{"_id":"5f49d7251b08151dc54a4393","slug":"national-sports-day-agra-players-practice-continued-amid-corona-crisis","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"National Sports Day: कोरोना काल में भी जारी रखा अभ्यास, घर में ही बना लिया 'खेल का मैदान'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
National Sports Day: कोरोना काल में भी जारी रखा अभ्यास, घर में ही बना लिया 'खेल का मैदान'
Sat, 29 Aug 2020 10:40 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 29 Aug 2020 10:40 AM IST
सार
- घरों में ही फिटनेस सेशन कर रहे खिलाड़ी
- घर में ही बना ली शूटिंग रेंज और बैडमिंटन कोर्ट
विज्ञापन
राष्ट्रीय खेल दिवस: घर में अभ्यास कर रहे खिलाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस के कारण पिछले पांच महीनों से खेल के मैदान और स्टेडियम बंद होने से ताजनगरी के खिलाड़ी शुरू में तो मायूस हुए लेकिन फिर उन्होंने खुद ही रास्ता निकाल लिया। निशानेबाजों ने घर में ही शूटिंग रेंज बना ली तो बैडमिंटन खिलाड़ियों ने कोर्ट। इसी तरह मुक्केबाज, टेबल टेनिस और अन्य खेलों के खिलाड़ियों ने अभ्यास जारी रखा। यह खिलाड़ी रोज अभ्यास कर पसीना बहा रहे हैं।
विज्ञापन
निशानेबाज खुशी अदीबा ने बताया कि यह बहुत ही चुनौती भरा समय है। स्टेडियम बंद हैं, शूटिंग रेंज पर ताला लगा है लेकिन अभ्यास जारी रखना है क्योंकि एक बार लय बिगड़ी तो फिर पाना मुश्किल है। इसलिए घर में ही शूटिंग रेंज बना ली। रोज दो से तीन घंटे अभ्यास होता है।
विज्ञापन
बैडमिंटन खिलाड़ी विनोद शीतलानी ने बताया कि स्टेडियम बंद है, इसलिए घर में ही अभ्यास जारी रखा है। लॉकडाउन में कुछ दिन जरूर अभ्यास बंद रहा लेकिन इसके बाद बैडमिंटन कोर्ट घर में ही तैयार कर लिया।
विज्ञापन
अंशकालिक कोच मायूस : पांच माह से मानदेय नहीं
अंशकालिक कोच मायूस हैं क्योंकि कोचिंग बंद है। इस कारण उन्हें मानदेय नहीं मिल रहा। घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। पावर लिफ्टिंग कोच हरदीप सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण नौकरी से लेकर घर तक की प्रबंधन बिगड़ गया है। कार्यकाल का नवीनीकरण भी नहीं हो पाया है। हॉकी कोच अमिताभ गौतम ने बताया कि बेटी बाहर पढ़ाई कर रही थी। कोरोना के कारण उसे घर बुला लिया है। वह अकेले नहीं, सभी कोच काफी परेशान चल रहे हैं।
हॉकी प्रतियोगिता नहीं होने से निराश हैं खिलाड़ी
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की याद में मनाए जाने वाले खेल दिवस पर हर साल एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित होने वाली सब जूनियर जिला हॉकी प्रतियोगिता भी इस बार नहीं हो सकी है। प्रतियोगिता में आठ टीमें हर साल प्रतिभाग करती रही हैं। विजेता टीम को दस हजार रुपये और उप विजेता टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
आगरा हॉकी के अध्यक्ष राजीव सोई ने बताया कि कोरोना ने कई वर्षों से चली आ रही प्रतियोगिता पर विराम लगा दिया है। खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के लिए काफी उत्सुक रहते थे।
हॉकी प्रतियोगिता नहीं होने से निराश हैं खिलाड़ी
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की याद में मनाए जाने वाले खेल दिवस पर हर साल एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित होने वाली सब जूनियर जिला हॉकी प्रतियोगिता भी इस बार नहीं हो सकी है। प्रतियोगिता में आठ टीमें हर साल प्रतिभाग करती रही हैं। विजेता टीम को दस हजार रुपये और उप विजेता टीम को पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है।
आगरा हॉकी के अध्यक्ष राजीव सोई ने बताया कि कोरोना ने कई वर्षों से चली आ रही प्रतियोगिता पर विराम लगा दिया है। खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के लिए काफी उत्सुक रहते थे।