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गाड़ियों से उतर गईं लाल-नीली बत्ती, पर अब तक नहीं आया शासनादेश

Mon, 01 May 2017 10:55 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला आगरा
ब्यूरो /अमर उजाला आगरा Updated Mon, 01 May 2017 10:55 PM IST
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no government order received till date for removing red and blue beacon from vehical
लालबत्ती - फोटो : amar ujala
वीआईपी संस्कृति के खात्मे की बात कहकर केंद्र की मोदी सरकार ने सरकारी वाहनों से लाल और नीली बत्ती हटाने का जो निर्णय लिया था, उसका शासनादेश अब तक परिवहन विभाग के पास नहीं आया है। ये आदेश एक मई से लागू होना था। हालांकि उससे पहले ही अधिकतर अधिकारियों की गाड़ी और सरकारी वाहनों से लाल और नीली बत्ती हटाई जा चुकी हैं। 
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बता दें कि केंद्र सरकार के निर्णय के बाद लाल और नीली बत्ती के संबंध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आपत्तियां मांगी थीं। दस दिन में लोगों ने मंत्रालय में सीधे आपत्तियां भेजी हैं। इन बत्तियों के बारे में कोई शासनादेश नहीं आया है, लेकिन ज्यादातर अधिकारियों ने स्वत: ही इन बत्तियों का प्रयोग बंद कर दिया है। संभागीय परिवहन कार्यालय के प्रवर्तन दल भी इस बत्ती का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने मन की बात कार्यक्रम में भी केंद्र सरकार के इस निर्णय का जिक्र किया था। 
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मामले में आगरा के आरटीओ (प्रशासन) डा. विजय कुमार ने बताया कि बत्तियों के प्रयोग के संदर्भ में मंत्रालय ने 30 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी थीं। आपत्तियां सीधी मंत्रालय को भेजी गई थीं। अब इस संदर्भ को कोई शासनादेश जल्द आ सकता है। हालांकि, संभागीय परिवहन विभाग के अफसरों ने गाड़ियों से नीली बत्ती हटवा दी हैं। यहां तक कि प्रवर्तन दलों की गाड़ियों से भी बत्ती हटवाई जा चुकी हैं। अन्य विभागों के अधिकारी भी इसका अनुसरण कर रहे हैं। 
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