना के शिलान्यास की तिथि की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है।
विज्ञापन
बैठक में योजना की अब तक की प्रगति पर डीएम से जानकारी ली गई। बताया गया कि 23.31 हेक्टेयर के सापेक्ष 19 हेक्टेयर से अधिक जमीन का अधिग्रहण हो चुका है। इस पर मुख्य सचिव ने शेष जमीन के अधिग्रहण का काम भी पूरा करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
बैठक में मौजूद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने सिविल टर्मिनल के लिए कुछ और जमीन तलाशने के लिए कहा है। यह जमीन वर्तमान में चिह्नित जमीन से सटी हुई होनी चाहिए। ताकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
विज्ञापन
जमीन अधिग्रहण का पूरा होने के बाद जल्द ही इसकी बाउंड्री के निर्माण का काम शुरू होगा। इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया बजट स्वीकृत करेगी। स्थानीय स्तर से इसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव भी मौजूद थे। इस योजना के शिलान्यास की तिथि की घोषणा किसी भी दिन हो सकती है।
दूर हुई एक और अड़चन
टर्मिनल का प्लान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सिविल टर्मिनल योजना एक कदम आगे बढ़ गई है। लंबे समय से प्रशासन के लिए सिरदर्द बने दो बैनामा और हो गए हैं। 1380 वर्ग मीटर के ये दो बैनामा सार्वजनिक अवकाश वाले दिन हुए। इन बैनामों के लिए रजिस्ट्री कार्यालय खोला गया था।
खेरिया हवाई अड्डे को विस्तार रूप देकर सिविल टर्मिनल विकसित करने की योजना है। इसके लिए सदर तहसील अंतर्गत धनौली, बल्हैरा और अभयपुरा में 23.32 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसमें से 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।
शेष जमीन के मालिक अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हो रहे हैं। प्रशासन लंबे समय से इसके दिशा में प्रयासरत रहा है। इसमें से खसरा नंबर 115 के मालिक शुक्रवार को तैयार हो गए। उन्होंने 0.138 हेक्टेयर के दो बैनामा किए। बिजेंद्र रावत, महेंद्र रावत और अश्वनी रावत ने बैनामा किए।
खेरिया हवाई अड्डे को विस्तार रूप देकर सिविल टर्मिनल विकसित करने की योजना है। इसके लिए सदर तहसील अंतर्गत धनौली, बल्हैरा और अभयपुरा में 23.32 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होना है। इसमें से 80 फीसदी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।
शेष जमीन के मालिक अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हो रहे हैं। प्रशासन लंबे समय से इसके दिशा में प्रयासरत रहा है। इसमें से खसरा नंबर 115 के मालिक शुक्रवार को तैयार हो गए। उन्होंने 0.138 हेक्टेयर के दो बैनामा किए। बिजेंद्र रावत, महेंद्र रावत और अश्वनी रावत ने बैनामा किए।
जमीन के बदले जमीन नहीं
अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति नगेंद्र शर्मा के अनुसार, सिविल टर्मिनल के लिए जमीन खरीद का एक और पड़ाव पार कर लिया गया है। जल्द ही अन्य किसानों को तैयार कर लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि योजना के अनुरूप प्रस्तावित जमीन में से 4.5 हेक्टेयर जमीन और खरीदी जानी है।
जो किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है, प्रशासन ने उनके समक्ष जमीन के बदले जमीन देने का प्रस्ताव रखा था। इन किसानों को उनकी जमीन के बदले ग्रामसभा की जमीन दूसरे गांवों में दिखाई गई थी। मगर, वे इसके लिए तैयार नहीं हुए।
बता दें कि जमीन अधिग्रहण काम पूरा न हो पाने के चलते योजना का शिलान्यास नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दिसंबर में इसका शिलान्यास करना चाहते थे।
जो किसान अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है, प्रशासन ने उनके समक्ष जमीन के बदले जमीन देने का प्रस्ताव रखा था। इन किसानों को उनकी जमीन के बदले ग्रामसभा की जमीन दूसरे गांवों में दिखाई गई थी। मगर, वे इसके लिए तैयार नहीं हुए।
बता दें कि जमीन अधिग्रहण काम पूरा न हो पाने के चलते योजना का शिलान्यास नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीते दिसंबर में इसका शिलान्यास करना चाहते थे।