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एसआईटी ने रात भर क्यों की तत्कालीन प्रधानाचार्य और उनके परिवार से पूछताछ
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08एमएनपी-39-नवोदय विद्यालय में जांच करते आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल व सीओ एसटीएफ श्यामकांत सिं?
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। नवोदय में छात्रा की कथित हत्या के मामले में तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर और उनके परिवार को एसआईटी ने बुलाया था। मैनपुरी पहुंचीं प्रधानाचार्य व उनके परिवार से एसआईटी ने रात भर ट्रांजिस्ट हॉस्टल में पूछताछ की। इस दौरान स्टाफ को भी पूछताछ के लिए ट्रांजिस्ट हॉस्टल लाया गया था।
जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत के दौरान प्रधानाचार्य के पद पर सुषमा सागर थीं। मामले में हत्या के आरोप के बाद ही शासन ने उन्हें निलंबित कर लखनऊ संबद्ध कर दिया था। एसआईटी ने उन्हें जांच के लिए बुलाया था। शनिवार को तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर अपने पति राजेश कुमार और तीन बच्चों के साथ मैनपुरी पहुंची। उनके पहुंचने के बाद शनिवार रात को 11 बजे एसआईटी टीम सुषमा सागर, राजेश कुमार और उनके बड़े बेटे प्रिंस के साथ ही कुछ अन्य स्टाफ को ट्रांजिस्ट हॉस्टल ले आई। यहां एसआईटी प्रमुख आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल, एसपी अजय कुमार व सीओ एसटीएफ श्यामकांत ने सभी से अलग-अलग रात भर पूछताछ की।
टीम लगातार ये जानने का प्रयास कर रही थी कि आखिर छात्रा ने प्रधानचार्य से मिलने के लिए अपने मामा को क्यों बुलाया था। क्या बात थी जो छात्रा को परेशान कर रही थी। इसके साथ ही हॉस्टल में छात्रा के साथ हुई घटनाओं पर प्रधानाचार्य ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। सूत्रों के अनुसार एसआईटी के सवालों में तत्कालीन प्रधानाचार्य बुरी तरह उलझी रहीं।
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वहीं उनके बड़े बेटे प्रिंस और पति राजेश कुमार से भी एसआईटी ने पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार छात्रा की मौत के दौरान तत्कालीन प्रधानाचार्य का बड़ा बेटा नवोदय में ही था। ऐसे में एसआईटी लगातार उससे भी पूछताछ करती रही। विद्यालय के अन्य स्टाफ से प्रधानाचार्य के बारे में जानकारी जुटाई गई। रात 11 बजे शुरू हुई पूछताछ सुबह पांच बजे तक चली। सुबह पांच बजे टीम ने सभी को जाने दिया।
शाम को फिर विद्यालय पहुंची टीम
रात भर पूछताछ के बाद भी एसआईटी ने तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर व उनके परिवार को जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके चलते वे नवोदय विद्यालय में ही रुकी हैं। रविवार को शाम चार बजे आईजी मोहित अग्रवाल और एसपी अजय कुमार फिर नवोदय विद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानाचार्य क्वार्टर का निरीक्षण करने के साथ ही दोबारा तत्कालीन प्रधानाचार्य व उनके परिवार से पूछताछ की। देर रात तक यहां पूछताछ चलती रही।
पूर्व नर्स को किया गया तलब
एसआईटी ने छात्रा के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए पूर्व में तैनात रहीं नर्स शारदा यादव को भी बुलाया है। एक साल पहले उनका स्थानांतरण हो गया था। लेकिन छात्रा की मौत से करीब दो माह पहले वे नवोदय आईं थीं। इसकी जानकारी होने के बाद एसआईटी ने उन्हें भी बुलाया है। सोमवार को उनके विद्यालय पहुंचने की बात कही जा रही है।
क्यों नहीं दी परिजनों को सूचना
नवोदय की तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर से एसआईटी ने कई सवाल किए। सूत्रों के अनुसार इस दौरान ये भी पूछा कि अगर छात्रा ने आत्महत्या भी की थी तो भी परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई। क्या कारण था कि विद्यालय प्रशासन बिना जानकारी के ही छात्रा को अस्पताल में छोड़ आया। इस सवाल पर प्रधानाचार्य गोल-मोल जवाब देकर बचने का प्रयास करती रहीं।
हॉस्टल में क्या हुआ था मामला
