फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   No priest, no lesson in temple of education

शिक्षा के मंदिरों में न ‘पुजारी’, न ही ‘पाठ’

Wed, 04 May 2016 01:39 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Wed, 04 May 2016 01:39 AM IST
विज्ञापन
No priest, no lesson in temple of education
शिक्षा के मंदिरों में न ‘पुजारी’, न ही ‘पाठ’ - फोटो : Amar Ujala
देश का तीव्र गति से विकास करने के लिए युवाओं, राजनेताओं समेत समाज के अधिकांश वर्गों में जागरूकता आई है। जागरूकता के स्तर का आलम यह है कि विकास के मुद्दे पर चुनाव में जीत दर्ज की जा रही है। विकास के लिए सड़क, बिजली जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत तो होती ही है, लेकिन इन इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा जरूरी होता है सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर। सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी शिक्षा सबसे अहम है। बिना गुणवत्तापूर्ण, संस्कारित और हुनरमंद शिक्षा के व्यक्ति, समाज और देश का कितना और कैसा विकास हो सकता है, इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। आगरा जिले में शिक्षा की स्थिति अच्छी नहीं है। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की शिक्षा का स्तर निम्न और व्यवस्था तो खराब है ही, परिषदीय बेसिक स्कूलों और आईटीआई में भी शिक्षा का स्तर दयनीय है। पेश है आगरा जिले में शिक्षा का हाल बताती तीन खबरें - 
विज्ञापन


कुचालक जानते हो, इलेक्ट्रानिक और इलेक्ट्रीकल क्या हैं। अच्छा चलो यही बता दो विद्युत और ऊष्मा में क्या अंतर है। राजकीय प्रशिक्षु परिषद अध्यक्ष और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री नित्यानंद शर्मा के  ऐसे तमाम सवालों का विद्यार्थियों के पास कोई जवाब नहीं था। मंगलवार को राजकीय तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान का निरीक्षण करने आए अध्यक्ष को शैक्षणिक व्यवस्था चौपट मिली। उन्होंने हर ट्रेड की लैब में जाकर विद्यार्थियों से प्रश्न किए। अध्यक्ष ने शिक्षक और संस्थान के प्रधानाचार्य के लिए इसे शर्मनाक बताया। प्रधानाचार्य को नसीहत देते हुए कहा कि इससे बेहतर है कि आप हमें यहां बुलाते ही नहीं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत अखिलेश सरकार स्किल डेवलपमेंट की अनेक योजनाएं चला रही है। 
विज्ञापन


विद्यार्थियों से रूबरू होकर स्पष्ट हो गया कि शैक्षणिक स्तर बेहद दयनीय है। परिसर में निरीक्षण कर साफ-सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शिक्षा का स्तर निम्न है, मुख्यमंत्री को इससे अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 नित्यानंद शर्मा, राजकीय प्रशिक्षु परिषद अध्यक्ष और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री 

डीएम पहुंचे मीटिंग करने, अनुपस्थित मिले शिक्षक 
गदपुरा गांव में परिषदीय स्कूल का निरीक्षण करने गए थे
सूचना के बाद भी अनुपस्थित रहे शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
 जिलाधिकारी पंकज कुमार मंगलवार को तहसील दिवस के बाद एत्मादपुर के लोहिया ग्राम गदपुरा का निरीक्षण करने पहुंचे। सूचना देने के बाद भी परिषदीय प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय से शिक्षक गायब मिले। स्कूल में पढ़ने वाले गांव के बच्चे जिलाधिकारी के पूछने पर गिनती और अंग्रेजी की वर्णमाला नहीं सुना सके। शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दोपहर करीब ढाई बजे जिलाधिकारी, एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह, बीएसए धर्मेंद्र कुमार सक्सेना और अन्य अधिकारी के साथ गांव पहुंचे। गदपुरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छुट्टी कर दी गई थी। सहायक अध्यापक वेद प्रकाश और चारू मित्र मौजूद नहीं मिले। मौके पर मिले इंचार्ज प्रधानाध्यापक मनोज कुमार को शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। प्राथमिक विद्यालय से सहायक अध्यापिका रीना शर्मा और माया शर्मा अनुपस्थित रहीं। स्कूल में 99 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापिका निशि अग्रवाल को जुलाई तक यह संख्या 150 पहुंचाने के निर्देश दिए। जूनियर हाईस्कूल एत्मादपुर में महज 33 विद्यार्थी पंजीकृत मिले। अध्यापक तीन हैं। जुलाई तक छात्र संख्या न बढ़ने पर अध्यापकाें का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई। 


विद्यार्थियों का जन्मदिन मनाना भूल गए स्कूल
प्रत्येक माह की 30 तारीख को जन्मदिन मनाया जाना है, महज 150 स्कूलों ने भेजी रिपोर्ट
 
परिषदीय बेसिक स्कूलों के अध्यापक अप्रैल माह में विद्यार्थियों का जन्मदिन मनाना भूल गए। जिले में करीब तीन हजार प्राइमरी और पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें से महज 150 स्कूलों ने जन्मदिन मनाए जाने की रिपोर्ट भेजी है।
 शासन स्तर से व्यवस्था की गई है कि प्रत्येक माह की 30 तारीख को विद्यालय में छात्र-छात्राओं का जन्मदिन केक काटकर मनाया जाए। हर माह कुछ विद्यार्थियों का जन्मदिन पड़ता है। जन्मदिन मनाए जाने की रिपोर्ट फोटो के साथ प्रधानाध्यापक को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजनी है। मार्च से इसकी शुरुआत की गई। पहले माह में अधिकारियों को निरीक्षण पर लगाया गया था, इससे उस माह में स्थिति ठीक रही। 

जुलाई से प्रति माह 30 तारीख को निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण की आनलाइन रिपोर्ट देनी होगी। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
 धर्मेंद्र कुमार सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed