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‘चले सांप को दूध पिलाने, मोदी जी तुम भी न माने’
राजीव शर्मा
Updated Mon, 09 Mar 2015 01:43 AM IST
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बात निकलेगी तो घर तक भी तो आएगी। जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री बने पीडीपी मुखिया मुफ्ती मोहम्मद सईद के फैसलों से उनसे गठबंधन करने वाली भाजपा के घर में विरोध की चिंगारियां उठ रही हैं। संघ तो सफाई मांग ही रहा है, अब स्थानीय पदाधिकारी भी शीर्ष नेता के फैसले पर उंगली उठाने लगे हैं। महानगर मीडिया प्रभारी राजकुमार पथिक ने फेसबुक वॉल पर पोस्ट करके न सिर्फ नरेंद्र मोदी के फैसले को गलत ठहराया बल्कि मुफ्ती से समर्थन वापस लेने की मांग तक कर डाली है। आम लोग और हिंदूवादी संगठन ही नहीं कांग्रेस नेताओं ने भी इस पोस्ट को लाइक किया और मोदी पर टिप्पणी का समर्थन किया है।
रविवार शाम लगभग साढ़े सात बजे पथिक ने अपनी फेसबुक वॉल पर समर्थन वापस लेने की मांग करते हुए लिखा कि उसको दिया गया समय ...भाजपा को उतना ही नुकसान होगा...इसलिए इसे जल्दी निपटाओ... जम्मू-कश्मीर बचाओ... भाजपा बचाओ। फिर एक कविता लिखी है जिसकी कुछ पंक्तियां इस प्रकार हैं, ‘चले सांप को दूध पिलाने, मोदी जी तुम भी न माने। लो वह करवट बदल रहा है, जहर पुराना उगल रहा है।’ उन्होंने टिप्पणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मनिरपेक्षता के दावे पर सवाल तो उठाया ही है अपनी ही पार्टी के समर्थन से बने मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया है।
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रविवार शाम लगभग साढ़े सात बजे पथिक ने अपनी फेसबुक वॉल पर समर्थन वापस लेने की मांग करते हुए लिखा कि उसको दिया गया समय ...भाजपा को उतना ही नुकसान होगा...इसलिए इसे जल्दी निपटाओ... जम्मू-कश्मीर बचाओ... भाजपा बचाओ। फिर एक कविता लिखी है जिसकी कुछ पंक्तियां इस प्रकार हैं, ‘चले सांप को दूध पिलाने, मोदी जी तुम भी न माने। लो वह करवट बदल रहा है, जहर पुराना उगल रहा है।’ उन्होंने टिप्पणी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मनिरपेक्षता के दावे पर सवाल तो उठाया ही है अपनी ही पार्टी के समर्थन से बने मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया है।
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