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एनओसी तो तैयार है, पर मिलेगी तब जब...
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 02 Sep 2015 01:54 AM IST
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एनओसी तो तैयार है, पर मिलेगी तब जब.... यह कहते हुए अग्निश्मन विभाग के एक अफसर ने एसआरके मॉल के मैनेजर को न केवल एनओसी दिखाई, बल्कि इसका फोटो भी खिंचवा लिया। लेकिन अगले ही पल इसे फाइल में रखकर देने से साफ इंकार कर दिया। बोला, मिलेगी तब, जब बड़े साहब की ईच्छा पूरी हो जाएगी। मैनेजर ने पूछा कि जब देनी नहीं थी, तो दिखाई क्यों? जवाब मिला, ताकि तुम्हारे मालिक को तसल्ली हो जाए। खास बात यह है कि एनओसी के इस फोटो में अफसर का अंगूठा भी साफ नजर आ रहा है। और एक शासनादेश का कुछ हिस्सा भी चमक रहा है।
अफसर की यह हरकत इसलिए हैरान कर रही है क्योंकि एसआरके माल में गेम्स जोन खुलने के लिए अग्निश्मन विभाग एनओसी जारी करने में देरी पर देरी किए जा रहा है। 2014-15 के लिए सीएफओ की ओर से जारी एनओसी को बड़े अधिकारियों ने मानने से इंकार कर दिया। इस अधूरी एनओसी में उल्लेख नहीं है कि यह कितनी अवधि के लिए है? अधूरी एनओसी जारी करना गलत है लेकिन अफसर पर कोई एक्शन लेने के बजाय एसआरके माल के मालिक सर्व कुमार उफ शौकी कपूर से फिर से एनओसी लेने के लिए कहा गया।
इसके बाद जब नए सिरे से आवेदन किया गया, तो चीफ फायर ऑफिसर ने मुआयना करके 12 अगस्त को एनओसी जारी करने के लिए संस्तुति कर दी। इसके बावजूद एक सितंबर तक एनओसी जारी नहीं की गई।
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यह खबर मंगलवार को अमर उजाला में छपी, तो विभाग में जबरदस्त हड़कंप मच गया। डिप्टी डायरेक्टर राम स्नेही शाम चार बजे खुद मुआयना करने पहुंच गए। उधर एडीएम वित्त ने भी विभाग से पूरे मामले की जानकारी ली। लेकिन एनओसी अभी भी जारी नहीं की गई है। डिप्टी डायरेक्टर ने माल में अग्निश्मन के उपायों को लेकर कुछ कमियां दूर करने के लिए कहा है । शौकी कपूर ने बताया कि अफसर ने एनओसी का जो फोटो खिंचवाया, वह उनके पास है। यह डीएम और कमिश्नर को दे दिया गया है।
कौन सही - कौन गलत
शौकी कपूर
1. अगर सीएफओ द्वारा जारी एनओसी फर्जी है, तो लिखकर क्यों नहीं दिया?
2. जब 12 अगस्त को मुआयने में कोई कमी नहीं मिली, तो फिर से निरीक्षण क्यों ?
3. माल का जो नक्शा पहले से जमा है, उसे फिर से क्यों मांगा गया?
डिप्टी डायरेक्टर
1. एनओसी फर्जी नहीं बताई गई, नई एनओसी लेने के लिए कहा गया।
2. सीएफओ ने सिर्फ गेम जोन का निरीक्षण किया था, मैंने पूरे माल का किया है।
3. नक्शा जमा नहीं कराया गया था, तभी तो मांगा गया है।
तो माल बंद करना पड़ेगा
शौकी कपूर ने डीएम और कमिश्नर को लिखकर दिया है कि मनोरंजन कर और अग्निश्मन विभाग के उत्पीड़न से तंग आ चुके है। अब बर्दाश्त नहीं होता। यही हाल रहा तो माल बंद करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि घाटे के बावजूद वे माल सिर्फ इसलिए चला रहे हैं ताकि शहरवासियों को सुविधा मिलती रहे। लेकिन इंस्पेक्टर राज सहन करते करते अब हिम्मत जवाब दे रही है।
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अफसर की यह हरकत इसलिए हैरान कर रही है क्योंकि एसआरके माल में गेम्स जोन खुलने के लिए अग्निश्मन विभाग एनओसी जारी करने में देरी पर देरी किए जा रहा है। 2014-15 के लिए सीएफओ की ओर से जारी एनओसी को बड़े अधिकारियों ने मानने से इंकार कर दिया। इस अधूरी एनओसी में उल्लेख नहीं है कि यह कितनी अवधि के लिए है? अधूरी एनओसी जारी करना गलत है लेकिन अफसर पर कोई एक्शन लेने के बजाय एसआरके माल के मालिक सर्व कुमार उफ शौकी कपूर से फिर से एनओसी लेने के लिए कहा गया।
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इसके बाद जब नए सिरे से आवेदन किया गया, तो चीफ फायर ऑफिसर ने मुआयना करके 12 अगस्त को एनओसी जारी करने के लिए संस्तुति कर दी। इसके बावजूद एक सितंबर तक एनओसी जारी नहीं की गई।
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यह खबर मंगलवार को अमर उजाला में छपी, तो विभाग में जबरदस्त हड़कंप मच गया। डिप्टी डायरेक्टर राम स्नेही शाम चार बजे खुद मुआयना करने पहुंच गए। उधर एडीएम वित्त ने भी विभाग से पूरे मामले की जानकारी ली। लेकिन एनओसी अभी भी जारी नहीं की गई है। डिप्टी डायरेक्टर ने माल में अग्निश्मन के उपायों को लेकर कुछ कमियां दूर करने के लिए कहा है । शौकी कपूर ने बताया कि अफसर ने एनओसी का जो फोटो खिंचवाया, वह उनके पास है। यह डीएम और कमिश्नर को दे दिया गया है।
कौन सही - कौन गलत
शौकी कपूर
1. अगर सीएफओ द्वारा जारी एनओसी फर्जी है, तो लिखकर क्यों नहीं दिया?
2. जब 12 अगस्त को मुआयने में कोई कमी नहीं मिली, तो फिर से निरीक्षण क्यों ?
3. माल का जो नक्शा पहले से जमा है, उसे फिर से क्यों मांगा गया?
डिप्टी डायरेक्टर
1. एनओसी फर्जी नहीं बताई गई, नई एनओसी लेने के लिए कहा गया।
2. सीएफओ ने सिर्फ गेम जोन का निरीक्षण किया था, मैंने पूरे माल का किया है।
3. नक्शा जमा नहीं कराया गया था, तभी तो मांगा गया है।
तो माल बंद करना पड़ेगा
शौकी कपूर ने डीएम और कमिश्नर को लिखकर दिया है कि मनोरंजन कर और अग्निश्मन विभाग के उत्पीड़न से तंग आ चुके है। अब बर्दाश्त नहीं होता। यही हाल रहा तो माल बंद करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि घाटे के बावजूद वे माल सिर्फ इसलिए चला रहे हैं ताकि शहरवासियों को सुविधा मिलती रहे। लेकिन इंस्पेक्टर राज सहन करते करते अब हिम्मत जवाब दे रही है।