{"_id":"69ab43b25797f27a1b06a7cb","slug":"on-whose-orders-was-the-seal-of-the-notes-opened-the-police-station-in-charge-summoned-agra-news-c-364-1-sagr1046-126018-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: किसके आदेश से खोली नोटों की सील, थानाध्यक्ष तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: किसके आदेश से खोली नोटों की सील, थानाध्यक्ष तलब
Sat, 07 Mar 2026 02:44 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 07 Mar 2026 02:44 AM IST
विज्ञापन
आगरा। थाना एत्मादपुर पुलिस ने लूट के मामले में बरामद नोटों की सील खोलकर अदालत में पेश की। अदालत ने उपनिरीक्षक श्याम सुंदर से पूछा कि सील किसके आदेश से खोली गई। वह जवाब देने में विफल रहे। इस पर एडीजे-12 महेंद्र कुमार ने थानाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के आदेश किए।
वर्ष 2009 में थाना एत्मादपुर में लूट व अन्य आरोपों के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.90 लाख रुपये बरामद कर सील किए थे। एडीजे-12 की अदालत में राज्य बनाम जितेंद्र आदि के नाम से पत्रावली लंबित है। वादिनी राजकुमारी ने बरामद नोटों को अवमुक्त कराने के लिए अदालत में अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया।
थाना एत्मादपुर पुलिस ने बरामद नोटों को अदालत में पेश किया। नोटों के बंडल की सील खुली होने पर एडीजे-12 महेंद्र कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बरामद नोटों की रंगीन फोटोस्टेट कराकर उनकी कॉपी अदालत में प्रस्तुत करें। नोटों की सील किसके आदेश से खोली गई। इसका स्पष्टीकरण थानाध्यक्ष 9 मार्च को अदालत में उपस्थित होकर दें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2009 में थाना एत्मादपुर में लूट व अन्य आरोपों के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.90 लाख रुपये बरामद कर सील किए थे। एडीजे-12 की अदालत में राज्य बनाम जितेंद्र आदि के नाम से पत्रावली लंबित है। वादिनी राजकुमारी ने बरामद नोटों को अवमुक्त कराने के लिए अदालत में अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
थाना एत्मादपुर पुलिस ने बरामद नोटों को अदालत में पेश किया। नोटों के बंडल की सील खुली होने पर एडीजे-12 महेंद्र कुमार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बरामद नोटों की रंगीन फोटोस्टेट कराकर उनकी कॉपी अदालत में प्रस्तुत करें। नोटों की सील किसके आदेश से खोली गई। इसका स्पष्टीकरण थानाध्यक्ष 9 मार्च को अदालत में उपस्थित होकर दें। संवाद
विज्ञापन