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लाखों रुपये की अनियमितता में प्रधान और सचिव फंसे
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10एमएनपी-09-गांव नखतपुर में बना शौचालय फाइल फोटो
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। ग्राम पंचायत सथिनी दलीपपुर में ग्राम प्रधान और सचिव ने शौचालय निर्माण में गड़बड़ी कर लाखों का फर्जीवाड़ा कर डाला। जांच में खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी ने पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत नोटिस जारी किया है।
ग्राम पंचायत सथिनी दलीपपुर में प्रधान और सचिव द्वारा बड़े पैमाने पर शौचालयों में फर्जीवाड़ा किया गया था। 66 शौचालयों के सत्यापन में एक भी शौचालय सही नहीं मिला था। किसी शौचालय में गड्ढे नहीं मिले तो किसी में दीवार नहीं बनी थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार शौचालयों के नाम पर करीब सात लाख रुपये की धनराशि का दुरुपयोग सामने आया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए फाइल भेजी गई थी। इस पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने सथिनी दलीपपुर के ग्राम प्रधान श्रीकृष्ण और सचिव चंद्रपाल सिंह को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत नोटिस जारी किया है। उन्हें सात दिन में साक्ष्य सहित जवाब देना होगा। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
ये था मामला
ग्राम पंचायत निवासी दीपक चौहान ने शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
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बिना अभिलेखों के ही करनी पड़ी थी जांच
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति में जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह, अपर सांख्यिकीय अधिकारी अवधेश सिंह और अवर अभियंता आरईडी लक्ष्मी नारायण का शामिल किया गया था। टीम को जांच में समस्या का सामना करना पड़ा। सचिव द्वारा अभिलेख न देने के चलते जांच में देरी हुई। बाद में भी अभिलेख न देने पर जांच शिकायत सूची से ही करनी पड़ी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए संस्तुति की गई थी। जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साक्ष्य सहित जवाब न देने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
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ग्राम पंचायत सथिनी दलीपपुर में प्रधान और सचिव द्वारा बड़े पैमाने पर शौचालयों में फर्जीवाड़ा किया गया था। 66 शौचालयों के सत्यापन में एक भी शौचालय सही नहीं मिला था। किसी शौचालय में गड्ढे नहीं मिले तो किसी में दीवार नहीं बनी थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार शौचालयों के नाम पर करीब सात लाख रुपये की धनराशि का दुरुपयोग सामने आया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए फाइल भेजी गई थी। इस पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने सथिनी दलीपपुर के ग्राम प्रधान श्रीकृष्ण और सचिव चंद्रपाल सिंह को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत नोटिस जारी किया है। उन्हें सात दिन में साक्ष्य सहित जवाब देना होगा। ऐसा न करने पर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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ये था मामला
ग्राम पंचायत निवासी दीपक चौहान ने शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।
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बिना अभिलेखों के ही करनी पड़ी थी जांच
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा गठित जांच समिति में जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह, अपर सांख्यिकीय अधिकारी अवधेश सिंह और अवर अभियंता आरईडी लक्ष्मी नारायण का शामिल किया गया था। टीम को जांच में समस्या का सामना करना पड़ा। सचिव द्वारा अभिलेख न देने के चलते जांच में देरी हुई। बाद में भी अभिलेख न देने पर जांच शिकायत सूची से ही करनी पड़ी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए संस्तुति की गई थी। जिलाधिकारी ने प्रधान और सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साक्ष्य सहित जवाब न देने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।