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पराक्रम: स्वतंत्रता दिवस से पहले आगरा में जवानों ने किया शौर्य का प्रदर्शन, सात हजार फीट से लगाई छलांग
Fri, 13 Aug 2021 10:30 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 13 Aug 2021 10:30 AM IST
सार
आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर बीओसी मैदान पर काम्बैट फ्री फॉल आयोजित किया गया, सात हजार फुट की ऊंचाई से जांबाजों ने लगाई छलांग
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पराक्रम दिखाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सात हजार फुट की ऊंचाई। एक-एक करके आसमान में छलांग लगाते जांबाज। हाथों में तिरंगा लहराते हुए। जमीन पर आते ही तालियों की गूंज। यह नजारा शुक्रवार को बीओसी मैदान का था। मौका था आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के जश्न का। थल सेना ने शुक्रवार की सुबह अपने अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन कर हर किसी को गौरवान्वित कर दिया। शत्रुजीत ब्रिगेड के 75 पैरा ट्रूपर्स के काम्बैट फ्री फॉल से हर कोई रोमांचित हो गया। लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी जीओसी इन सी सेंट्रल कमांड और एयर मार्शल आरजे डकवर्थ एओसी इन सी सेंट्रल एयर कमांड कार्यक्रम में मौजूद रहे।
15 अगस्त 2022 को देश स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा। इससे पहले केंद्र सरकार की पहल पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी के तहत आगरा की पैरा ब्रिगेड स्थित बीओसी मैदान में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। बाद में वायु सेना के विमान से एक-एक करके थल सेना और वायु सेना के 75 पैरा ट्रूपर्स ने सात हजार फुट से छलांग लगाई। इसे काम्बैट फ्री फॉल कहा जाता है। पैरा ट्रूपर्स के हैरतअंगेज करतब देखकर सैन्य अधिकारियों से लेकर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाईं। जांबाजों ने आसमान में तिरंगा लहराया तो हर कोई खुशी से झूम उठा। पैरा ट्रूपर्स एक-एक करके बीओसी मैदान पर उतरे। उन्होंने जमीन पर उतरते ही मोर्चा संभाल लिया।
काम्बैट फ्री फॉल के बाद 75 कुशल पैरा ट्रूपर्स ने निहत्थे लड़ाकू प्रदर्शन किया। भारतीय वायु सेना ने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का नियोजित हवाई संचालन प्रदर्शित किया। इसके बाद युद्ध के हालात का प्रदर्शन किया। इसमें फायरिंग से लेकर मोर्चा संभालने के बारे में दर्शाया गया। कार्यक्रम का समापन पैराट्रूपर्स के पैरा मोटर प्रदर्शन के साथ हुआ। लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने शत्रुजीत ब्रिगेड के शहीद जांबाज सैनिकों, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, उन्हें शत्रुजीत युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
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15 अगस्त 2022 को देश स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ मनाएगा। इससे पहले केंद्र सरकार की पहल पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। इसी के तहत आगरा की पैरा ब्रिगेड स्थित बीओसी मैदान में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगान के साथ हुई। बाद में वायु सेना के विमान से एक-एक करके थल सेना और वायु सेना के 75 पैरा ट्रूपर्स ने सात हजार फुट से छलांग लगाई। इसे काम्बैट फ्री फॉल कहा जाता है। पैरा ट्रूपर्स के हैरतअंगेज करतब देखकर सैन्य अधिकारियों से लेकर कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने तालियां बजाईं। जांबाजों ने आसमान में तिरंगा लहराया तो हर कोई खुशी से झूम उठा। पैरा ट्रूपर्स एक-एक करके बीओसी मैदान पर उतरे। उन्होंने जमीन पर उतरते ही मोर्चा संभाल लिया।
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काम्बैट फ्री फॉल के बाद 75 कुशल पैरा ट्रूपर्स ने निहत्थे लड़ाकू प्रदर्शन किया। भारतीय वायु सेना ने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का नियोजित हवाई संचालन प्रदर्शित किया। इसके बाद युद्ध के हालात का प्रदर्शन किया। इसमें फायरिंग से लेकर मोर्चा संभालने के बारे में दर्शाया गया। कार्यक्रम का समापन पैराट्रूपर्स के पैरा मोटर प्रदर्शन के साथ हुआ। लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने शत्रुजीत ब्रिगेड के शहीद जांबाज सैनिकों, जिन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, उन्हें शत्रुजीत युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी।