छात्रा के कमरे से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद करने का दावा किया था। इसमें छात्रा द्वारा पूर्व में हुई कुछ घटनाओं का जिक्र किया गया था। एसआईटी ने उन घटनाओं की सत्यता को भी जाना। प्रधानाचार्य से पूछा गया कि जो बातें नोट में लिखीं हैं, उनमें कितनी सत्यता है। क्या पहले कभी ऐसा कुछ हुआ था। आखिर किस बात को लेकर बच्चे छात्रा को तंग कर रहे थे।
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जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत के दौरान प्रधानाचार्य के पद पर सुषमा सागर थीं। मामले में हत्या के आरोप के बाद ही शासन ने उन्हें निलंबित कर लखनऊ संबद्ध कर दिया था। एसआईटी ने उन्हें जांच के लिए बुलाया था। शनिवार को तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर अपने पति राजेश कुमार और तीन बच्चों के साथ मैनपुरी पहुंची। उनके पहुंचने के बाद शनिवार रात को 11 बजे एसआईटी टीम सुषमा सागर, राजेश कुमार और उनके बड़े बेटे प्रिंस के साथ ही कुछ अन्य स्टाफ को ट्रांजिस्ट हॉस्टल ले आई। यहां एसआईटी प्रमुख आईजी कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल, एसपी अजय कुमार व सीओ एसटीएफ श्यामकांत ने सभी से अलग-अलग रात भर पूछताछ की।
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टीम लगातार ये जानने का प्रयास कर रही थी कि आखिर छात्रा ने प्रधानचार्य से मिलने के लिए अपने मामा को क्यों बुलाया था। क्या बात थी जो छात्रा को परेशान कर रही थी। इसके साथ ही हॉस्टल में छात्रा के साथ हुई घटनाओं पर प्रधानाचार्य ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। सूत्रों के अनुसार एसआईटी के सवालों में तत्कालीन प्रधानाचार्य बुरी तरह उलझी रहीं।
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वहीं उनके बड़े बेटे प्रिंस और पति राजेश कुमार से भी एसआईटी ने पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार छात्रा की मौत के दौरान तत्कालीन प्रधानाचार्य का बड़ा बेटा नवोदय में ही था। ऐसे में एसआईटी लगातार उससे भी पूछताछ करती रही। विद्यालय के अन्य स्टाफ से प्रधानाचार्य के बारे में जानकारी जुटाई गई। रात 11 बजे शुरू हुई पूछताछ सुबह पांच बजे तक चली। सुबह पांच बजे टीम ने सभी को जाने दिया।
शाम को फिर विद्यालय पहुंची टीम
रात भर पूछताछ के बाद भी एसआईटी ने तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर व उनके परिवार को जाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके चलते वे नवोदय विद्यालय में ही रुकी हैं। रविवार को शाम चार बजे आईजी मोहित अग्रवाल और एसपी अजय कुमार फिर नवोदय विद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानाचार्य क्वार्टर का निरीक्षण करने के साथ ही दोबारा तत्कालीन प्रधानाचार्य व उनके परिवार से पूछताछ की। देर रात तक यहां पूछताछ चलती रही।
पूर्व नर्स को किया गया तलब
एसआईटी ने छात्रा के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए पूर्व में तैनात रहीं नर्स शारदा यादव को भी बुलाया है। एक साल पहले उनका स्थानांतरण हो गया था। लेकिन छात्रा की मौत से करीब दो माह पहले वे नवोदय आईं थीं। इसकी जानकारी होने के बाद एसआईटी ने उन्हें भी बुलाया है। सोमवार को उनके विद्यालय पहुंचने की बात कही जा रही है।
क्यों नहीं दी परिजनों को सूचना
नवोदय की तत्कालीन प्रधानाचार्य सुषमा सागर से एसआईटी ने कई सवाल किए। सूत्रों के अनुसार इस दौरान ये भी पूछा कि अगर छात्रा ने आत्महत्या भी की थी तो भी परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई। क्या कारण था कि विद्यालय प्रशासन बिना जानकारी के ही छात्रा को अस्पताल में छोड़ आया। इस सवाल पर प्रधानाचार्य गोल-मोल जवाब देकर बचने का प्रयास करती रहीं।
हॉस्टल में क्या हुआ था मामला
छात्रा के कमरे से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद करने का दावा किया था। इसमें छात्रा द्वारा पूर्व में हुई कुछ घटनाओं का जिक्र किया गया था। एसआईटी ने उन घटनाओं की सत्यता को भी जाना। प्रधानाचार्य से पूछा गया कि जो बातें नोट में लिखीं हैं, उनमें कितनी सत्यता है। क्या पहले कभी ऐसा कुछ हुआ था। आखिर किस बात को लेकर बच्चे छात्रा को तंग कर रहे थे।