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विधूना में जांच करने पहुंचे अधिकारी, शौचालय में मिला फर्जीवाड़ा
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मैनपुरी। ग्राम पंचायत विधूना में फर्जीवाड़ा की शिकायत पर जांच समिति सोमवार को मौके पर जांच के लिए पहुंची। यह जांच समिति प्राथमिक जांच के बाद अंतिम जांच के लिए जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई है। जांच समिति को भी शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा मिला। जांच में पाया गया कि खाते से सौ शौचालयों का पैसा निकाला गया है जबकि 27 शौचालय मौके पर अधूरे मिले। 21 शौचालय बनाए ही नहीं गए हैं।
गांव रामगंज निवासी मुकेश कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसमें पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव पर शौचालय निर्माण के नाम पर फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप लगाए थे। प्राथमिक जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने अंतिम जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति गठित की थी। इसमें परियोजना निदेशक केके सिंह के अलावा सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग गोपेश चौधरी और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग मानवेंद्र सिंह को शामिल किया गया था।
मंगलवार को परियोजना निदेशक के नेतृत्व में जांच टीम ग्राम पंचायत विधूना पहुंची। ग्राम पंचायत के गांव नगला भारा में टीम ने शौचालयों की जांच की। जांच में पता चला कि कुल सौ शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत के खाते से धनराशि की निकासी की गई थी।
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इसके सापेक्ष पूर्व ग्राम प्रधान ऊषा देवी और तत्कालीन पंचायत सचिव सतेंद्र सिंह ने 52 शौचालयों का ही निर्माण कराया। वहीं 27 शौचालय अधूरे तो वहीं 21 शौचालय बनाए ही नहीं गए। टीम ने मौके पर जांच कर ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए। टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा शिकायत की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। मंगलवार को मौके पर जाकर की गई जांच में शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी।
केके सिंह-परियोजना निदेशक डीआरडीए
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गांव रामगंज निवासी मुकेश कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। इसमें पूर्व प्रधान और तत्कालीन सचिव पर शौचालय निर्माण के नाम पर फर्जीवाड़ा किए जाने के आरोप लगाए थे। प्राथमिक जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने अंतिम जांच के लिए तीन अधिकारियों की समिति गठित की थी। इसमें परियोजना निदेशक केके सिंह के अलावा सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग गोपेश चौधरी और अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग मानवेंद्र सिंह को शामिल किया गया था।
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मंगलवार को परियोजना निदेशक के नेतृत्व में जांच टीम ग्राम पंचायत विधूना पहुंची। ग्राम पंचायत के गांव नगला भारा में टीम ने शौचालयों की जांच की। जांच में पता चला कि कुल सौ शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत के खाते से धनराशि की निकासी की गई थी।
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इसके सापेक्ष पूर्व ग्राम प्रधान ऊषा देवी और तत्कालीन पंचायत सचिव सतेंद्र सिंह ने 52 शौचालयों का ही निर्माण कराया। वहीं 27 शौचालय अधूरे तो वहीं 21 शौचालय बनाए ही नहीं गए। टीम ने मौके पर जांच कर ग्रामीणों के भी बयान दर्ज किए। टीम अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी द्वारा शिकायत की जांच के लिए समिति का गठन किया गया था। मंगलवार को मौके पर जाकर की गई जांच में शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी।
केके सिंह-परियोजना निदेशक डीआरडीए