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सड़क किनारे पड़े नवजात की चीखों से नहीं पसीजे लोग, पुलिसवाला बना 'मसीहा'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 21 Sep 2018 11:43 AM IST
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पुलिस कर्मी को गोद में नवजात
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में एक नवजात को मां का दुलार नसीब नहीं हुआ। रोने के लिए सड़क पर पटक दिया गया। लोग भी तमाशबीन बने रहे। पुलिस आई तो उसे गोद में उठा लिया। इसके बाद उसे अस्पताल ले गए। खाकी के कदम को सभी ने सराहा।
लोहामंडी में ट्यूशन जा रहे एक छात्र ने गुरुवार को 100 नंबर पर कॉल करके नवजात के सड़क पर पड़े होने की जानकारी दी। पीआरवी-27 पहुंच गई। इसमें दरोगा शैलेंद्र सिंह, सिपाही विशेष कुमार सहित तीन लोग थे।
नवजात बच्चा पॉलिथीन में लिपटा था, उसके रोने की आवाज आ रही थी। वहां लोगों की भीड़ लग गई, लेकिन कोई उसे गोद में उठाने के लिए तैयार नहीं था। इस पर दरोगा शैलेंद्र सिंह और सिपाही विशेष कुमार ने उसे गोद में उठा लिया।
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लोहामंडी में ट्यूशन जा रहे एक छात्र ने गुरुवार को 100 नंबर पर कॉल करके नवजात के सड़क पर पड़े होने की जानकारी दी। पीआरवी-27 पहुंच गई। इसमें दरोगा शैलेंद्र सिंह, सिपाही विशेष कुमार सहित तीन लोग थे।
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नवजात बच्चा पॉलिथीन में लिपटा था, उसके रोने की आवाज आ रही थी। वहां लोगों की भीड़ लग गई, लेकिन कोई उसे गोद में उठाने के लिए तैयार नहीं था। इस पर दरोगा शैलेंद्र सिंह और सिपाही विशेष कुमार ने उसे गोद में उठा लिया।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती
विशेष कुमार ने अपने अंगोछे में उसे लपेट दिया। इसके बाद बिना देर किए एसएन मेडिकल कॉलेज ले आए। यहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ थी।
प्रिमेच्योर डिलीवरी से उसका जन्म हुआ था। उसका वजन भी सवा किलोग्राम ही था। इस पर उसे पीआईसीयू में रखा गया। देर शाम तक उसकी हालत में सुधार हो गया। मामले की जानकारी पर चाइल्ड लाइन सदस्य पहुंच गए। उन्होंने बच्चे के उपचार की व्यवस्था कराई।
प्रिमेच्योर डिलीवरी से उसका जन्म हुआ था। उसका वजन भी सवा किलोग्राम ही था। इस पर उसे पीआईसीयू में रखा गया। देर शाम तक उसकी हालत में सुधार हो गया। मामले की जानकारी पर चाइल्ड लाइन सदस्य पहुंच गए। उन्होंने बच्चे के उपचार की व्यवस्था कराई।