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Agra News: टैरिफ की सड़क पर नहीं दौड़ा जूता, पर्यटन के हाथ फिर खाली

Mon, 02 Feb 2026 02:58 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:58 AM IST
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No shoe runs on the road of tariff, tourism again has empty hands
गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना
आगरा। अमेरिकी टैरिफ के बोझ तले दबा जूता इस बजट के बाद दौड़ नहीं पाया। आगरा के लेदर फुटवियर उद्योग को बजट के प्रावधानों से विशेष रियायतों की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केवल ड्यूटी फ्री आयात की सुविधा छह माह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई, जबकि उद्यमी अमेरिकी टैरिफ की काट तलाश रहे थे। यही हाल पर्यटन उद्योग का रहा जो पूरे बजट में अपने लिए योजनाएं और रियायतें तलाश करता रहा लेकिन निराशा ही हाथ लगी।
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आगरा में लेदर फुटवियर उद्योग से चार लाख तो पर्यटन से करीब 3.50 लाख लोग जुड़े हुए हैं। इन दोनों सेक्टरों में बजट के बाद उद्यमियों के हाथ खाली हैं। जूता उद्योग को प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की उम्मीद थी जो पूरी नहीं हुई। फुटवियर के लिए बजट में पीएलआई योजना रखी ही नहीं गई। शू अपर के लिए ड्यूटी फ्री आयात मिलेगा लेकिन निर्यातक ब्याज में सब्सिडी और अमेरिकी टैरिफ का जवाब चाहते थे।
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आंकड़े बोल रहे हकीकत
- बजट में फुटवियर लेदर एसेसरीज प्रोग्राम के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जबकि वर्ष 2024-25 में यह 282 करोड़ था और 2025-26 में यह 350 करोड़ किया गया। इसी तरह ड्यूटी ड्रॉ बैक योजना के लिए इस बार केवल 185.54 करोड़ का बजट है, जो वर्ष 2024-25 में 257 करोड़ और बीते साल 182 करोड़ रुपये था।
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- पर्यटन के लिए स्वदेश योजना में बजट आवंटन 1905 करोड़ है जो 2024-25 में 1900 करोड़ रुपये था। इसी तरह प्रसाद योजना में बजट 245 करोड़ है, जो दो साल पहले 240 करोड़ रुपये मिला था। सैलानियों को भारत के प्रति आकर्षित करने के लिए विदेश में प्रमोशन के लिए इस बार सरकार ने 3.50 करोड़ का बजट रखा है जो बीते साल 3.45 करोड़ था।

न कुछ खोया न पाया


- बजट का कुल सार यही है। ड्यूटी फ्री आयात के उपयोग की सुविधा छह माह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई। इसका लागत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- गोपाल गुप्ता, अध्यक्ष, एफमेक

टैरिफ से निपटने को कुछ भी नहीं

- बजट कैसा है, यह शेयर बाजार ने बता दिया। अमेरिकी टैरिफ से निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए, न ही कोई रियायत दी गई। फुटवियर के लिए पीएलआई जैसी योजना भी नहीं दी तो निर्यात कैसे बढ़ेगा।
- नजीर अहमद, पूर्व अध्यक्ष

बढ़ गई चुनाैती
बजट उम्मीद के मुताबिक नहीं है। केवल ड्यूटी फ्री आयात के उपयोग की सुविधा छह माह और बढ़ा दी गई है। इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। टैरिफ की चुनौती से ऐसे निपटना मुश्किल है। - प्रदीप वासन, महासचिव

पर्यटन के हाथ खाली
- पर्यटन को कुछ नहीं मिला है। केवल गाइडों के प्रशिक्षण के अलावा कोई योजना नहीं है। स्वदेश, प्रसाद योजना में भी बजट नहीं बढ़ाया गया है। ताज और आगरा को कुछ नहीं मिला। - राजीव सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष, टूरिज्म गिल्ड

गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना

गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना

गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना

गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना

गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना

गोपाल गुप्ता, नजीर अहमद, प्रदीप वासन, राजीव सक्सेना

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