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बारिश में बरतें सावधानी: कान में पानी भरने से हो रहा फंगस, एसएन की ओपीडी में दोगुना हुए मरीज
Sat, 24 Jul 2021 04:47 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 24 Jul 2021 04:47 PM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बीते 10 दिन पहले तक कान में फंगस, दर्द, गलन के 15 से 20 मरीज आ रहे थे। अब इनकी संख्या दोगुनी हो गई है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बारिश में पानी कान में चला गया, दर्द हुआ और लापरवाही बरती तो उसमें फंगस पड़ गया। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज और ईएनटी रोग विशेषज्ञों के यहां बीते 10 दिन में ऐसे मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी रोग विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि ओपीडी में बीते 10 दिन पहले तक कान में फंगस, दर्द, गलन के 15 से 20 मरीज आ रहे थे।
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अब बारिश के चलते इनकी संख्या दोगुना हो गई और 40 से अधिक मरीजों में यह परेशानी मिल रही है। इनके कान में दर्द, मवाद आना, खुजली और फंगस की परेशानी मिली। खासतौर से कान पर्दे में छेद या फिर अन्य बीमारी वाले मरीजों में ज्यादा दिक्कत है।
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कान में गंदगी से गलने लगती है खाल: डॉ. आलोक मित्तल
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि कान में पानी जाने पर उसमें वैक्स फूल जाती है, जो अंदरूनी हिस्से को गलाने लगता है। इसमें मवाद और फंगस पड़ रहा है। बारिश के कारण मरीजों की संख्या अब दोगुनी हो गई है।
यह बरतें सावधानी:
- कान के पर्दे में छेद है तो बारिश में जाने से पहले रुई लगाएं।
- कान में दर्द, जलन, खुजली होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- मवाद आ रहा है तो देरी कतई न करें, डॉक्टर से इलाज कराएं।
- कानों की चिकित्सकीय परामर्श से रूई से साफ-सफाई करें।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि कान में पानी जाने पर उसमें वैक्स फूल जाती है, जो अंदरूनी हिस्से को गलाने लगता है। इसमें मवाद और फंगस पड़ रहा है। बारिश के कारण मरीजों की संख्या अब दोगुनी हो गई है।
यह बरतें सावधानी:
- कान के पर्दे में छेद है तो बारिश में जाने से पहले रुई लगाएं।
- कान में दर्द, जलन, खुजली होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- मवाद आ रहा है तो देरी कतई न करें, डॉक्टर से इलाज कराएं।
- कानों की चिकित्सकीय परामर्श से रूई से साफ-सफाई करें।