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लापरवाही: लावारिस में कर दिया वृद्ध का अंतिम संस्कार, 24 दिन बाद परिजनों को पता चला
Wed, 20 May 2020 12:19 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 20 May 2020 12:19 AM IST
सार
वृद्ध की कोरोना जांच रिपोर्ट आई थी निगेटिव, परिजनों को नहीं दी गई सूचना
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी के बीच आगरा में लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। सांस लेने में तकलीफ होने पर भर्ती कराए गए चारसू गेट के एक वृद्ध की मौत के बाद लावारिस में अंतिम संस्कार करा दिया गया। परिजनों को भी सूचना नहीं दी गई। 24 दिन बाद परिजनों को मौत का पता चला। पीड़ित परिवार ने डीएम और थाना रकाबगंज में शिकायत की है।
चारसू गेट, घटिया निवासी सोनू पुत्र अचल सिंह ने बताया कि उसके चाचा 65 वर्षीय मुन्नालाल को बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ होने पर 25 अप्रैल को जिला अस्पताल में दिखाने लेकर गया था। कोरोना की आशंका पर चिकित्सक ने मुन्नालाल को भर्ती करने की बात कही। सोनू तैयार हो गया।
सोनू के मुताबिक, उसके चाचा का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाने के बाद सिकंदरा स्थित मूलचंद अस्पताल में भर्ती कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ले गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से कॉल आए। परिवार की जानकारी ली। मगर, चाचा के बारे में किसी ने नहीं बताया।
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चारसू गेट, घटिया निवासी सोनू पुत्र अचल सिंह ने बताया कि उसके चाचा 65 वर्षीय मुन्नालाल को बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ होने पर 25 अप्रैल को जिला अस्पताल में दिखाने लेकर गया था। कोरोना की आशंका पर चिकित्सक ने मुन्नालाल को भर्ती करने की बात कही। सोनू तैयार हो गया।
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सोनू के मुताबिक, उसके चाचा का कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाने के बाद सिकंदरा स्थित मूलचंद अस्पताल में भर्ती कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ले गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम से कॉल आए। परिवार की जानकारी ली। मगर, चाचा के बारे में किसी ने नहीं बताया।
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जिला अस्पताल के चक्कर काट रहा था भतीजा
इस कारण चार दिन बाद वो मूलचंद अस्पताल गया, लेकिन वहां भी चाचा के भर्ती होने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। कंट्रोल रूम पर शिकायत करने पर कर्मचारी यही कहते रहे कि वापस आ जाएंगे। कुछ दिन बाद मोहल्ले का एक युवक क्वारंटीन सेंटर से वापस आया। तब लगा कि उसके चाचा भी आ जाएंगे। मगर, वो नहीं आए।
सोनू दो दिन से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहा था। सोमवार को उसे बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में जाकर पता कर लो। एसएन में काफी देर इंतजार के बाद एक कर्मचारी ने बताया कि मुन्नालाल को गंभीर हालत होने पर 28 अप्रैल को यहां भर्ती कराया गया था। उनका कोरोना टेस्ट निगेटिव था। अब कहां हैं किसी को पता नहीं।
बाद में पोस्टमार्टम गृह पर पता करने के लिए बोल दिया। सोनू पोस्टमार्टम गृह पर गया तो सिपाही ने एक फोटो दिखाई। वह उसके चाचा मुन्नालाल की थी। पुलिस ने लावारिस में शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। वह वापस आ गया। मुन्नालाल की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार को सोनू ने डीएम ऑफिस और थाना रकाबगंज में शिकायत दर्ज कराई।
सोनू दो दिन से जिला अस्पताल के चक्कर काट रहा था। सोमवार को उसे बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में जाकर पता कर लो। एसएन में काफी देर इंतजार के बाद एक कर्मचारी ने बताया कि मुन्नालाल को गंभीर हालत होने पर 28 अप्रैल को यहां भर्ती कराया गया था। उनका कोरोना टेस्ट निगेटिव था। अब कहां हैं किसी को पता नहीं।
बाद में पोस्टमार्टम गृह पर पता करने के लिए बोल दिया। सोनू पोस्टमार्टम गृह पर गया तो सिपाही ने एक फोटो दिखाई। वह उसके चाचा मुन्नालाल की थी। पुलिस ने लावारिस में शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। वह वापस आ गया। मुन्नालाल की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार को सोनू ने डीएम ऑफिस और थाना रकाबगंज में शिकायत दर्ज कराई।
सवाल
- मुन्नालाल के देहांत की सूचना परिजनों को क्यों नहीं दी गई?
- कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी तो परिजनों को क्यों नहीं बताया?
पोस्टमार्टम गृह पर बदला था शव
पिछले दिनों पोस्टमार्टम गृह पर एक शव बदल गया था। कारोना पॉजिटिव की जगह एक अन्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस मामले में जांच के आदेश किए गए थे। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब एक और मामला सामने आ गया।
- मुन्नालाल के देहांत की सूचना परिजनों को क्यों नहीं दी गई?
- कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी तो परिजनों को क्यों नहीं बताया?
पोस्टमार्टम गृह पर बदला था शव
पिछले दिनों पोस्टमार्टम गृह पर एक शव बदल गया था। कारोना पॉजिटिव की जगह एक अन्य का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस मामले में जांच के आदेश किए गए थे। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अब एक और मामला सामने आ गया।