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खतरा नहीं पर फीकी पड़ जाएगी ताज की चमक
अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 10 May 2016 01:38 AM IST
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ताजमहल
- फोटो : getty
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एएसआई रसायन शाखा के भेजे सैंपल का किया है अध्ययन
कीट के स्राव में मौजूद तत्वों और केमिकल का दिया ब्योरा
ताज की दीवारों को क्लोरोफिल का स्राव कर हरा करने वाले कीड़े पर एएसआई को वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी ने भी रिपोर्ट सौंप दी है। एएसआई रसायन शाखा के भेजे सैंपल का अध्ययन कर वाडिया इंस्टीट्यूट ने कीट के स्राव में मौजूद तत्वों और केमिकल का ब्योरा भेजा है। एएसआई के मुताबिक, घातक रसायनों की मौजूदगी न होने से फिलहाल ताज को इस स्राव से कोई खतरा नहीं है। लेकिन ज्यादा समय तक कीटों की मौजूदगी से ताज की चमक और रंग प्रभावित हो सकता है।
एएसआई रसायन शाखा ने ताज की उत्तरी दीवार पर कीड़ों के हमले पर तीन दिन तक सैंपल इकट्ठे कर चार प्रमुख संस्थानों को भेजे थे। इनमें रसायन शाखा ने दिल्ली गेट लैब में संगमरमर पर कीट के स्राव का अध्ययन कराया, जिसमें क्लोरोफिल के कारण हरे रंग का असर संगमरमर पर पाया गया, जबकि रसायन शाखा देहरादून ने कीड़े के स्राव में मौजूद केमिकल का अध्ययन किया। देहरादून के ही वाडिया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी ने भी इसकी रिपोर्ट एएसआई को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कीट के स्राव में मौजूद तत्व संगमरमर के लिए नुकसानदेह नहीं हैं।
‘ताज पर कीड़ों के हमले की रिपोर्ट मिली है। इसे मुख्यालय भेजा गया है, ताकि आगे की प्रभावी कार्यवाही कराई जा सके। टीटीजेड चेयरमैन को भी इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट की कॉपी भेजी जा रही है।’
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डा. भुवन विक्र म
अधीक्षण पुरातत्वविद
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कीट के स्राव में मौजूद तत्वों और केमिकल का दिया ब्योरा
ताज की दीवारों को क्लोरोफिल का स्राव कर हरा करने वाले कीड़े पर एएसआई को वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी ने भी रिपोर्ट सौंप दी है। एएसआई रसायन शाखा के भेजे सैंपल का अध्ययन कर वाडिया इंस्टीट्यूट ने कीट के स्राव में मौजूद तत्वों और केमिकल का ब्योरा भेजा है। एएसआई के मुताबिक, घातक रसायनों की मौजूदगी न होने से फिलहाल ताज को इस स्राव से कोई खतरा नहीं है। लेकिन ज्यादा समय तक कीटों की मौजूदगी से ताज की चमक और रंग प्रभावित हो सकता है।
एएसआई रसायन शाखा ने ताज की उत्तरी दीवार पर कीड़ों के हमले पर तीन दिन तक सैंपल इकट्ठे कर चार प्रमुख संस्थानों को भेजे थे। इनमें रसायन शाखा ने दिल्ली गेट लैब में संगमरमर पर कीट के स्राव का अध्ययन कराया, जिसमें क्लोरोफिल के कारण हरे रंग का असर संगमरमर पर पाया गया, जबकि रसायन शाखा देहरादून ने कीड़े के स्राव में मौजूद केमिकल का अध्ययन किया। देहरादून के ही वाडिया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी ने भी इसकी रिपोर्ट एएसआई को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कीट के स्राव में मौजूद तत्व संगमरमर के लिए नुकसानदेह नहीं हैं।
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‘ताज पर कीड़ों के हमले की रिपोर्ट मिली है। इसे मुख्यालय भेजा गया है, ताकि आगे की प्रभावी कार्यवाही कराई जा सके। टीटीजेड चेयरमैन को भी इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट की कॉपी भेजी जा रही है।’
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डा. भुवन विक्र म
अधीक्षण पुरातत्वविद