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Agra News: सिकंदरा पुलिस को नहीं मिली राहत, पुलिसकर्मियों पर दर्ज होगी प्राथमिकी
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आगरा। महिला से मारपीट के मामले में थाना सिकंदरा पुलिस को सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिल सकी। सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद प्रस्तुत रिवीजन विधिक रूप से पोषणीय न होने के कारण निरस्त कर दिया। तीन दरोगा और महिला आरक्षी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होगी। ऐसे में पुलिसकर्मियों को थाने से भी हटाया जा सकता है।
किरावली मोड़, सिकंदरा निवासी सीमा सिकरवार को गैर जमानती वारंट के मामले में 4 जून को पुलिस ने मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया था। 5 जून को कोर्ट में पेश किया था। पेशी पर अधिवक्ताओं ने पुलिस पर हिरासत में महिला से मारपीट का आरोप लगाया गया और री मेडिकल कराने की मांग की। मेडिकल रिपोर्ट में महिला के तीन चोट होने की पुष्टि हुई। इस पर कोर्ट ने थाना सिकंदरा के दरोगा सुरजीत सिंह, नीलेश शर्मा, नेहा और मुख्य आरक्षी सीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। आदेश के खिलाफ राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने रिवीजन दाखिल किया। इसमें डीजीसी और एडीजीसी ने तर्क दिए। 6 जून के अधीनस्थ कोर्ट के आदेश को स्वीकार करने की प्रार्थना की। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज और जीडी तलब करने की अर्जी दी गई थी। इस पर 15 जून को सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर सकती है पुलिस
सत्र न्यायालय से रिवीजन खारिज होने के बाद पुलिस हाईकोर्ट की शरण ले सकती है। इसके लिए रिट दाखिल करेगी। पुलिस अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक राय लेने के बाद याचिका दाखिल करेंगे।
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- एकता से हटाए थे दरोगा नीलेश
एसआई नीलेश शर्मा पर पहले भी आरोप लगे थे। वह एकता पुलिस चौकी पर तैनात थे। तक करणी सेना के पदाधिकारियों की पिटाई का आरोप लगा था। उन्हें चौकी से हटा दिया गया था।
पिटाई के मामले में पहले भी फंसी पुलिस
पिटाई के मामले में पुलिस पहले भी फंस चुकी है। जीवनी मंडी पुलिस चौकी में एक दूध विक्रेता को पीटा गया था। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके अलावा पिटाई पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई हो चुकी है। अधिकारियों के पास थाने में वसूली के मामले भी आ रहे हैं। कई मामलों में जांच चल रही है।
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किरावली मोड़, सिकंदरा निवासी सीमा सिकरवार को गैर जमानती वारंट के मामले में 4 जून को पुलिस ने मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया था। 5 जून को कोर्ट में पेश किया था। पेशी पर अधिवक्ताओं ने पुलिस पर हिरासत में महिला से मारपीट का आरोप लगाया गया और री मेडिकल कराने की मांग की। मेडिकल रिपोर्ट में महिला के तीन चोट होने की पुष्टि हुई। इस पर कोर्ट ने थाना सिकंदरा के दरोगा सुरजीत सिंह, नीलेश शर्मा, नेहा और मुख्य आरक्षी सीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। आदेश के खिलाफ राज्य की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने रिवीजन दाखिल किया। इसमें डीजीसी और एडीजीसी ने तर्क दिए। 6 जून के अधीनस्थ कोर्ट के आदेश को स्वीकार करने की प्रार्थना की। बृहस्पतिवार को मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज और जीडी तलब करने की अर्जी दी गई थी। इस पर 15 जून को सुनवाई होगी।
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हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर सकती है पुलिस
सत्र न्यायालय से रिवीजन खारिज होने के बाद पुलिस हाईकोर्ट की शरण ले सकती है। इसके लिए रिट दाखिल करेगी। पुलिस अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ताओं से विधिक राय लेने के बाद याचिका दाखिल करेंगे।
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- एकता से हटाए थे दरोगा नीलेश
एसआई नीलेश शर्मा पर पहले भी आरोप लगे थे। वह एकता पुलिस चौकी पर तैनात थे। तक करणी सेना के पदाधिकारियों की पिटाई का आरोप लगा था। उन्हें चौकी से हटा दिया गया था।
पिटाई के मामले में पहले भी फंसी पुलिस
पिटाई के मामले में पुलिस पहले भी फंस चुकी है। जीवनी मंडी पुलिस चौकी में एक दूध विक्रेता को पीटा गया था। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके अलावा पिटाई पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई हो चुकी है। अधिकारियों के पास थाने में वसूली के मामले भी आ रहे हैं। कई मामलों में जांच चल रही है।