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कार्यालय न बनाया तो ग्राम संगठनों से होगी रिकवरी
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मैनपुरी। राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत बने ग्राम संगठनों ने धनराशि मिलने के बाद भी कार्यालय नहीं बनाया। 452 कार्यालय बनाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। काम पूरा न होने पर उनसे धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत कुल 452 ग्राम संगठन संचालित हैं। इन ग्राम संगठनों को कार्यालय बनाने के लिए शासन की ओर से 75 हजार रुपये की धनराशि दी गई थी। इसमें से 15 हजार रुपये फर्नीचर व कार्यालय स्थापना पर खर्च किया जाना था। बाकी का 50 हजार रुपये अन्य खर्च व रख-रखाव के लिए दिया गया था।
अधिकांश संगठनों ने पांच महीने बीतने के बाद भी कार्यालय नहीं बनाए। विभाग की ओर से उन्हें पत्र भी जारी किए गए, लेकिन इनका कोई असर नहीं हुआ। मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने सभी ग्राम संगठनों को नोटिस जारी कर 15 दिन में कार्यालय बनाने के आदेश दिए हैं।
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ऐसे बनते हैं ग्राम संगठन
राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन द्वारा गांवों में महिलाओं को रोजगार दिलाने के लिए स्वयं सहायता समूह बनाए जाते हैं। इन समूहों को मिलाकर ग्राम संगठन का गठन किया जाता है। ग्राम संगठन की भूमिका समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की होती है।
सभी ग्राम संगठनों को कार्यालय बनाने के लिए धनराशि दी गई थी, लेकिन कार्यालय नहीं बने। अब उन्हें 15 दिन का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद धनराशि की रिकवरी की जाएगी। - ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
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जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन के तहत कुल 452 ग्राम संगठन संचालित हैं। इन ग्राम संगठनों को कार्यालय बनाने के लिए शासन की ओर से 75 हजार रुपये की धनराशि दी गई थी। इसमें से 15 हजार रुपये फर्नीचर व कार्यालय स्थापना पर खर्च किया जाना था। बाकी का 50 हजार रुपये अन्य खर्च व रख-रखाव के लिए दिया गया था।
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अधिकांश संगठनों ने पांच महीने बीतने के बाद भी कार्यालय नहीं बनाए। विभाग की ओर से उन्हें पत्र भी जारी किए गए, लेकिन इनका कोई असर नहीं हुआ। मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया ने सभी ग्राम संगठनों को नोटिस जारी कर 15 दिन में कार्यालय बनाने के आदेश दिए हैं।
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ऐसे बनते हैं ग्राम संगठन
राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन द्वारा गांवों में महिलाओं को रोजगार दिलाने के लिए स्वयं सहायता समूह बनाए जाते हैं। इन समूहों को मिलाकर ग्राम संगठन का गठन किया जाता है। ग्राम संगठन की भूमिका समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की होती है।
सभी ग्राम संगठनों को कार्यालय बनाने के लिए धनराशि दी गई थी, लेकिन कार्यालय नहीं बने। अब उन्हें 15 दिन का अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद धनराशि की रिकवरी की जाएगी। - ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।