फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Officers came from Bareilly to investigate the case of fraud in the name of job.

Agra News: नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में बरेली से जांच करने आए अधिकारी

Fri, 31 Jan 2025 11:23 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
Officers came from Bareilly to investigate the case of fraud in the name of job.
सांकेतिक - फोटो : सांकेतिक
मैनपुरी। लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले स्वास्थ्यकर्मी की विभागीय जांच शुरू हो गई है। राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय बरेली के अधीक्षक ने मैनपुरी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की है।
विज्ञापन

आरोपी कनिष्ठ लिपिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वालों को कार्यालय बुलाया गया लेकिन बयान दर्ज नहीं हो पाए, बयान दर्ज कराने के लिए इन लोगों को बरेली बुलाया गया है। खास बात ये है कि आरोपी ने जान का खतरा बताकर मैनपुरी आने से इन्कार कर दिया है। मैनपुरी स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक प्रशांत शुक्ला के खिलाफ मैनपुरी कोतवाली में ओम बहादुर पुत्र जगजीवन सहाय, विनोद पुत्र सत्यराम, विकास चंद्र पुत्र रामसनेहीलाल, प्रमोद पुत्र रामस्वरूप ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि प्रशांत शुक्ला ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर उनसे 42 लाख रुपये की ठगी की। प्रशांत शुक्ला ने विधानसभा उपचुनाव में निर्वाचन की ड्यूटी भी नहीं की थी। दोनों ही मामलों का लेकर बीते वर्ष दिसंबर माह में निदेशक आयुर्वेद सेवाएं उत्तर प्रदेश मानवेंद्र सिंह ने लिपिक प्रशांत शुक्ला को सस्पेंड कर दिया और एटा कार्यालय पर संबद्ध कर दिया गया। इस मामले की जांच बरेली आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक को सौंपी गई।
विज्ञापन


आरोपी ने बताया जान को खतरा
अधीक्षक ने ठगी से जुड़े चारों ही शिकायतकर्ताओं को बयान दर्ज कराने के लिए मैनपुरी कार्यालय बुलाया। शिकायतकर्ता ओम बहादुर पुत्र जगजीवन सहाय, विनोद पुत्र सत्यराम, विकास चंद्र पुत्र रामसनेहीलाल, प्रमोद पुत्र रामस्वरूप कार्यालय तो पहुंचे लेकिन इनके बयान दर्ज नहीं हो सके। इन शिकायतकर्ताओं ने अधीक्षक बरेली से ठगी से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराने और बयान दर्ज कराने के लिए समय मांगा। जिस पर अधीक्षक ने तीन दिन का समय दिया और बरेली स्थित कार्यालय बुलाया है। उधर, निलंबित लिपिक प्रशांत शुक्ला को एटा कार्यालय से संबद्ध किया है। बताया गया है कि प्रशांत शुक्ला ने मैनपुरी राजकीय आयुर्वेदिक कार्यालय आने पर जानमाल का खतरा बताते हुए बरेली अधीक्षक को पत्र दिया है, जिसमें कहा है कि वह बरेली में ही उपस्थित होकर जांच में सहयोग करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed