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सरकारी मेडिकल कॉलेज में न इलाज मिला और न ऑक्सीजन, दूसरे अस्पताल में नवजात की मौत
Tue, 06 Aug 2019 10:01 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 06 Aug 2019 10:01 AM IST
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एसएन मेडिकल कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में सोमवार को चिकित्सकों की गुंडागर्दी फिर सामने आई। नवजात को एनआईसीयू की सुविधा न बताकर भर्ती से मना कर दिया। पिता ने विरोध किया तो उनको पीट दिया। मोबाइल भी छीन लिया। पुलिस ने मामला शांत कराते हुए मोबाइल वापस कराया। परिजन नवजात को जयपुर ले गए, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
मथुरा के बल्देव निवासी बृजेश सिंह की पत्नी देवेंद्री का प्रसव सिकंदरा स्थित प्राइवेट अस्पताल में हुआ। चिकित्सक ने नवजात के हृदय संबंधी बीमारी बताते हुए एसएन इमरजेंसी के लिए भेज दिया। दोपहर एक बजे बृजेश अपने शिशु को लेकर इमरजेंसी पहुंचे।
यहां स्टाफ ने एनआइसीयू की सुविधा न होने की बात कहते हुए कही और ले जाने को कहा। नवजात के पिता ने गिड़गिड़ाते हुए हालत खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि कहीं और ले जाने की व्यवस्था करते हैं, तब तक भर्ती कर लो।
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मथुरा के बल्देव निवासी बृजेश सिंह की पत्नी देवेंद्री का प्रसव सिकंदरा स्थित प्राइवेट अस्पताल में हुआ। चिकित्सक ने नवजात के हृदय संबंधी बीमारी बताते हुए एसएन इमरजेंसी के लिए भेज दिया। दोपहर एक बजे बृजेश अपने शिशु को लेकर इमरजेंसी पहुंचे।
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यहां स्टाफ ने एनआइसीयू की सुविधा न होने की बात कहते हुए कही और ले जाने को कहा। नवजात के पिता ने गिड़गिड़ाते हुए हालत खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि कहीं और ले जाने की व्यवस्था करते हैं, तब तक भर्ती कर लो।
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नवजात को नहीं दी ऑक्सीजन
इस पर नवजात को इमरजेंसी के अंदर ले लिया, लेकिन ऑक्सीजन नहीं दी। तीमारदार ने किसी को नंबर लगाने के लिए फोन लगाया तो डॉक्टरों ने उसे छीन लिया। विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी। पुलिस भी बुला ली। पुलिस ने मोबाइल दिलाते हुए मामला शांत कराया।
पीड़ित बृजेश सिंह का कहना है कि नवजात की तबियत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन उसे एनआईसीयू में भर्ती नहीं किया। स्ट्रेचर पर ही लिटा दिया। विरोध किया तो उसको पीटा। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि इमरजेंसी स्टाफ और बाल रोग विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
एसएसपी ऑफिस और डीएम ऑफिस में किया फोन
नवजात का इलाज न मिलने और पिटाई किए जाने पर पीड़ित के रिश्तेदार कोमल सिंह ने एसएसपी कार्यालय में फोन मिलाया। यहां बताया कि इसकी शिकायत डीएम कार्यालय में करो, एसएन उनके ही अधीन आता है। डीएम कार्यालय में फोन करने के बाद वहां उनको प्राचार्य कार्यालय में शिकायत करने का सुझाव दे दिया, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई।
पीड़ित बृजेश सिंह का कहना है कि नवजात की तबियत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन उसे एनआईसीयू में भर्ती नहीं किया। स्ट्रेचर पर ही लिटा दिया। विरोध किया तो उसको पीटा। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा का कहना है कि इमरजेंसी स्टाफ और बाल रोग विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है।
एसएसपी ऑफिस और डीएम ऑफिस में किया फोन
नवजात का इलाज न मिलने और पिटाई किए जाने पर पीड़ित के रिश्तेदार कोमल सिंह ने एसएसपी कार्यालय में फोन मिलाया। यहां बताया कि इसकी शिकायत डीएम कार्यालय में करो, एसएन उनके ही अधीन आता है। डीएम कार्यालय में फोन करने के बाद वहां उनको प्राचार्य कार्यालय में शिकायत करने का सुझाव दे दिया, लेकिन सुनवाई कहीं नहीं हुई।