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UP Nikay Chunav 2023: मुस्लिम मतदाताओं के इस रुझान से उड़े प्रत्याशियों के होश, नहीं हो सकी वोटों में सेंधमारी
Fri, 05 May 2023 10:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 05 May 2023 10:23 AM IST
सार
निकाय चुनाव में मुस्लिम वोटर में सेंधमारी का प्रयास फेल रहा। मुस्लिम इलाकों में सुबह से ही मतदाताओं का ऐसा रुझान रहा, जिसने प्रत्याशियों के होश उड़ा दिए।
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मुस्लिम मतदाता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा नगर निगम के चुनाव में मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण नहीं हो सका। मंटोला, ढोलीखार, नाई की मंडी, गुलाबखाना, काजीपाड़ा, वजीरपुरा, हींग की मंडी, शहीद नगर सहित अन्य इलाकों में मतदेय स्थलों पर वोट देने के प्रति मुस्लिमों का रुझान कम नजर आया। मुस्लिम महिलाएं भी इस बार घरों से कम निकलीं।
मुस्लिम इलाकों के मतदेय स्थलों पर सुबह सात से 10 बजे के बीच ही कुछ गहमागहमी दिखी। मंटोला के नीलोफर अनवरी स्कूल, सदर भट्ठी के सगीर फातिमा गर्ल्स स्कूल स्थित मतदेय स्थलों पर पूरे दिन मतदान कर्मचारी आराम फरमाते नजर आए। यही हालात सरस्वती विद्या मंदिर नाई की मंडी के मतदेय स्थल पर रही। यहां भी मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या है मगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से वो मायूस दिखे।
मतदाताओं ने हाथी के साथ ही साइकिल और हाथ पर भी बटन दबाया। कहीं भी किसी एकमुश्त वोट देने जैसे हालात नजर नहीं आए। शहीद नगर, लोहामंडी, वजीरपुरा में भी मतदेय स्थलों पर मुस्लिम महिलाओं की संख्या कम नजर आई। नाई की मंडी की रुखसाना का कहना था कि वोटर लिस्ट में नाम नहीं था। मुस्लिम वोटरों में मेयर को लेकर ऊहापोह की स्थिति देखी गई।
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ये भी पढ़ें - Nikay Chunav: पहले चरण का मतदान हुआ खत्म, आगरा के 40 वार्डों में बागियों ने बिगाड़े दिग्गजों के समीकरण
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मुस्लिम इलाकों के मतदेय स्थलों पर सुबह सात से 10 बजे के बीच ही कुछ गहमागहमी दिखी। मंटोला के नीलोफर अनवरी स्कूल, सदर भट्ठी के सगीर फातिमा गर्ल्स स्कूल स्थित मतदेय स्थलों पर पूरे दिन मतदान कर्मचारी आराम फरमाते नजर आए। यही हालात सरस्वती विद्या मंदिर नाई की मंडी के मतदेय स्थल पर रही। यहां भी मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या है मगर वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने से वो मायूस दिखे।
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मतदाताओं ने हाथी के साथ ही साइकिल और हाथ पर भी बटन दबाया। कहीं भी किसी एकमुश्त वोट देने जैसे हालात नजर नहीं आए। शहीद नगर, लोहामंडी, वजीरपुरा में भी मतदेय स्थलों पर मुस्लिम महिलाओं की संख्या कम नजर आई। नाई की मंडी की रुखसाना का कहना था कि वोटर लिस्ट में नाम नहीं था। मुस्लिम वोटरों में मेयर को लेकर ऊहापोह की स्थिति देखी गई।
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अलग रहा रुझान
ऐसे में हर इलाके में रुझान भी अलग नजर आया। मंटोला में मतदाताओं की पसंद अलग थी तो लोहामंडी में झुकाव अलग नजर आया। इस तरह मुस्लिम वोट एकमुश्त एक प्रत्याशी के पक्ष में नहीं पड़ सका। हालांकि मुस्लिम इलाकों में भी वोटर लिस्ट से नाम गायब होने के कारण मतदान प्रतशित में गिरावट आई। टीला अजमेरी खां में 600 लोगों की पोलिंग में महज 120 मतदाताओं के नाम ही थे। इसका असर भी मुस्लिम इलाकों के मतदेय स्थलों पर देखने को मिला।ये भी पढ़ें - Nikay Chunav: आगरा में मतदान के बाद पुलिस की पिटाई और पथराव, वीडियो हो रहा वायरल
लामबंद करने के मंसूबे फेल
मुस्लिम इलाकों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए मोबाइलों पर देर रात मैसेज पहुंचाए गए। एक प्रत्याशी के पक्ष में वोट डालने की अपील की गई, लेकिन इसका कोई ज्यादा असर मतदान में देखने को नहीं मिला।ये भी पढ़ें- दुस्साहस: बाइक पर डंडा मारकर गिराया, फिर लूट लिया मोबाइल और रुपये