बाह। जरार की गल्ला मंडी की दुकानें मंडी समिति के नए बने परिसर में शिफ्ट कर दी गई हैं। मंडी समिति के परिसर में छांव की व्यवस्था है न पीने के पानी का इंतजाम। एक मात्र टिनशेड में दुकानदारों ने अपने तख्त डालकर कांटे आदि लगा लिए हैं।
बृहस्पतिवार को भीषण गर्मी के बीच किसान अपनी उपज को बेचने के लिए मंडी समिति परिसर पहुंचे। शरीर झुलसा देने वाली गर्मी के बीच अपनी गेंहू, सरसों, मूंग आदि की फसल की बिक्री की। नरहोली के किसान भूपेंद्र सिंह चौहान, गुंगावली के संजय सिंह, जरार के पुरषोत्तम सिंह ने बताया लू के कहर के बीच अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए अपनी उपज बेचने को मंडी समिति परिसर में जा रहे हैं। परिसर में पीने के पानी तक का इंतजाम नहीं है। धूप से बचने के लिए छांव तक नहीं है। छांव और पानी का प्रबंध नहीं किया गया, तो किसानों के लू की चपेट में आने का खतरा बढ़ गया है। एनजीओ नव अक्षय पात्र के संयोजक एवं समाजसेवी उमेश सिसोदिया के नेतृत्व में एक महीने पहले जरार के गल्ला कारोबारी सतीश चंद्र गुप्ता, राममोहन गुप्ता, प्रहलाद गुप्ता, पदम सिंह, राजकुमार कोरी, सोनीराम गुप्ता, संतोष पचौरी, सुरेश गुप्ता आदि ने विधायक पक्षालिका सिंह से मिलकर मंडी परिसर में दुकानों के लिए जगह दिलाने और संसाधनों का प्रबंध किए जाने की मांग उठाई थी। विधायक ने मंडी सचिव को समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे। किसानों एवं कारोबारियों से जुड़ी समस्या का समाधान न होने पर उमेश सिसोदिया ने नाराजगी जताते हुए प्रबंध और व्यवस्थाएं किए जाने की मांग की है।