आगरा: मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए हर दिन 100 से ज्यादा आवेदन, अप्रैल में बने थे 1700
कोरोना महामारी में मृतकों का सरकारी आंकड़ा बेशक कम दिखाया जा रहा हो, लेकिन नगर निगम में हर दिन मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 100 से ज्यादा आवेदन पहुंच रहे हैं।
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आगरा में नगर निगम मुख्यालय और इसके चारों जोनल आफिस छत्ता, ताजगंज, हरीपर्वत और लोहामंडी में बनाए गए काउंटरों पर हर दिन 100 से 125 के बीच आवेदन मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 20 से 30 अप्रैल के बीच मृतकों के प्रमाण पत्र आवेदन सबसे ज्यादा हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ ही नगर निगम ने लोगों की परेशानी दूर करने के लिए चारों जोन में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए काउंटर शुरू करवाए हैं। हर दिन इन पर 40 से 55 और मुख्यालय पर 60 से 75 के बीच आवेदन मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आ रहे हैं। सेनेटरी इंस्पेक्टरों, सुपरवाइजरों के पास मृतकों के प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन पत्र सत्यापित करने का काम इन दिनों सबसे ज्यादा है।
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने बताया कि तय समय सीमा 15 दिन के अंदर प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया गया है ताकि लोगों को भटकना न पड़े। अपने घर के पास ही वह आवेदन जमा कर सकते हैं।
अप्रैल में बने थे 1700 मृत्यु प्रमाण पत्र
जिला प्रशासन ने अप्रैल के माह में कोरोना संक्रमित 86 लोगों की मृत्यु होना बताया है जबकि अप्रैल माह में ताजगंज श्मशान घाट के विद्युत शवदाह गृह, जिसे केवल कोविड संक्रमितों के दाह संस्कार के लिए रिजर्व किया गया था, वहां 675 से ज्यादा दाह संस्कार हुए। नगर निगम ने पूरे माह में 1700 से ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए, जबकि बीते साल के अप्रैल माह में केवल 85 मृत्यु प्रमाण पत्र ही बनाए गए थे।
सर्वर पर पड़ गया लोड, चल रहा धीमे
भारत सरकार की जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाली वेबसाइट पर इन दिनों लोड ज्यादा होने के कारण सर्वर धीमे चल रहा है। कई बार कनेक्टिविटी का संकट भी बढ़ जाता है। न केवल आगरा, बल्कि देश भर के महानगरों में मृतकों की संख्या एकाएक बढ़ने के कारण वेबसाइट पर लोड बढ़ा है।