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सेना की वस्तुएं दिखाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
सैन्य उपकरण और हथियारों का प्रदर्शन
समारोह में सेना की ताकत को दिखाया गया। इस दौरान बीएमपी, आर्टिलरी गन्स, व्हीकल माउंटेड एंटी टैंक मिसाइलों और वायु रक्षा मिसाइलों के लाइव प्रदर्शन से अपनी तीव्र प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान टैंक, रॉकेट लांचर, हैवी मशीन गन, कैंप और दुश्मन के ठिकानों को मिटाने वाले हथियार प्रदर्शित किए गए।
विद्यार्थी बोले, सेना में भर्ती होकर करनी है देश की सेवा
आसमान में पैरा ट्रूपर्स के करतब देखकर आर्मी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थी भी रोमांचित हो गए। सेना किस तरह से प्रशिक्षण करती है, कौन-कौन से हथियार का इस्तेमाल कहां करती है? यह सब जानने का मौका कार्यक्रम में उनको मिला। विद्यार्थियों का कहना था कि वह भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करेंगे।
बीओसी मैदान पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विद्यालय और आर्मी स्कूल के विद्यार्थियों को भी बुलाया गया था। विद्यार्थी पैरा ट्रूपर्स के हैरतअंगेज करतब देखकर रोमांचित हुए। उन्होंने कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सेना के जवानों के साथ फोटो भी खिंचवाएं।
समारोह में सेना की ताकत को दिखाया गया। इस दौरान बीएमपी, आर्टिलरी गन्स, व्हीकल माउंटेड एंटी टैंक मिसाइलों और वायु रक्षा मिसाइलों के लाइव प्रदर्शन से अपनी तीव्र प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन किया। इस दौरान टैंक, रॉकेट लांचर, हैवी मशीन गन, कैंप और दुश्मन के ठिकानों को मिटाने वाले हथियार प्रदर्शित किए गए।
विद्यार्थी बोले, सेना में भर्ती होकर करनी है देश की सेवा
आसमान में पैरा ट्रूपर्स के करतब देखकर आर्मी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थी भी रोमांचित हो गए। सेना किस तरह से प्रशिक्षण करती है, कौन-कौन से हथियार का इस्तेमाल कहां करती है? यह सब जानने का मौका कार्यक्रम में उनको मिला। विद्यार्थियों का कहना था कि वह भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करेंगे।
बीओसी मैदान पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विद्यालय और आर्मी स्कूल के विद्यार्थियों को भी बुलाया गया था। विद्यार्थी पैरा ट्रूपर्स के हैरतअंगेज करतब देखकर रोमांचित हुए। उन्होंने कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सेना के जवानों के साथ फोटो भी खिंचवाएं।
सेना का पराक्रम देखने पहुंचे स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय विद्यालय के छात्र हर्ष राघव ने बताया कि मैं पहली बार आया हूं। यहां आकर काफी अच्छा लगा। वह भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहते हैं।
काजल देशवाल ने बताया कि कार्यक्रम में आकर पता चला कि सेना के जवान किस तरह से प्रशिक्षण लेते हैं। वह किस तरह से काम करती है। उनके पास क्या हथियार और उपकरण होते हैं, इन सब की जानकारी मिली है।
छात्रा अनीता ने कहा कि मैं पहली बार आई हूं। काफी मजा आया। पिता सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेना का प्रदर्शन देखने को मिला। ऐसा लगा कि युद्ध हो रहा हो। हमें सेना पर गर्व है। कार्यक्रम काफी शानदार था।
छात्रा काजल ने बताया कि यहां आकर पता चला कि सेना के जवानों को काफी कठिन प्रशिक्षण करना होेता है। काफी कुछ जानने का मौका मिला है। सेना में भी भर्ती होना चाहती हूं।
काजल देशवाल ने बताया कि कार्यक्रम में आकर पता चला कि सेना के जवान किस तरह से प्रशिक्षण लेते हैं। वह किस तरह से काम करती है। उनके पास क्या हथियार और उपकरण होते हैं, इन सब की जानकारी मिली है।
छात्रा अनीता ने कहा कि मैं पहली बार आई हूं। काफी मजा आया। पिता सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। सेना का प्रदर्शन देखने को मिला। ऐसा लगा कि युद्ध हो रहा हो। हमें सेना पर गर्व है। कार्यक्रम काफी शानदार था।
छात्रा काजल ने बताया कि यहां आकर पता चला कि सेना के जवानों को काफी कठिन प्रशिक्षण करना होेता है। काफी कुछ जानने का मौका मिला है। सेना में भी भर्ती होना चाहती हूं।