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प्रदूषण फैलाने पर 11 महीने में 14 करोड़ का जुर्माना, वसूली एक रुपये भी नहीं

Sat, 04 Jul 2020 01:54 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 04 Jul 2020 01:54 PM IST
सार

  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल निगम और एनएचएआई पर लगाया था सात-सात करोड़ का जुर्माना

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NHAI and Jal Nigam did not pay penalty for spreading pollution in agra
हाईवे पर उड़ती धूल (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले 11 महीनों में जल निगम और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पर सात-सात करोड़ रुपये का जुर्माना लगा तो दिया लेकिन वसूली एक रुपये की भी नहीं हो पाई है। अब ताज ट्रैपेजियम जोन (टीटीजेड) प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण प्राधिकरण ने दोनों महकमों से जवाब तलब किया है।

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एनएचएआई पर जुर्माने की वजह यह बताई गई थी कि आगरा-दिल्ली सिक्स लेन प्रोजेक्ट में पांच साल तक धूल उड़ाई गई। इससे हवा में जहरीले कण बढ़े और लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा। 
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टीटीजेड के आदेश पर अगस्त 2019 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) व उत्तर प्रदेश प्रदूषणनियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने 6.84 करोड़ रुपये की पर्यावरण क्षति का आकलन कर जुर्माना लगाया। 11 माह बाद भी एनएचएआई ने एक रुपया जमा नहीं किया।

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एसटीपी से नदी में बहाया सीवर

जल निगम पर जुर्माना इसलिए लगा क्योंकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चल रहे थे। इंजीनियर्स ने सीवर कोल्हई नाले के रास्ते यमुना में बहाया। एसटीपी नहीं चलाए। कमिश्नर के निरीक्षण में पोल खुली, तो यूपीपीसीबी ने जल निगम की यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई पर पहले 15 लाख और फिर सात करोड़ रुपये जुर्माने की संस्तुति बोर्ड को भेजी। छह माह बाद भी जल निगम ने एक रुपया जमा नहीं किया है।

जल निगम ने कहा, जुर्माना गलत कराया गया

जल निगम के मुख्य अभियंता आरके गर्ग ने बताया कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति गलत लगाई गई है। जल निगम ने अपना जवाब बोर्ड को भेज दिया है। शासन स्तर से मामला विचाराधीन है। 

एनएचएआई का जवाब, जवाबदेही ठेकेदार की

एनएचएआई के परियोजना निदेशक मोहम्मद शफी ने कहा कि एनएचएआई ने क्षति नहीं पहुंचाई। ठेकेदार की जवाबदेही है, उसे नोटिस दिया जाना चाहिए। इस संबंध में अपना जवाब एनएचआई ने प्रदूषण बोर्ड को भेज दिया है। 

'एक रुपया भी जमा नहीं' 

यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी भुवन यादव ने बताया कि एनएचएआई और जल निगम दोनों पर करीब 14 करोड़ जुर्माना लगाया था। किसी ने एक रुपया जमा नहीं किया। शासन स्तर पर जो निर्णय होगा। उस आधार पर कार्रवाई करेंगे। 

आख्या मांगी है- कमिश्नर 

टीटीजेड प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं कमिश्नर अनिल कुमार ने कहा कि एसटीपी संचालन, नालों से सीवर बहाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आख्या मांगी है। अगली बैठक में समीक्षा होगी। 
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