फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Nyari Hindi from language world

भाषा जग से न्यारी हिंदी, रस छंदों की क्यारी हिंदी...

Tue, 24 Aug 2021 12:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Aug 2021 12:03 AM IST
विज्ञापन
Nyari Hindi from language world
मैनपुरी। भाषा जग से न्यारी हिंदी, रस छंदों की क्यारी हिंदी। गीतकार सुरेश चौहान नीरव द्वारा रचित यह पंक्तियां हिंदी की महत्ता का बखान करती हैं। मातृभाषा हिंदी के गुणगान का यह सिलसिला तीन दशक से अनवरत जारी है। हिंदी के विकास के लिए अनेक मंचों से वे गीत पाठ भी कर चुके हैं।
विज्ञापन

गीतकार सुरेश चौहान नीरव का जन्म 15 अक्तूबर सन 1951 को जिले के गांव मिढ़ावली हवेली में जबर सिंह और सुशीला देवी के यहां हुआ था। वर्तमान में वे महेशानंद नगर कुरावली में निवास कर रहे हैं। बचपन से ही हिंदी के प्रति उनका आकर्षण था हालांकि उनकी शिक्षा अंग्रेजी की रही। अंग्रेजी से एमए और बीटीसी करने के बाद उन्होंने मलिखान सिंह इंटर कॉलेज कुरावली में अंग्रेजी के प्रवक्ता के रूप में वर्ष 1974 से 2014 तक शिक्षण कार्य किया।
विज्ञापन

हिंदी साहित्य के प्रति रुचि ने उन्हें प्रेरित किया तो वर्ष 1990 में लेखन शुरू कर दिया। उन्होंने हिंदी गीतों को रचा और भाषा के विकास में उनके द्वारा रचित गीतों को बड़े मंचों पर स्थान मिला। राष्ट्रीय दशहरा मेला कोटा धौलपुर, अलवर, दिल्ली, फतेहपुर आदिस्थानों पर काव्य पाठ किया। उनके द्वारा रचित गीतों में दो गीतों को
विज्ञापन
विज्ञापन

विशेष ख्याति मिली। इसमें पुलिस के लिए लिखा गया गीत देश रक्षक हो प्रहरी हो कानून के बेगुनाहों को तुम मत सतइयो पिया और गांव में परिवर्तन पर लिखा गया गीत राजनीति कर रहे घसेरे, अब बदल गए हैं गांव मेरे... शामिल हैं।

----
मुख्य रचनाएं
उनकी प्रमुख रचनाओं में गीत संग्रह स्मृतियों की छांव में, नीरव के स्वर शामिल हैं। राष्ट्रीय जागरूक जनपद परिषद एटा नामक पत्रिका का प्रकाशन आकाशवाणी और दूरर्शन से प्रसारित हुए उनके गीत आज भी लोगों की जुबां पर हैं। गीतकार सुरेश चौहान नीरव के गीत अकाशवाणी आगरा से कई बार अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। दूरदर्शन लखनऊ से वंस मोर कार्यक्त्रस्म में उन्होंने काव्य पाठ किया। वहीं लखनऊ में ही यूपी बोले चैनल से भी उनके गीत प्रसारित हुए हैं।
ये मिले सम्मान
-महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की तरफ से हिंदी दिवस पर सम्मानित
-निर्झर साहित्यिक संस्था कासगंज द्वारा गीत गौरव सम्मान
-हिंदी प्रोत्साहन संस्था सिकंदरा राऊ हाथरस से सम्मान
-साहित्यिक साधना परिषद मैनपुरी से सम्मान
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed