फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   No development work in seven villages of Municipal Corporation Agra

अमर उजाला पड़ताल: नगर निगम में शामिल सात गांवों में सालभर में भी नहीं हुए विकाय कार्य

Fri, 27 Nov 2020 11:48 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 27 Nov 2020 11:48 AM IST
विज्ञापन
No development work in seven villages of Municipal Corporation Agra
करहई गांव की सड़कों पर भरा पानी - फोटो : अमर उजाला

आगरा नगर निगम में पिछले साल 26 नवंबर को शामिल हुए सात गांवों में सालभर में विकास के कार्य नहीं हुए। न सीवर लाइन बिछाई गई न पानी की। न तो सफाई का इंतजाम हुआ और न ही नाली खड़ंजे बनाए गए। गांवों के निगम में जाने के बाद ग्राम पंचायतों ने काम बंद कर दिया जबकि निगम ने काम शुरू ही नहीं किए। लोग परेशान हैं और अफसरों के चक्कर काट रहे हैं।

विज्ञापन


शहर से सटे गांव बाबरपुर, तोरा, कलाल खेड़िया, कहरई, चमरौली, नगला अलबतिया और दहतोरा को ठीक एक साल पहले नगर निगम ने अपनी सीमा में शामिल किया था। लेकिन सफाई, सीवर, सड़क निर्माण, जल निकासी का जिम्मा अब तक नहीं लिया है।
विज्ञापन



16.12 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली सातों ग्राम पंचायतें अब इन गांवों में विकास नहीं करा रहीं, वहीं नगर निगम गजट न होने के कारण विकास और सफाई कराने से इनकार कर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कचरे के ढेर... सड़कों पर भरा पानी
कहरई ग्राम पंचायत में सड़कों पर  एक फुट तक नाली का पानी भरा हुआ है। यहां सफाई के नाम पर केवल एक कर्मचारी है। जगह जगह गांव में कचरे के ढेर हैं। कुछ यही हाल दहतोरा का है। यहां जगह जगह कचरे के ढेर लगे हैं।

इससे तो हम गांव में ही अच्छे थे
कहरई के ग्राम प्रधान रवि जौनवार ने कहा कि एक साल से हमारा गांव शहरी सीमा में शामिल हुआ है, लेकिन नगर निगम कोई काम नहीं करा रहा। यहां तक कि सफाई व्यवस्था भी नहीं संभाली। हम लोग अधर में लटके हैं। इससे अच्छा था कि गांव ही बने रहते। 

कहरई निवासी राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पहले पंचायत से काम करा लेते थे, लेकिन एक साल से पंचायत भी काम नहीं करा रही। सड़कों पर पानी भरा है। नालियां हैं नहीं। सभी इस इंतजार में हैं कि नगर निगम काम कराएगा। फिलहाल तो नरक है यहां। 

गांव बाबरपुर के विजय बघेल ने कहा कि शहर का तो नाम है, हम गांव में ही भले। शहर की हालत क्या अच्छी है। नगर निगम पहले अपने हिस्सों की सफाई कर ले। हमें कागजों पर शामिल भी कर लिया और काम भी नहीं करा रहे। ये तो मजाक हो गया। 

दलील : सरकारी आदेश पर संभालेंगे जिम्मेदारी
नगर आयुक्त निखिल टी. फुंडे का कहना है कि जब तक गांव और शहरी क्षेत्र को आगरा नगर निगम में शामिल करने का गजट (सरकारी आदेश) नहीं हो जाता, तब तक नगर निगम वहां व्यवस्थाएं नहीं संभाल सकता। पहले गजट हो, तब हम काम शुरू करा पाएंगे।

'अधिसूचना का इंतजार है'
मेयर नवीन जैन ने बताया कि प्रदेश सरकार सीमा विस्तार को मंजूर कर चुकी है। अधिसूचना बाकी है। जैसे ही गजट होगा, हम सबसे पहले सफाई, फिर नालियां और फिर सड़कों का निर्माण कराएंगे। बजट मिले न मिले, काम कराना शुरू कर देंगे। इन गांवों की तस्वीर बदल जाएगी। 

प्रस्ताव करोड़ों के... काम एक भी न हुआ
गांव                     ये रकम होगी खर्च
बाबरपुर मुस्तकिल    19.85 करोड़
चमरौली                  9.34 करोड़
नगला अलबतिया     12.49 करोड़
दहतोरा                   4.16 करोड़
शास्त्रीपुरम योजना    23.22 करोड़
अवधपुरी                 6.46 करोड़
यूपीएसआईडीसी    46.04 करोड़
(कहरई और कलाल खेरिया स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हैं)
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed