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कर्मचारियों पर सख्त हुआ आगरा विवि, अब 'काम नहीं तो वेतन नहीं'
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 05 Jul 2017 09:47 PM IST
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agra university
- फोटो : agra university
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डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के निलंबन के मामले ने और तूल पकड़ लिया है। कर्मचारियों की हड़ताल पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। बुधवार को कुलसचिव ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी कर दिया। कर्मचारी संघ ने भी निलंबित कर्मचारियों को बहाल न करने पर आंदोलन तीव्र करने की चेतावनी दी है।
रामा मेडिकल कालेज की छात्रा की छपी मार्कशीट लंबे समय तक रोकी गई थी। इसके आरोप में कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित के आदेश पर कुलसचिव केएन सिंह ने 30 जून को तीन कर्मचारियों को निलंबित किया था। आरोप को गड़बड़ बताकर कई कर्मचारी शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी के नेतृत्व में एक जुलाई से ही हड़ताल पर हैं। इससे मार्कशीट के लिए छात्र-छात्राएं चक्कर काट रहे हैं।
बुधवार शाम कुलसचिव ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि एक जुलाई से कार्यालयों में कर्मचारी अनुपस्थित चल रहे हैं। इससे दूरदराज से आने वाले छात्रों की समस्याएं समाधान नहीं हो पा रहा है।
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सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वह कार्यालय में बैठकर अपने पटल का काम करें। जो भी कर्मचारी कार्य से अनुपस्थित रहेंगे, उनका नो वर्क नो पे के आधार पर वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
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रामा मेडिकल कालेज की छात्रा की छपी मार्कशीट लंबे समय तक रोकी गई थी। इसके आरोप में कुलपति डा. अरविंद कुमार दीक्षित के आदेश पर कुलसचिव केएन सिंह ने 30 जून को तीन कर्मचारियों को निलंबित किया था। आरोप को गड़बड़ बताकर कई कर्मचारी शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी के नेतृत्व में एक जुलाई से ही हड़ताल पर हैं। इससे मार्कशीट के लिए छात्र-छात्राएं चक्कर काट रहे हैं।
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बुधवार शाम कुलसचिव ने ‘नो वर्क, नो पे’ का आदेश जारी कर दिया। इसमें कहा गया है कि एक जुलाई से कार्यालयों में कर्मचारी अनुपस्थित चल रहे हैं। इससे दूरदराज से आने वाले छात्रों की समस्याएं समाधान नहीं हो पा रहा है।
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सभी कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वह कार्यालय में बैठकर अपने पटल का काम करें। जो भी कर्मचारी कार्य से अनुपस्थित रहेंगे, उनका नो वर्क नो पे के आधार पर वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
बीएमएस ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
अागरा विवि
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के समर्थन में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) भी आ गया है। बीएमएस के प्रदेश सह संगठन मंत्री शंकर लाल ने बुधवार को विश्वविद्यालय प्रांगण में मीडिया से कहा कि सुधार के नाम पर कर्मचारियों का शोषण नहीं होने दिया जाएगा। छात्र हित और मजदूर हित में टकराव की स्थिति भी नहीं पैदा होने दी जाएगी।
आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने की साजिश के तहत कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निलंबित कर्मचारियों को तत्काल बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन में और तेजी लाई जाएगी। वार्ता के दौरान शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी, अरविंद गुप्ता, अनिल कुमार, धर्मवीर शर्मा, देवेश वाजपेई, दिनेश चंद्र शर्मा, धर्मपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने की साजिश के तहत कर्मचारियों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निलंबित कर्मचारियों को तत्काल बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन में और तेजी लाई जाएगी। वार्ता के दौरान शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी, अरविंद गुप्ता, अनिल कुमार, धर्मवीर शर्मा, देवेश वाजपेई, दिनेश चंद्र शर्मा, धर्मपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।