आगरा की शक्ति: बुलंद हौसले से अंजली ने अपने सपने को दिए पंख, 21 साल की उम्र में बनीं कराटे चैंपियन
आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। ताजनगरी में ऐसी कई महिलाएं और युवतियां हैं जिन्होंने अपने संघर्ष की बदौलत नई पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अमर उजाला 'आगरा की शक्ति' का परिचय करा रहा है। इन्हीं में से एक हैं अंजलि गौतम, जिन्होंने 21 साल की उम्र में खेल के क्षेत्र में खास मुकाम हासिल किया है।
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मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो हर बाधा पार हो जाती है। परिवार वालों के न चाहते हुए भी बुलंद हौसले से अपने सपने को पूरा कर दिखाया आगरा के सिकंदरा की रहने वाली अंजली गौतम ने। उन्होंने मात्र 21 साल की उम्र में ही खेल के क्षेत्र में खास मुकाम हासिल किया है। उन्होंने 2016 में राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में सोना जीत कर अपनी अलग पहचान बनाई है। सन 2019 से वो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहीं हैं और वर्तमान में दयालबाग से एमकॉम की पढ़ाई कर रही हैं।
संघर्ष: घरवालों से छिपकर जाती थी सीखने
अंजली ने बताया कि उनके लिए यह सब इतना आसान नहीं रहा। शुरुआत में परिवार ने असहमति दिखाई तो तो वे छिपकर प्रशिक्षण के लिए जाने लगी। जब पहली बार जिला स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता तब परिवार का साथ मिला। उन्होंने बताया कि पिता अशोक गौतम उनके इस फैसले के खिलाफ थे। वे चाहते थे कि बेटी पढ़ लिखकर अफसर बने। पर मां बाला गौतम ने हमेशा साथ दिया और आज मां के साथ और मेहनत के बल पर मैं अपने सपनों को साकार कर पा रही हूं।
सपना: ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को प्रशिक्षण देना
अंजलि का कहना है कि मैं ज्यादा से ज्यादा लड़कियों को प्रशिक्षण दे सकूं और उनकी मदद कर सकूं। जैसे मैंने परेशानियां उठाई हैं, वैसी परेशानी किसी भी लड़की को न उठानी पड़े।