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सिर्फ नाम का अस्पताल: चार साल से स्वास्थ्यकर्मी नहीं, 4000 लोग इलाज के लिए परेशान
Sat, 29 May 2021 01:30 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 29 May 2021 01:30 PM IST
सार
फतेहाबाद ब्लाक के प्रतापपुरा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर कूड़े का ढेर लगा है। स्वास्थ्य केंद्र की इमारत भी जर्जर हो चुकी है। चार साल से स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। ग्राम प्रतापुरा से जुड़े गांव के 4000 लोगों को उपचार के लिए सात किमी दूर फतेहाबाद सीएचसी जाना पड़ता है।
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स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर कूड़े का ढेर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के फतेहाबाद ब्लाक के ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कोरोना काल में और भी बदतर हो गई है। वर्ष 2015 में ग्राम प्रतापुरा में बने उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हो गया है और इसका मुख्य गेट टूटा है, जिसके कारण आवारा पशुओं का डेरा रहता है। इसके बाहर कूड़े का ढेर लगा हुआ है।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके सिंह का कहना है कि शासन के निर्देश पर फतेहाबाद क्षेत्र के करीब 20 उप स्वास्थ्य केंद्रों को शीघ्र ही साफ-सफाई तथा मरम्मत करवाकर शुरू करा दिया जाएगा। जिनमें टीकाकरण के अतिरिक्त दिनों में एएनएम बैठेगी तथा स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएगी।
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प्रतापुरा के सूरज शर्मा, किशोरी लाल, ज्ञानेंद्र शर्मा और रमेश शर्मा ने बताया कि 2015 में निर्माण के बाद उपस्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य कर्मचारी आते थे। लेकिन चार साल से कोई चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी नहीं आया। ऐसे में भवन खंडहर हो चुका है। इसके गेट के पास लोग कूड़ा डालने लगे हैं। दरवाजा न होने के कारण केंद्र के अंदर आवारा जानवर घुस जाते है।
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इन गांवों को मिलता इलाज
प्रतापपुरा के उप स्वास्थ्य केंद्र से प्रतापपुरा, नगर चंद, छतरिया पुरा, घड़ी बदे आदि गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों की आबादी 4000 हजार है। उप स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा नहीं होने से अभी उन्हें उपचार के लिए फतेहाबाद सीएचसी जाना पड़ता है। सीएचसी फतेहाबाद की दूरी इन गांवों से सात किलोमीटर है।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
घड़ी बदे निवासी दिनेश शर्मा ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की शिकायत कई बार समाधान दिवस में अधिकारियों से कर चुके है। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दरवाजे और दीवारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। मुख्य द्वार टूटकर अलग गिर चुका है।
एएनएम स्कूल में करती है टीकाकरण
प्रतापपुरा के सतीश चंद्र ने बताया कि गांव में बना उप स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों के आने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। एएनएम पास के स्कूल में बैठकर टीकाकरण करके चली जाती हैं। बुखार-जुकाम होने पर सात किमी दूर सीएसची फतेहाबाद जाना पड़ता है।
प्रतापपुरा के उप स्वास्थ्य केंद्र से प्रतापपुरा, नगर चंद, छतरिया पुरा, घड़ी बदे आदि गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों की आबादी 4000 हजार है। उप स्वास्थ्य केंद्र पर सुविधा नहीं होने से अभी उन्हें उपचार के लिए फतेहाबाद सीएचसी जाना पड़ता है। सीएचसी फतेहाबाद की दूरी इन गांवों से सात किलोमीटर है।
कई बार कर चुके हैं शिकायत
घड़ी बदे निवासी दिनेश शर्मा ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र बंद होने की शिकायत कई बार समाधान दिवस में अधिकारियों से कर चुके है। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। दरवाजे और दीवारें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। मुख्य द्वार टूटकर अलग गिर चुका है।
एएनएम स्कूल में करती है टीकाकरण
प्रतापपुरा के सतीश चंद्र ने बताया कि गांव में बना उप स्वास्थ्य केंद्र पर कर्मचारियों के आने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। एएनएम पास के स्कूल में बैठकर टीकाकरण करके चली जाती हैं। बुखार-जुकाम होने पर सात किमी दूर सीएसची फतेहाबाद जाना पड़ता है।